6 साल से अटकी डिग्री! अंधेरे में गोते लगा रहा नर्सिंग स्टूडेंट्स का भविष्य

Sanjay Sharma | Aug 08, 2026, 21:28 IST
Share
6 साल से अटकी नर्सिंग छात्रों की डिग्री
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. एनएसओ छात्र संगठन ने नर्सिंग काउंसिल भोपाल पर धरना शुरू किया। 2020-23 में मान्यता वाले कॉलेजों के स्टूडेंट्स की डिग्री 6 साल से अटकी, रिजल्ट नहीं और 6 साल से स्कॉलरशिप भी बंद है।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • 2020-23 में मान्यता वाले नर्सिंग कॉलेज हाईकोर्ट में फर्जी निकले।
  • SC, ST, OBC और EWS छात्रों को 6 साल से नहीं मिली स्कॉलरशिप।
  • नर्सिंग कॉलेजों को वापस मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग।
  • फर्जी निरीक्षण करने वाले अधिकारियों पर FIR और गिरफ्तारी की मांग।
  • मांगें न मानने पर भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव की चेतावनी।
मध्यप्रदेश की नर्सिंग शिक्षा में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एनएसओ छात्र संगठन द्वारा मंगलवार से नर्सिंग काउंसिल भोपाल के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया।

संगठन का आरोप है कि सरकार और काउंसिल की लापरवाही के कारण हजारों नर्सिंग स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक गया है। प्रदेश के 700 नर्सिंग कॉलेजों में से फर्जी घोषित 500 से ज्यादा कॉलेजों के छात्रों का भविष्य अंधेरे में डूबा जा रहा है। ऐसे छात्र 10 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन करने का रहे हैं।

6 साल बाद भी नहीं हुआ समाधान

संगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर ने बताया कि 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में जिन नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई थी, उनमें स्टूडेंट्स ने एडमिशन ले लिया।

बाद में हाईकोर्ट में फर्जीवाड़े का केस चलने पर सैकड़ों कॉलेजों को अपात्र घोषित कर दिया गया। नतीजा ये हुआ कि 6-7 साल बीत जाने के बाद भी छात्रों की फाइनल ईयर की परीक्षा नहीं हो पाई है और पुराने वर्षों के रिजल्ट भी नहीं आए हैं।

स्कॉलरशिप और आरक्षण पर भी सवाल

प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि पिछले 6 साल से SC, ST, OBC छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिली है।

जनरल वर्ग के EWS छात्रों को भी स्कॉलरशिप देने की मांग कई बार की गई लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी निरीक्षण कर मान्यता देने वाले अधिकारियों पर अब तक FIR तक नहीं हुई।

मेडिकल यूनिवर्सिटी से जोड़ने की मांग

संगठन ने मांग की है कि नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय यूनिवर्सिटीज से हटाकर वापस मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ा जाए।

प्रदेश महासचिव सचिन खींची ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी की डिग्री की वैल्यू ज्यादा होती है और विदेशों में नौकरी आसानी से मिलती है। छात्रों की मांग है कि अगर जल्द रिजल्ट जारी नहीं हुए तो भूख हड़ताल और विधानसभा परिसर का घेराव करेंगे।

गलती मान्यता देने वालों की छात्रों से खिलवाड़

प्रदेश में 2020 तक 700 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेजों को मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल द्वारा मान्यता दी गई थी। इनमें न केवल मध्य प्रदेश बल्कि देश भर के राज्यों के छात्र बीएससी नर्सिंग और जीएनएम कोर्स की पढ़ाई कर रहे थे। कॉलेजों की स्थिति और उनमें मौजूद संसाधनों को काउंसिल ने जांचे बिना सीटें दी।

ऐसे कॉलेजों को सीबीआई जांच में फर्जी पाया गया। जिसका खामियाजा अब 50 हजार से ज्यादा छात्र भुगत रहे हैं। जबकि गाइड लाइन और नियमों को ताक पर रख कर मान्यता देने वाले नर्सिंग काउंसिल के अधिकारी मजे में हैं। अब फिर काउंसिल ने मान्यता देना शुरू कर दिया जिसमें पूर्व में फर्जी पाये जाने वाले कॉलेज भी हैं।

FAQ

  1. नर्सिंग स्टूडेंट्स का विरोध क्यों है?
    2020-23 में मान्यता प्राप्त कॉलेजों को हाईकोर्ट ने फर्जी मानकर अपात्र घोषित कर दिया। इससे स्टूडेंट्स की डिग्री, परीक्षा और रिजल्ट 6 साल से अटके हैं।
  2. स्कॉलरशिप को लेकर क्या मांग है?
    SC, ST, OBC छात्रों को पिछले 6 साल से स्कॉलरशिप नहीं मिली। साथ ही जनरल EWS छात्रों को भी स्कॉलरशिप देने की मांग की जा रही है।
  3. संगठन आगे क्या करेगा?
    एनएसओ ने चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो संगठन भूख हड़ताल करेगा और विधानसभा का घेराव भी करेगा।
ये खबरें भी पढ़ें...

एमपी में नर्सिंग कॉलेज के हाल बेहाल, कागजों पर चल रहा इलाज, जमीन पर सन्नाटा

नर्सिंग घोटाला: कॉलेज खुलता तो भविष्य बनता, कोर्ट कचहरी में लुटाए 6.62 करोड़!

झूठा शपथ पत्र देकर बने प्रोफेसर, तीन नर्सिंग प्रोफेसर अयोग्य घोषित

नर्सिंग भर्ती : पुरुषों को मौका न देने पर हाईकोर्ट सख्त, अफसरों से मांगा जवाब

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • भोपाल
  • आरक्षण
  • नर्सिंग कॉलेज
  • नर्सिंग स्टूडेंट्स
  • नर्सिंग काउंसिल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई