सस्ती छोड़ महंगी शराब के दीवाने हुए भारतीय: 6.18 लाख करोड़ के पार पहुंचा बाजार, राज्यों को 19% टैक्स कमाई
राज्यों की 19% टैक्स आय शराब से
इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) की एक ताजा रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट का नाम 'द इकोनॉमिक वैल्यू ऑफ द इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज इंडस्ट्री 2026' है। इसके अनुसार देश के 28 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में राज्यों की अपनी कुल टैक्स आय का औसतन 19% हिस्सा शराब से जुड़े टैक्स से आ रहा है।
आंकड़ों पर नजर डालें, तो वित्त वर्ष 2024-25 में शराब उद्योग से केंद्र और राज्य सरकारों को कुल 4 लाख करोड़ रुपए का टैक्स राजस्व मिला है। साल 2020-21 में यह आंकड़ा 2.4 लाख करोड़ रुपए था। देश की मौजूदा जीडीपी (GDP) के मुकाबले इस टैक्स का अनुपात भी 1.2% से बढ़कर अब करीब 1.3% हो गया है।
राज्य की कमाई में शराब की कितनी हिस्सेदारी?
रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्यों के अपने राजस्व में शराब का हिस्सा काफी ज्यादा है। आइए जानते हैं प्रमुख राज्यों में टैक्स की हिस्सेदारी के आंकड़े...
- तेलंगाना (Telangana): 32% (राज्य की टैक्स आय का लगभग एक-तिहाई हिस्सा)
- तमिलनाडु (Tamil Nadu): 27%
- उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh): 25%
- केरल (Kerala): 23%
- हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh): 23%
- अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh): 23%
- छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh): 23%
- आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh): 21%
- उत्तराखंड (Uttarakhand): 21%
6.18 लाख करोड़ रुपए का हुआ भारतीय शराब बाजार
कैलेंडर वर्ष 2025 में भारतीय शराब बाजार (Liquor Market) का कुल आकार बढ़कर 6 लाख 18 हजार 644 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इसमें अलग-अलग कैटेगरी का योगदान इस प्रकार रहा...
- स्पिरिट्स कैटेगरी (Spirits Category): 4 लाख 16 हजार 54 करोड़ रुपए
- देसी शराब (Country Liquor): 1 लाख 5 हजार 52 करोड़ रुपए
- बीयर(Beer): 93 हजार 500 करोड़ रुपए
- वाइन (Wine): 4 हजार 38 करोड़ रुपए
महंगी और प्रीमियम शराब की मांग में भारी उछाल
रिपोर्ट में यह बात भी साफ हुई है कि लोग अब सस्ती शराब के बजाय महंगी और प्रीमियम शराब ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
- वर्ष 2022 से 2025 के बीच महंगी श्रेणी (Premium Category) की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) 10.2% रही है।
- वहीं, सामान्य श्रेणी (Regular Category) में यह बढ़ोत्तरी केवल 1.4% रही।
- सस्ती श्रेणी (Economy Category) में सालाना बढ़त महज 1.1% दर्ज की गई।
FAQ
1. वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्र और राज्यों को शराब से कुल कितना टैक्स मिला है?
वित्त वर्ष 2024-25 में शराब उद्योग से केंद्र और राज्यों को कुल मिलाकर 4 लाख करोड़ रुपये का टैक्स मिला है, जो कि वर्ष 2020-21 के 2.4 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है।
2. देश में किस राज्य की अपनी टैक्स कमाई में शराब की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही?
तेलंगाना इस सूची में सबसे ऊपर रहा, जहाँ राज्य की कुल टैक्स आय का 32 फीसदी (लगभग एक-तिहाई) हिस्सा शराब से आए टैक्स का था। इसके बाद तमिलनाडु (27%) और उत्तर प्रदेश (25%) का नंबर आता है।
3. साल 2025 में भारतीय शराब बाजार में किस कैटेगरी का कारोबार सबसे बड़ा रहा?
साल 2025 में कुल 6 लाख 18 हजार 644 करोड़ रुपए के बाजार में सबसे बड़ा हिस्सा स्पिरिट्स कैटेगरी का रहा। इसका कारोबार 4 लाख 16 हजार 54 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। इसके बाद देसी शराब का 1 लाख 5 हजार 2 करोड़ और बीयर का 93 हजार 500 करोड़ रुपए का बाजार रहा।