चारधाम यात्रा में उमड़ रहा आस्था का सैलाब, खराब मौसम भी नहीं रोक पाया श्रद्धालुओं के कदम

Kaushiki | May 13, 2026, 15:50 IST
चारधाम यात्रा 2026 ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महज 23 दिनों के भीतर 11 लाख से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके हैं। खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
1 7 चारधाम यात्रा 2026
Chardham Yatra 2026

उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में इस समय आस्था का बड़ा संगम दिख रहा है। चारधाम यात्रा शुरू हुए करीब तीन हफ्ते बीत चुके हैं और आंकड़े हैरान करने वाले हैं। लाखों की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन को पहुंच रहे हैं।

2 7 रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं की संख्या
Chardham Yatra 2026

यात्रा शुरू होने के महज 23 दिनों में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 11 लाख पार हो गया। अब तक कुल 32.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले बहुत ज्यादा है जो एक नया रिकॉर्ड है।

3 7 केदारनाथ-बद्रीनाथ में उमड़ा भक्तों का सैलाब
Chardham Yatra 2026

केदारनाथ में अब तक 4.50 लाख और बद्रीनाथ में 2.70 लाख लोग पहुंचे हैं। गंगोत्री में 1.65 लाख और यमुनोत्री में 1.69 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है। धामों में हर दिन औसतन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।

4 7 कड़ाके की ठंड भी नहीं रोक सकी रास्ता
Chardham Yatra 2026

इस बार यात्रा शुरू होते ही भारी बारिश और ठंड का सामना करना पड़ा। ऊंचे पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से तापमान काफी नीचे गिर चुका है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुक रहे हैं और उत्साह बना हुआ है।

5 7 प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
Chardham Yatra 2026

भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के लिए पहली बार एआई आधारित निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल हो रहा है। 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम हर एक गतिविधि पर नजर रख रहा है।

6 7 मंदिर परिसर में कड़े प्रतिबंध
Chardham Yatra 2026

मंदिरों के भीतर भीड़ को संभालने के लिए कतार प्रबंधन को डिजिटल बनाया गया। अब मंदिर के मुख्य परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी गई है। इसका मकसद मंदिर की मर्यादा और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना है।

7 7 ठहरने के लिए जरूरी गाइडलाइंस
Chardham Yatra 2026

पहाड़ी रास्तों पर सुबह 5 से पहले और शाम 7 के बाद गाड़ी मना है। यात्रियों को सलाह है कि वे केवल रजिस्ट्रेशन कराकर ही अपनी यात्रा शुरू करें। मौसम की ताजा रिपोर्ट देखकर ही पहाड़ों की चढ़ाई शुरू करना सबसे सुरक्षित है।