वित्तीय वर्ष 2025 में चंदे में भारी बढ़ोतरी, BJP का हिस्सा हुआ 91% से ज्यादा
भारत में राजनीति के लिए मिलने वाली फंडिंग के आंकड़े ने एक बार फिर राजनीति में धन के प्रभाव को उजागर किया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय पार्टियों को 20 हजार रुपए से ज्यादा की कुल 11 हजार 343 चंदे मिली, जिनकी कुल रकम 6,648.563 करोड़ रुपए थी। इनमें से BJP को 5,522 चंदों से 6,074.015 करोड़ रुपए मिले, जो कुल चंदे का 91% से अधिक है।
बीजेपी का चंदा सबसे ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार इसी अवधि में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (CPI-M) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) को मिले चंदे की कुल रकम से भाजपा का चुनावी चंदा दस गुना से भी ज्यादा था। भाजपा की कमाई में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 171% की वृद्धि हुई। जबकि कांग्रेस को मिले चंदे में 84% का इजाफा हुआ और यह 281.48 करोड़ रुपए से बढ़कर 517.394 करोड़ रुपए हो गया।
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कॉर्पोरेट चंदे का दबदबा
रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक फंडिंग में कॉर्पोरेट चंदे का दबदबा रहा, जिसमें 92.18% चंदा कुल 3,244 कॉर्पोरेट चंदों के माध्यम से मिला। भाजपा को अकेले 2,794 कॉर्पोरेट चंदों से 5,717.167 करोड़ रुपए मिले, जो अन्य सभी राष्ट्रीय पार्टियों को मिले कुल योगदान (411.62 करोड़ रुपए) से 13 गुना ज्यादा है। इसके अलावा भाजपा को 2,627 व्यक्तिगत दानदाताओं से भी 345.94 करोड़ रुपए मिले।
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प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट
प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने भाजपा, कांग्रेस और AAP को मिलाकर कुल 2,413.465 करोड़ रुपए का चंदा दिया। इसमें से 2,180.7119 करोड़ रुपए भाजपा को, 216.335 करोड़ रुपए कांग्रेस को और 16.4178 करोड़ रुपए AAP को मिले। इसके अलावा, अन्य प्रमुख दानदाताओं में प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट, एबी जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट और न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट ने भी भाजपा और कांग्रेस को बड़ा योगदान दिया।
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2024-25 में बढ़ी फंडिंग की दर
2024-25 में राष्ट्रीय पार्टियों को मिले कुल चंदे में 4,104.285 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई। भाजपा के हिस्से में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रही, जिसमें पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 171% का उछाल आया। कांग्रेस और AAP को भी पर्याप्त फंडिंग मिली, हालांकि बीजेपी का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा।