National Sports 2025 : जानिए भारत के उन महान खिलाड़ियों के बारे मेें जिन्होंने ओलंपिक में रचा इतिहास
भारत के कई महान खिलाड़ियों ने ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया। मेजर ध्यानचंद, बलबीर सिंह सीनियर, मिल्खा सिंह, जैसे महान खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की।
हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 ओलंपिक में भारत को गोल्ड जिताया। उनके खेल प्रदर्शन ने दुनिया को हैरान कर दिया। मेजर ध्यानचंद के सम्मान में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है।
बलबीर सिंह सीनियर ने 1948 में भारत को हॉकी में गोल्ड मेडल दिलवाया। यह भारत की आजादी के बाद पहला गोल्ड मेडल था, जो देश के लिए गर्व का पल था।
1952 में खाशाबा दादासाहेब जाधव ने ओलंपिक में व्यक्तिगत मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। यह भारत के लिए एक बड़ी जीत थी।
मिल्खा सिंह अपनी तेज दौड़ के लिए मशहूर थे और उन्हें "फ्लाइंग सिख" के नाम से भी जाना जाता है। 1960 में, मिल्खा सिंह ओलंपिक ट्रैक के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय थे।
अजीत पाल सिंह एक महान हॉकी खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता और खेल कला से कई बार भारत को जीत दिलाई। 1975 में, उन्होंने भारत को अपनी कप्तानी में पहला वर्ल्ड कप जिताने में मदद की थी।
कपिल देव एक महान क्रिकेट खिलाड़ी थे, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए प्रसिद्ध थे। 1983 में, उन्होंने भारत को बतौर कप्तान पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाया।
लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीता। यह 44 साल बाद भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक था और वह ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय टेनिस खिलाड़ी बने।
कर्णम मल्लेश्वरी ने 2000 के सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला एथलीट बनीं। उन्होंने 69 किलोग्राम भार वर्ग में 240 किलोग्राम वजन उठाया।
साइना नेहवाल ने 2012 के लंदन ओलंपिक में महिला बैडमिंटन में कांस्य पदक जीता। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।