महिलाओं के लिए यूरिन रोकना खतरनाक, बढ़ सकता है किडनी फेलियर का रिस्क
Health Update. अक्सर महिलाएं ऑफिस की व्यस्तता, सफर के दौरान ट्रैफिक या गंदे पब्लिक टॉयलेट्स के डर से घंटों तक यूरिन रोककर रखती हैं। सुनने में यह बात सामान्य लग सकती है, लेकिन बार-बार ऐसा करना शरीर के अंदर एक गंभीर बीमारी को न्यौता देने जैसा है।
डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक यूरिन होल्ड करने से न केवल ब्लैडर कमजोर होता है, बल्कि यह किडनी फेलियर जैसी स्थितियों का कारण भी बन सकता है। आज इस खबर में जानेंगे कि एक छोटी सी लापरवाही सेहत पर कितनी भारी पड़ सकती है।
यूरिन रोकने से क्या होता है?
जब कोई महिला बहुत देर तक यूरिन को होल्ड करती है, तो ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ब्लैडर एक थैलीनुमा अंग है जिसकी अपनी एक क्षमता होती है। यूरिन (Urine) न निकालने की स्थिति में इसकी मांसपेशियां ओवर-स्ट्रेच हो जाती हैं।
इससे न केवल मांसपेशियों में कमजोरी आती है, बल्कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके चलते पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द और बार-बार पेशाब आने की समस्या शुरू हो सकती है।
ब्लैडर ही नहीं, किडनी पर भी होता है प्रहार
क्या आप जानती हैं कि यूरिन रोकने का असर सीधे आपकी किडनी पर भी पड़ सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि जब यूरिन बाहर नहीं निकलता, तो प्रेशर ऊपर की ओर बढ़ता है।
- हाइड्रोनेफ्रोसिस: यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें यूरिन वापस किडनी में जमा होने लगता है, जिससे किडनी में सूजन आ जाती है।
- पाइलोनअफ्राइटिस: यह किडनी का गंभीर संक्रमण है, जो अक्सर बिगड़े हुए यूटीआई (UTI) के कारण होता है।
इन 6 बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा
लंबे समय तक यूरिन जमा रहने से शरीर में कई जटिलताएं पैदा होती हैं-
- UTI का खतरा: ब्लैडर में रुका हुआ यूरिन बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे सुरक्षित जगह बन जाता है।
- लीकेज की समस्या: बार-बार मसल्स स्ट्रेच होने से यूरिन कंट्रोल खो सकता है, जिससे अचानक यूरिन निकल जाने की समस्या हो सकती है।
- ब्लैडर स्टोन (Pathri): यूरिन में मौजूद मिनरल्स लंबे समय तक जमा रहने पर क्रिस्टल बन जाते हैं, जो बाद में पथरी (Stone) का रूप ले लेते हैं।
- पेल्विक फ्लोर डैमेज: पेल्विक एरिया की मांसपेशियों की प्राकृतिक लय बिगड़ने लगती है।
- दर्द और भारीपन: पेट के निचले हिस्से में हमेशा असहजता महसूस होती है।
- किडनी डैमेज: संक्रमण बढ़ने पर किडनी फंक्शन स्थाई रूप से प्रभावित हो सकता है।
प्रेग्नेंसी में यूरिन रोकना पड़ सकता है भारी
गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी नाजुक होती है। गर्भावस्था के दौरान यूरिन रोकने से यूटीआई का जोखिम बढ़ता है। यदि यह इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाए, तो यह समय से पहले डिलीवरी का एक बड़ा कारण बन सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को हाइजीन और समय पर यूरिन पास करने का खास ख्याल रखना चाहिए।
कितनी देर तक यूरिन रोकना सेफ है?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के सुझावों के अनुसार, स्वस्थ रहने के लिए हर 3 से 4 घंटे में यूरिन (यूरिन टेस्ट) पास करना आदर्श माना जाता है। टॉयलेट हाइजीन के बेसिक टिप्स-
- यूरिन आने पर उसे टालें नहीं, तुरंत जाएं।
- पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकलते रहें।
- लंबे समय तक एक जगह बैठने से बचें, क्योंकि इससे पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो कम हो जाता है।
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