हीटवेव को लेकर केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी- तपती दोपहर में अब नहीं होगा काम
देशभर में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने आम जनजीवन बेहाल कर दिया है। आसमान से बरसती आग के बीच सबसे ज्यादा बुरा हाल उन श्रमिकों का है, जो खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बढ़ते तापमान और हीटवेव के बीच कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाएं।
वर्किंग ऑवर्स में होगा बदलाव
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय (केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया) ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि काम के घंटों को फिर से तय किया जाए। सलाह दी गई है कि जब गर्मी अपने चरम पर हो, उस दौरान काम को रोक दिया जाए या उसकी गति धीमी कर दी जाए।
सरकार का मानना है कि श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है, ताकि उन्हें लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।
ठंडा पानी और रेस्ट जोन अनिवार्य
केंद्र ने नियोक्ताओं, उद्योगों और निर्माण कंपनियों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। अब कार्यस्थलों पर पर्याप्त पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करनी होगी। इसके साथ ही, मजदूरों के बैठने के लिए छायादार विश्राम क्षेत्र बनाने और उन जगहों को ठंडा रखने के लिए कूलर या पंखों की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
सरकार ने साफ किया है कि निर्माण स्थलों पर आपातकालीन बर्फ की थैलियां और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव की सामग्री भी मौजूद होनी चाहिए।
खदान और ईंट भट्ठा मजदूरों के लिए विशेष नियम
एडवाइजरी में उन क्षेत्रों पर खास ध्यान देने को कहा गया है जहां श्रम अधिक लगता है। खदान प्रबंधन को सलाह दी गई है कि जहां लगातार काम करना जरूरी हो, वहां दो-सदस्यीय दल नियुक्त किए जाएं ताकि एक-दूसरे को ब्रेक मिल सके।
इसके अलावा ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल बिठाने की भी सिफारिश की गई है।
जारी होंगे हेल्पलाइन नंबर
मंत्रालय ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे श्रमिक चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाएं। कामगारों को गर्मी से बचने के तरीके समझाने के लिए पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे। इन पोस्टरों पर आपातकालीन संपर्क विवरण भी लिखे होंगे, ताकि किसी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत मेडिकल मदद पहुंचाई जा सके।
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