ध्रुव राठी की बढ़ीं मुश्किलें: विवादित वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
समझें क्या है पूरा मामला
- यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादित वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।
- अदालत ने सरकार की शिकायत अपीलीय समिति को 15 दिन में फैसला लेने को कहा है।
- यह मामला 21 मार्च को अपलोड किए गए एक वीडियो से जुड़ा है।
- वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े दावों पर आपत्ति जताई गई है।
- केंद्र सरकार ने भी इसे समाज में फूट डालने वाला कंटेंट बताया है।
क्या है पूरा विवाद
यह मामला फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी के 21 मार्च 2026 को अपलोड हुए एक यूट्यूब वीडियो से जुड़ा है। वीडियो का शीर्षक हिंदू धर्म में मांसाहार से जुड़े सवाल और केरल स्टोरी 2 से जुड़ा बताया जा रहा है।
याचिकाकर्ता वकील अमिता सचदेवा ने आरोप लगाया कि वीडियो में भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण से जुड़े कथित विवादित दावे किए गए हैं। उनका कहना है कि इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
GAC को मिला 15 दिन का समय
सुनवाई के दौरान गूगल की तरफ से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी अपना जवाब याचिकाकर्ता को पहले ही दे चुकी है।
साथ ही इस मामले में शिकायत अपीलीय समिति (GAC – Grievance Appellate Committee) के सामने अपील भी दायर की जा चुकी है। इसके बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने GAC को 15 दिन के भीतर अपील पर फैसला लेने का सख्त निर्देश दिया।
कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
अदालत ने साफ कहा कि उसके आदेश की किसी भी तरह की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा। हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल वीडियो हटाने पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अब पूरे मामले की नजर आगामी 15 दिनों में आने वाले GAC के फैसले पर टिकी है।
सरकार का क्या है रुख
केंद्र सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत में कहा कि यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी। उनका तर्क था कि आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाला कंटेंट तुरंत हटाया जाना चाहिए। सरकार ने इस वीडियो को समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया है। सरकार ने अदालत से कहा कि या तो गूगल खुद वीडियो हटाए, या कोर्ट उचित आदेश जारी करे।
GAC क्या करती है
शिकायत अपीलीय समिति एक सरकारी व्यवस्था है, जो सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करती है। अगर कोई प्लेटफॉर्म किसी शिकायत पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं करता, तो उपयोगकर्ता GAC के पास अपील कर सकता है। इसी व्यवस्था के तहत ध्रुव राठी के वीडियो के खिलाफ अपील दायर की गई है।
आगे क्या होगा
अब सबकी नजर इस बात पर है कि GAC 15 दिन के भीतर क्या फैसला सुनाती है। अगर समिति वीडियो हटाने का आदेश देती है, तो गूगल को उसका पालन करना होगा। वहीं अगर अपील खारिज होती है, तो मामला आगे भी अदालत में जारी रह सकता है। हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए रखने का संकेत दिया है।
ध्रुव राठी का विवादों से रहा है नाता
ध्रुव राठी इससे पहले भी अपने वीडियो को लेकर विवादों में रह चुके हैं। बीते समय में उनके खिलाफ मानहानि से जुड़े मामले भी दर्ज हुए हैं। हालांकि वर्तमान मामला सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं से जुड़ी शिकायत पर केंद्रित है, जो पहले के विवादों से अलग है।
FAQ
- दिल्ली हाईकोर्ट ने किस मामले पर आदेश दिया है?
कोर्ट ने ध्रुव राठी के एक विवादित वीडियो को हटाने की अपील पर GAC को 15 दिन में फैसला लेने का निर्देश दिया है। - क्या हाईकोर्ट ने वीडियो हटाने का आदेश दिया है?
नहीं, अभी अंतिम फैसला नहीं आया है। यह फैसला अब शिकायत अपीलीय समिति को लेना है। - GAC क्या भूमिका निभा रही है इस मामले में?
GAC को अदालत के निर्देश पर 15 दिन के भीतर वीडियो हटाने वाली अपील पर निर्णय देना है।
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