किताबों की जगह हथियार थाम रहे मासूम, देश में तेजी से बढ़ रहे बाल अपराध
Aman Vaishnav | Jul 15, 2026, 14:00 IST
देश में तेजी से बढ़ रहे बाल अपराध
देश में तेजी से बाल अपराध बढ़ते जा रहे हैं। गिरफ्तार होने वाले बच्चों में 97% से अधिक की उम्र 16 से 18 साल के बीच है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- देश में नाबालिग बच्चों के अपराध करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
- NCRB की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस साल में यह आंकड़ा 11.2% बढ़ा है।
- गिरफ्तार किए गए 97% से ज्यादा बच्चे 16 से 18 साल की उम्र के हैं।
- इनमें चोरी, अपहरण और साइबर अपराध सबसे ज्यादा हैं।
- विशेषज्ञ इसके पीछे गरीबी, मोबाइल का गलत इस्तेमाल को बड़ी वजह मानते हैं।
पढ़ने-खेलने की उम्र में अपराध
अपराध की ओर क्यों बढ़ रहे बच्चे
गरीबी में रहने वाले कई बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। ऐसे में वे गलत संगत में पड़कर चोरी जैसे अपराध करने लगते हैं। शिक्षा की कमी से उन्हें सही-गलत का फर्क भी समझ नहीं आता।
आज लगभग हर बच्चे के हाथ में स्मार्टफोन है, लेकिन उसकी निगरानी बहुत कम है। हिंसक गेम, आपत्तिजनक कंटेंट और गलत सोशल मीडिया इस्तेमाल बच्चों का व्यवहार बिगाड़ रहे हैं। साइबर ठग गिरोह भी बच्चों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
संयुक्त परिवार अब कम होते जा रहे हैं। कई घरों में माता-पिता व्यस्त रहते हैं या आपसी विवाद चलता रहता है। ऐसे माहौल में बच्चे अकेलापन महसूस करते हैं और गलत दोस्तों की संगत में आ जाते हैं।
crime-cyber-fraud-cases-increasing-india
बच्चे कैसे बन रहे अपराधियों का हथियार
तकनीकी जानकारी रखने वाले कई किशोरों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में मनी म्यूल के तौर पर किया जा रहा है। दोस्तों के दबाव में कई बच्चे ऑनलाइन ब्लैकमेल, सेक्सटॉर्शन, डीपफेक वीडियो फैलाने और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों में भी शामिल हो जाते हैं।
महिलाओं के खिलाफ साइबर क्राइम में बड़ी बढ़ोतरी
इसी दौरान बच्चों से जुड़े ऑनलाइन शोषण के मामले भी कई गुना बढ़े। समिति के अनुसार आज महिलाओं और बच्चों को इन अपराधों से सबसे ज्यादा खतरा है।
इनमें साइबर स्टॉकिंग, सेक्सटॉर्शन, डीपफेक, ऑनलाइन ब्लैकमेल और फर्जी प्रोफाइल बनाकर परेशान करना शामिल है।
crime-cyber-fraud-cases-increasing-india
समिति ने सरकार को दिए सुझाव
साइबर शक्ति कार्यक्रम का विस्तार कर महिला पुलिसकर्मियों और साइबर सेल को विशेष प्रशिक्षण देने का सुझाव है। साथ ही साइबर मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने की बात कही गई है, ताकि फैसले जल्दी हो सकें।
सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती की सिफारिश
सोशल मीडिया, गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि फर्जी अकाउंट कम हो सकें।
समिति के मुताबिक अगर किसी महिला या बच्चे की आपत्तिजनक फोटो या वीडियो इंटरनेट पर अपलोड होती है, तो उसे 24 घंटे के भीतर हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए। शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी आसान और गोपनीय बनाने की सिफारिश की गई है।
गांवों तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा अभियान
सरकार को ऐसे एडवांस AI टूल विकसित करने चाहिए, जो इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री और महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों की पहचान कर तुरंत ब्लॉक कर सकें। इन टूल्स को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (NCRP) और पुलिस सिस्टम से जोड़ने की सिफारिश की गई है।
एमपी में हर दिन 90 से ज्यादा महिला अपराध
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में 32 हजार 832 महिला अपराध के मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 2023 में ये आंकड़ा 32 हजार 342 था। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में राज्य में हर दिन औसतन 90 से ज्यादा महिला अपराध दर्ज हुए हैं।
FAQ
- . भारत में नाबालिग अपराध कितना बढ़ा है?
NCRB रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस साल में नाबालिग अपराधों में 11.2% की बढ़ोतरी हुई है। गिरफ्तार 97% से ज्यादा बच्चे 16-18 साल के हैं। सबसे ज्यादा मामले चोरी, अपहरण और साइबर अपराध के हैं। - देश में महिलाओं के खिलाफ साइबर क्राइम कितना बढ़ा?
संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2022 के बीच महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध 239% बढ़े। इसी दौरान बच्चों से जुड़े ऑनलाइन शोषण के मामले भी बढ़े। यह आंकड़ा गंभीर चिंता का विषय है। - साइबर अपराध रोकने के लिए सरकार क्या कर सकती है?
संसदीय समिति ने डिजिटल फॉरेंसिक लैब, फास्ट ट्रैक कोर्ट और KYC वेरिफिकेशन जैसे सुझाव दिए हैं। सोशल मीडिया पर AI आधारित कंटेंट मॉनिटरिंग भी अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। ग्रामीण इलाकों में साइबर सुरक्षा एंबेसडर बनाने का सुझाव भी शामिल है।
ये खबरें भी पढ़िए...
MP में हर दिन 90 से ज्यादा महिलाएं बन रहीं अपराध का शिकार, एनसीआरबी की रिपोर्ट में खुलासा
एमपी में आज भी बोझ हैं बेटियां! बच्चों को त्यागने और भ्रूण हत्या के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर
NCRB रिपोर्ट का खुलासा, रेलवे अपराध में मध्यप्रदेश देशभर में दूसरे नंबर पर पहुंचा
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava