सीजेपी के बाद अब E20 जनता पार्टी मैदान में, चाहिए 100% शुद्ध पेट्रोल

Pawan Modiya | Jul 26, 2026, 23:20 IST
e20 जनता पार्टी
सीजेपी के बाद सोशल मीडिया पर E20 जनता पार्टी नाम की नई मुहिम शुरू हुई है। इस ग्रुप की मांग है कि ग्राहकों को E20 के साथ 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी मिले।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • सीजेपी के बाद अब सोशल मीडिया पर नई मुहिम शुरू हुई है।
    • इसका नाम है E20 जनता पार्टी।
    • यह ग्रुप खुद को कंज्यूमर राइट कैंपेन बताता है।
    • मांग है, ग्राहकों को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल का विकल्प मिले।
    • यह अभी औपचारिक संगठन नहीं, सिर्फ डिजिटल कैंपेन है।

    सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के बाद एक नई मुहिम शुरू हुई है। यह मुहिम भी सोशल मीडिया पर सक्रिय है। इसका नाम है E20 जनता पार्टी। एक सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, यह खुद को कंज्यूमर राइट कैंपेन बताता है।



    इस ग्रुप की एक ही मांग है। ग्राहकों को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल का विकल्प मिले। यह फिलहाल कोई औपचारिक संगठन नहीं है। यह अभी सिर्फ एक डिजिटल कैंपेन है। यह एक्स और इंस्टाग्राम पर सक्रिय है।



    E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पहले भी सुर्खियों में रहा है। हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल हुई थी। छात्रों के आंदोलन की भी खूब चर्चा रही। इसी बीच इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।



    पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा था। इसका नतीजा यह रहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब सोशल मीडिया पर एक नई पार्टी सामने आई है। इसका नाम E20 जनता पार्टी है। इस ग्रुप की सिर्फ एक मांग है। हर पेट्रोल पंप पर E20 के साथ शुद्ध पेट्रोल भी मिलना चाहिए।



    क्या है E20 जनता पार्टी

    एक पोस्ट के मुताबिक, यह ग्रुप खुद को नागरिकों का कैंपेन बताता है। इसके लिए एक्स पर एक हैंडल भी बनाया गया है। ग्रुप का दावा है कि ईंधन नीति में पारदर्शिता जरूरी है। उनका कहना है कि सही जानकारी भी जरूरी है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की पसंद का सम्मान होना चाहिए। पोस्ट के मुताबिक, दूसरे प्रोडक्ट्स में लोगों को विकल्प मिलता है। ग्रुप चाहता है कि पेट्रोल में भी यही विकल्प मिले। समूह ने अपने पोस्ट में लिखा कि गाड़ियां टेस्ट मशीन नहीं हैं। उनका कहना है, लोगों ने मेहनत की कमाई से ये गाड़ियां खरीदी हैं।



    सीजेपी से मिलता-जुलता अंदाज

    E20 जनता पार्टी का अंदाज कॉकरोच जनता पार्टी जैसा है। यह भी सोशल मीडिया के जरिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। इसमें मीम्स और व्यंग्य का भी सहारा लिया जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। यह शुरुआत में एक सटायर कैंपेन थी। बाद में यह नीट पेपरलीक मामले में बड़े आंदोलन में बदल गई। इसमें देशभर के छात्रों और छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया था।



    E20 जनता पार्टी ने भी उसी शैली को अपनाया है। इस ग्रुप ने अभिजीत दिपके की 16 मई की पोस्ट भी शेयर की। उस पोस्ट में सवाल था, अगर सारे कॉकरोच एक हो जाएं तो क्या होगा। इसी तर्ज पर E20 जनता पार्टी ने भी एक सवाल पूछा। उन्होंने पूछा, अगर सारे बाइक और कार मालिक एक हो जाएं तो क्या होगा।



    ग्रुप की मुख्य मांगें

    इस समूह के मुताबिक, वह सब्सिडी बंद करने की मांग नहीं कर रहा। ग्रुप फ्री फ्यूल बंद करने की भी मांग नहीं कर रहा। यह इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बंद करने की भी मांग नहीं है। समूह का कहना है कि वह सिर्फ विकल्प चाहता है। पोस्ट के मुताबिक कई वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी बताई है। कुछ ने इंजन खराबी की भी शिकायत की है। कुछ ने बढ़ते मेंटेनेंस खर्च की शिकायत भी की है।



    ग्रुप ने हर फ्यूल की साफ लेबलिंग की मांग की है। साथ ही फ्यूल ब्लेंड पर सार्वजनिक डेटा जारी करने की मांग है। समूह चाहता है कि माइलेज और प्रदूषण पर रिसर्च हो। यह रिसर्च किसी स्वतंत्र संस्था से कराई जाए। ग्रुप का कहना है, नागरिकों को पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। इसी जानकारी के आधार पर उन्हें फैसला लेने का हक मिले।



    अभी औपचारिक संगठन नहीं

    E20 जनता पार्टी फिलहाल कोई औपचारिक संगठन नहीं है। इसका कोई घोषित संस्थापक अब तक सामने नहीं आया है। इसका कोई पंजीकृत संगठन भी नहीं है। सड़क पर इसका कोई बड़ा आंदोलन भी शुरू नहीं हुआ है। यह फिलहाल सिर्फ एक डिजिटल अभियान के रूप में सक्रिय है। एक्स और इंस्टाग्राम पर लोग तेजी से इस कैंपेन से जुड़ रहे हैं।



    क्यों अहम है यह मुद्दा

    E20 पेट्रोल को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। हाल ही में राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर सवाल उठे थे। मंत्री सुरेश गोपी ने इंजन और माइलेज से जुड़े सवालों के जवाब दिए। छत्तीसगढ़ की एक उपभोक्ता अदालत ने भी बड़ा फैसला सुनाया था। सरकार का कहना है, फिलहाल शुद्ध पेट्रोल बहाल करने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में यह नया सोशल मीडिया कैंपेन बहस को और गरम कर सकता है। यह मुद्दा पेट्रोल पंप से लेकर सरकार की ईंधन नीति तक पहुंच चुका है।



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