आज से शुरू होगी चारधाम यात्रा, इस बार बदल गए हैं नियम, निकलने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड की पावन चारधाम यात्रा का इंतजार अब खत्म होने वाला है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने की तारीखें तय हो चुकी हैं। भक्तों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए आज (19 अप्रैल) से इस यात्रा की शुरुआत हो रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। इस बार बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने कुछ नए नियम बनाए हैं। इन नियमों का पालन करना हर यात्री के लिए जरूरी होगा।
अगर आप भी बाबा के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो इन नियमों और रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।
मंदिर की मर्यादा के लिए नए कड़े नियम
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- मंदिर परिसर के अंदर अब मोबाइल फोन ले जाना मना है।
- मंदिर के 70 मीटर के दायरे में रील नहीं बनेगी।
- फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर भी पूरी पाबंदी रहेगी।
ये फैसला मंदिर की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है। श्रद्धालु अब शांति से बाबा के दर्शन कर सकेंगे। रील बनाने वालों के कारण दूसरों को दिक्कत नहीं होगी।
गैर-सनातनियों के प्रवेश पर सख्त रुख
कपाट खुलने की शुभ तिथियां
- चारधाम यात्रा की तारीखें अक्षय तृतीया से शुरू हो रही हैं।
- यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे।
- केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह खुलेंगे।
- सुबह 8 बजे बाबा केदार के दर्शन शुरू होंगे।
- बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे।
- सुबह 6:15 बजे मंदिर के द्वार खोल दिए जाएंगे।
- हेमकुंड साहिब की तारीखों का ऐलान मई में होने की उम्मीद है।
बाबा केदारनाथ की डोली का पूरा शेड्यूल
केदारनाथ की पंचमुखी डोली 19 अप्रैल को प्रस्थान करेगी। ये डोली ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से रवाना की जाएगी। इस रात (19 अप्रैल) डोली फाटा या गुप्तकाशी रुकेगी। 20 अप्रैल को बाबा की डोली गौरीकुंड पहुंच जाएगी।
21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम में प्रवेश करेगी। इसके बाद 22 अप्रैल को कपाट आम भक्तों के लिए खुलेंगे। भक्त इस डोली यात्रा में शामिल होकर पुण्य कमाते हैं।
केदारनाथ शिवलिंग का पौराणिक रहस्य
केदारनाथ का शिवलिंग बाकी मंदिरों से बिल्कुल अलग दिखता है। ये ज्योतिर्लिंग बैल की पीठ के कूबड़ जैसा है। शिवलिंग त्रिकोणीय आकृति या प्रिज्म जैसा नजर आता है।
इसकी कहानी महाभारत काल के पांडवों से जुड़ी हुई है। पांडव अपने पापों के प्रायश्चित के लिए शिव को खोज रहे थे। शिवजी ने बैल का रूप धरकर उन्हें दर्शन दिए थे। भीम ने जब बैल को पकड़ा, तो वह हिस्सा पत्थर बन गया।
पंचकेदार का आध्यात्मिक महत्व
भगवान शिव के शरीर के पांच हिस्से अलग-अलग जगह प्रकट हुए। इन्हें ही सामूहिक रूप से 'पंचकेदार' कहा जाता है। केदारनाथ के अलावा तुंगनाथ में शिव की भुजाएं हैं।
रुद्रनाथ में मुख और मद्महेश्वर में नाभि की पूजा होती है। कल्पेश्वर में महादेव की जटाओं के दर्शन किए जाते हैं। इन पांचों स्थानों की यात्रा का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है।
ऑनलाइन बुकिंग और रजिस्ट्रेशन
इस साल अब तक 11 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। BKTC की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in से पूजा की ऑनलाइन बुकिंग भी जल्द शुरू होगी। इससे श्रद्धालु घर बैठे अपनी विशेष पूजा बुक कर सकेंगे।
वहीं रास्ते से बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन का फोकस पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने पर है। मौसम खराब होने से चुनौतियां भी काफी बढ़ रही हैं। यात्री अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए यात्रा प्लान करें।
- रजिस्ट्रेशन की शुरुआत: ऋषिकेश में 17 अप्रैल 2026 की सुबह 5 बजे से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे।
- कुल काउंटर्स की संख्या: यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य भर में 69 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं।
- ऋषिकेश में व्यवस्था: ट्रांजिट कैंप और बस अड्डे पर अकेले 34 काउंटर लगाए गए हैं।
- हरिद्वार में सेंटर: हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में 20 काउंटर यात्रियों का पंजीकरण करेंगे।
- अन्य स्थान: विकासनगर (नया गांव) में 8, हर्बटपुर में 7 और श्रीहेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में 4 काउंटर होंगे।
बुजुर्गों के लिए सुविधा
- मोबाइल वैन टीम: बुजुर्गों और धर्मशालाओं में रुके यात्रियों के लिए 30 मोबाइल वैन ऋषिकेश में तैनात रहेंगी।
- लाइन से आजादी: यह टीमें खुद यात्रियों के पास जाकर मोबाइल के जरिए उनका रजिस्ट्रेशन कर देंगी।
- 24 घंटे सर्विस: भीड़ बढ़ने पर काउंटरों को 24 घंटे खुला रखने का भी इंतजाम सरकार ने किया है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तरीके
- वेबसाइट: यात्री registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।
- मोबाइल ऐप: प्ले स्टोर से 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप डाउनलोड कर के भी पंजीकरण संभव है।
- हेलीकॉप्टर बुकिंग: केदारनाथ हेली सेवा के लिए केवल heliyatra.irctc.co.in का ही इस्तेमाल करें।
जरूरी डाक्यूमेंट्स और नियम
- भारतीय यात्री: रजिस्ट्रेशन के लिए Aadhaar Card सबसे जरूरी है।
- विकल्प: आधार न होने पर वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग किया जा सकता है।
- विदेशी यात्री: विदेशी नागरिकों के लिए Passport अनिवार्य दस्तावेज होगा।
- दर्शन की सीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी।
- आयु सीमा: चारधाम यात्रा के लिए किसी भी तरह की कोई उम्र की पाबंदी नहीं रखी गई है।
साइबर ठगों से रहें सावधान
- फेक वेबसाइट्स: सोशल मीडिया पर हेली सेवा और यात्रा पैकेज के नाम पर ठग सक्रिय हो गए हैं।
- पुलिस का अलर्ट: साइबर क्राइम पुलिस और एसटीएफ ने ठगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
- सुरक्षित बुकिंग: किसी भी अनजान लिंक पर पेमेंट न करें और केवल सरकारी वेबसाइट का ही भरोसा करें।
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