पंजाब सरकार पर भड़के हरभजन सिंह, गद्दार लिखे जाने पर उठाए सवाल
News in Short
- हरभजन सिंह ने सुरक्षा हटाए जाने के फैसले को चुनौती दी।
- उनके घर के बाहर 'गद्दार' शब्द लिखा गया था।
- हाईकोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
- पंजाब सरकार ने 22 अप्रैल को उनकी सुरक्षा वापस ली थी।
- केंद्र सरकार ने उन्हें फिर से CRPF सुरक्षा प्रदान की।
News in Detail
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने अपनी सुरक्षा हटाए जाने के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की। साथ ही, कोर्ट से अनुरोध किया कि उनके घर के बाहर 'गद्दार' लिखने की घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
'गद्दार' लिखने की घटना
हरभजन सिंह ने अपनी याचिका में सवाल उठाया है कि किस आधार पर उनकी सुरक्षा हटाई गई थी। उन्होंने बताया कि उनके घर के बाहर 'गद्दार' शब्द लिख दिया गया था, जिससे उनके परिवार को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, कुछ लोगों ने उनके घर पर हमला करने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद उन्होंने पंजाब और केंद्र सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट का निर्देश
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार से नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि सुरक्षा की समीक्षा किस आधार पर की गई और सुरक्षा हटाने का निर्णय क्यों लिया गया। इसके अलावा, 'गद्दार' लिखे जाने की घटना पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई।
सुरक्षा बहाली की मांग
हरभजन सिंह की सुरक्षा 22 अप्रैल 2026 को पंजाब सरकार द्वारा वापस ले ली गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा प्रदान की। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा।
हरभजन को फिर मिली सुरक्षा
पंजाब सरकार ने 22 अप्रैल 2026 को हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी। लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें फिर से CRPF सुरक्षा दी है। इस फैसले के बाद विवाद बढ़ गया है और अब हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हो रही है। सरकार को 12 मई तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर
हरभजन सिंह ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा। 2022 में उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन की और राज्यसभा के लिए नामित हुए। उन्हें बिना विरोध के निर्वाचित किया गया और 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। हालांकि, हाल ही में पार्टी के भीतर विवाद उत्पन्न हुआ, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 24 अप्रैल को उन्हें फोन किया, लेकिन हरभजन ने कॉल का जवाब नहीं दिया। फिलहाल वे आईपीएल के लिए कमेंट्री कर रहे हैं और इस वक्त मुंबई में हैं।
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