Gen-Z को IAS-IPS-IFS अफसर देंगे सफलता का मंत्र, सरकार ने की पहल

Sandeep Kumar | Aug 08, 2026, 22:21 IST
Gen-Z को IAS-IPS-IFS
सरकार ने Gen-Z के लिए नई पहल शुरू की है। अब IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में जाएंगे। हर महीने कम से कम एक स्कूल का दौरा होगा। छात्रों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं पर मार्गदर्शन मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • यूपी सरकार ने छात्रों के लिए नई पहल शुरू की।
  • IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूल जाएंगे।
  • हर महीने स्कूलों में संवाद कार्यक्रम होंगे।
  • छात्रों को करियर और परीक्षा मार्गदर्शन मिलेगा।
  • साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन पर चर्चा होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों के करियर मार्गदर्शन (Career Guidance) के लिए नई पहल शुरू की है। अब युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने इंटरमीडिएट स्कूलों में जाकर Gen-Z से संवाद करेंगे। अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और जीवन कौशल से जुड़े विषयों पर छात्रों को मार्गदर्शन देंगे।



क्यों शुरू हुई यह पहल

सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए यह कदम उठाया है। इसका मकसद छात्रों को उच्च शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है।



इसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS – Indian Administrative Service), भारतीय पुलिस सेवा (IPS – Indian Police Service) और भारतीय वन सेवा (IFS – Indian Forest Service) के युवा अधिकारी हर महीने कम से कम एक इंटरमीडिएट स्कूल जाएंगे। वहां वे छात्रों से सीधे संवाद करेंगे।



अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इसके सही क्रियान्वयन के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा को निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्तों को भी समय-समय पर समीक्षा करने को कहा गया है।



हर महीने होगा स्कूलों में दौरा

मुख्य सचिव के निर्देश के मुताबिक हर जिले में तैनात युवा अधिकारी हर महीने कम से कम एक विद्यालय का दौरा करेंगे। इस दौरान वे अपने अनुभव और जीवन संघर्ष की कहानी छात्रों से साझा करेंगे।



इसका उद्देश्य छात्रों को प्रेरित करना है। साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना और सही दिशा देना भी इसमें शामिल है।



प्रतियोगी परीक्षाओं पर मिलेगा मार्गदर्शन

संवाद कार्यक्रमों में छात्रों को यूपीएससी (UPSC – Union Public Service Commission), यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एसएससी, एनडीए, आईआईटी-जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं की जानकारी मिलेगी।



राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षाओं और शिक्षा सेवा चयन आयोग से जुड़ी परीक्षाओं पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। छात्रों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी।



साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन पर भी बात

सरकार ने इस कार्यक्रम को सिर्फ पढ़ाई और नौकरी तक सीमित नहीं रखा है। संवाद में वित्तीय कौशल, संचार कौशल, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और तनाव प्रबंधन जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं।



अधिकारियों के निजी अनुभव से छात्रों को असल जिंदगी की चुनौतियां समझने में मदद मिलेगी। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने की भी कोशिश की जाएगी।



हर महीने भेजनी होगी रिपोर्ट

जिलाधिकारी हर महीने कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे। सभी युवा अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।



हर महीने की 5 तारीख तक कार्यक्रमों का विवरण माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजना होगा। रिपोर्ट में स्कूल का नाम, भ्रमण की संख्या और छात्रों के सुझाव शामिल किए जाएंगे।



FAQ

  1. यूपी सरकार की यह नई पहल क्या है?
    अब IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने स्कूलों में जाकर छात्रों से करियर पर संवाद करेंगे। इसका मकसद छात्रों को सही दिशा देना है।
  2. छात्रों को किन विषयों पर जानकारी मिलेगी?
    छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता की जानकारी मिलेगी। साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन पर भी बात होगी।

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