हर आदमी खा रहा साल में 24 किलो तेल, तीन गुना बढ़ी खाद्य तेल खपत

Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 23, 2025, 12:07 IST
Cooking oil
भारत में 2025 में प्रति व्यक्ति खपत 24 किलोग्राम हो चुकी है। यह ICMR द्वारा अनुशंसित 12 किग्रा से दोगुना से भी अधिक है। 2001 में प्रति व्यक्ति खपत जहां 8.2 किलोग्राम थी

पिछले दो दशकों में भारत में प्रति व्यक्ति खाद्य तेल की खपत तीन गुना तक बढ़ चुकी है। यह न केवल देश के स्वास्थ्य संकेतकों पर असर डाल रही है, बल्कि आयात पर हमारी निर्भरता भी बढ़ा रही है। आइए विस्तार से समझते हैं इस ट्रेंड के पीछे की वजहें, इसके जोखिम और इससे निपटने के प्रयास। 2001 में प्रति व्यक्ति खपत जहां 8.2 किलोग्राम थी वहीं 2025 में प्रति व्यक्ति खपत 24 किलोग्राम हो चुकी है। यह ICMR द्वारा अनुशंसित 12 किग्रा से दोगुना से भी अधिक है। इससे खाद्य तेल बाजार (Cooking Oil Marketing) पनप रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तेल की खपत से न केवल मोटापा बढ़ता है, बल्कि यह हृदय रोग, फैटी लीवर और टाइप-II डायबिटीज जैसी बीमारियों का भी कारण बनता है। टियर-I से लेकर टियर-III शहरों तक तेलयुक्त भोजन की खपत बढ़ रही है।

भारत की खाद्य तेल निर्भरता: कहां से कितना आता है तेल?

देश में सालाना 25-26 मिलियन टन खाद्य तेल की खपत होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन सिर्फ 11 मिलियन टन तक सीमित है। यानी 60% तेल आयात किया जाता है। पाम ऑयल (Palm Oil) इंडोनेशिया से आयात किया जाता है जबकि सोयाबीन तेल ब्राज़ील, अर्जेंटीना और सूरजमुखी तेल (Sunflower Oil) रूस, यूक्रेन से आयात किया जाता है। होटल-रेस्टोरेंट और रेडी-टू-ईट उत्पादों में सबसे अधिक पाम तेल का उपयोग होता है।

कौन सा तेल सबसे ज़्यादा खाया जा रहा है?

oil consumption in india

ये भी पढ़ें: यूपी में मिला खजाना, जमीन के नीचे से निकला तेल का भंडार, ONGC ने की पुष्टि

इससे जुड़ी प्रमुख बीमारियां

मोटापा (Obesity) हृदय रोग (Heart Diseases) टाइप-II डायबिटीज (Type-2 Diabetes) फैटी लीवर (Fatty Liver) ये भी पढ़ें: आईसीएमआर ने दी चेतावनी, 3 साल में 12.7 फीसद बढ़ सकते हैं कैंसर मरीज, धूम्रपान-शराब-तंबाखू और मोटापा बड़ी वजह तरबूज से किडनी - लिवर हो सकता है खराब , कैंसर की भी आशंका , ऐसे पहचानें केमिकल वाला watermelon, देखें वीडियो

सरकारी योजनाएं

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (NMEO) के तहत सरकार ने दो योजनाएं शुरू की हैं। NMEO-OS (तेल बीज मिशन) जिसका लक्ष्य 2030 तक तिलहन उत्पादन 70 मिलियन टन तक पहुँचाना है। इसका बजट ₹10,103 करोड़ रुपए है। NMEO-OP (पाम ऑयल मिशन) का लक्ष्य घरेलू पाम ऑयल उत्पादन बढ़ाना है। इसका बजट ₹11,040 करोड़ है।

तेल कम खाएं, स्वास्थ्य बचाएं

विश्व लीवर दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल की खपत में 10% की कटौती का समर्थन किया और जीवनशैली में छोटे बदलावों को जरूरी बताया।



FAQ

  1. 1. भारत में ICMR द्वारा खाद्य तेल की कितनी खपत की सिफारिश की गई है?
    आईसीएमआर ने प्रति व्यक्ति वार्षिक 12 किलोग्राम तेल की खपत की सीमा तय की है।
  2. 2. अधिक तेल खाने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
    अत्यधिक तेल से मोटापा, हृदय रोग, फैटी लीवर और टाइप-II डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
  3. 3. भारत अपने खाद्य तेल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किन देशों पर निर्भर है?
    3. भारत अपने खाद्य तेल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किन देशों पर निर्भर है? भारत इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम ऑयल, ब्राज़ील और अर्जेंटीना से सोयाबीन तेल और रूस-यूक्रेन से सूरजमुखी तेल आयात करता है।

thesootr links



Tags:
  • मोटापा
  • आयात
  • डायबिटीज
  • cooking oil market
  • Fatty liver
  • खाद्य तेल