होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने की गोलीबारी: भारत आ रहे जहाज समेत 2 को IRGC ने किया जब्त

Jitendra Shrivastava | Apr 22, 2026, 17:31 IST
Photograph: (thesootr)
INTERNATIONAL DESK. ईरान की आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारत आ रहे जहाज समेत 2 को जब्त कर लिया है। इससे अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति पर फिर खतरा पैदा हो गया है।

News In Short

  • आईआरजीसी ने होर्मुज में 2 जहाज किए जब्त।
  • एक जहाज गुजरात, भारत आ रहा था।
  • बिना चेतावनी ईरानी गनबोट ने की गोलीबारी।
  • MSC-FRANCESCA और EPAMINONDAS जब्त।
  • अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक व्यापार खतरे में।

News In Detail

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो जहाजों को जब्त कर लिया है। इनमें एक भारतीय जहाज गुजरात आ रहा था।



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद ईरान ने यह आक्रामक कदम उठाया। बिना चेतावनी गोलीबारी की घटना ने वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।



होर्मुज में ईरान का हमला

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच (US-Iran Tension) एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ी कार्रवाई की है।



आईआरजीसी ने दो अंतरराष्ट्रीय जहाजों को जब्त कर लिया है। आईआरजीसी ने दावा किया कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया था। यह घटना ऐसे समय में हुई जब कूटनीतिक वार्ता (Diplomatic Talks) पूरी तरह ठप है।



दो जहाजों की पहचान हुई

जब्त किए गए जहाजों की पहचान MSC-FRANCESCA और EPAMINONDAS के रूप में हुई है। शिप-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म मरीन ट्रैफिक (Marine Traffic) के अनुसार, EPAMINONDAS दुबई के जबेल अली पोर्ट से भारत के गुजरात की ओर जा रहा था।



इस जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। यह सिर्फ अमेरिका-ईरान विवाद तक सीमित नहीं रहा। भारत से जुड़े व्यापार मार्ग (Trade Route) पर भी इसका सीधा असर पड़ा है।



बिना चेतावनी हुई गोलीबारी

ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने अहम जानकारी साझा की। उनके अनुसार, ईरानी गनबोट ने गोली चलाने से पहले जहाज को कोई चेतावनी नहीं दी।



यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (International Maritime Law) का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।



ईरान का अलग दावा

ईरान की सरकारी मीडिया ने इस घटना को लेकर अलग बयान दिया है। नूर न्यूज़ ने दावा किया कि जहाज ने ईरानी सशस्त्र बलों (Iranian Armed Forces) की चेतावनियों को नजरअंदाज किया। इसके बाद ही रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गोलीबारी की।



हालांकि, यह दावा UKMTO की रिपोर्ट से बिल्कुल अलग है। ब्रिटिश सुरक्षा फर्म वैनगार्ड टेक ने बताया कि लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज को होर्मुज पार करने की अनुमति दी गई थी।



होर्मुज का रणनीतिक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।



इस मार्ग में किसी भी रुकावट से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना वैश्विक तेल कीमतों पर असर डाल सकती है। एशियाई देशों सहित भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है।



अमेरिका भी नहीं है चुप

ऐसा नहीं है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में निष्क्रिय है। अमेरिकी सेना पहले भी एक ईरानी कंटेनर जहाज पर कब्जा कर चुकी है।



इसके अलावा हिंद महासागर में ईरानी तेल व्यापार से जुड़े एक टैंकर पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। यह टकराव दोनों देशों के बीच समुद्री मोर्चे (Maritime Front) पर बढ़ती आक्रामकता को दर्शाता है। हालात दिन-ब-दिन और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।



ट्रंप के फैसले का असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर (Ceasefire) आगे बढ़ाने का ऐलान तो किया था। लेकिन ईरान ने इसके तुरंत बाद होर्मुज में यह आक्रामक कदम उठाया।



विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ईरान का जवाबी दबाव है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध (Diplomatic Deadlock) जारी है। यह संकट न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी खतरनाक संकेत है।



भारत के लिए खतरे की घंटी

भारत आ रहे जहाज EPAMINONDAS की जब्ती ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व (Middle East) से आता है।



होर्मुज मार्ग पर किसी भी रुकावट का सीधा असर भारत की आयात लागत पर पड़ेगा। शिपिंग उद्योग (Shipping Industry) में भी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। भारत सरकार इस स्थिति पर करीब से नजर रख रही है।



FAQ

  1. आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट में कौन से जहाज जब्त किए?
    ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में MSC-FRANCESCA और EPAMINONDAS नामक दो जहाजों को जब्त किया। शिप-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म मरीन ट्रैफिक के अनुसार, EPAMINONDAS दुबई के जबेल अली पोर्ट से भारत के गुजरात की ओर जा रहा था। आईआरजीसी का दावा है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया, जबकि ब्रिटिश UKMTO ने कहा कि गोलीबारी से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई थी।
  2. होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है और इस घटना का वैश्विक असर क्या होगा?
    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे रणनीतिक समुद्री मार्ग है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। आईआरजीसी द्वारा जहाजों की जब्ती से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसका सीधा असर तेल की वैश्विक कीमतों पर पड़ सकता है। भारत सहित एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी यह घटना गंभीर चिंता का विषय है।
  3. अमेरिका-ईरान तनाव में यह नई घटना क्या संकेत देती है?
    यह घटना संकेत देती है कि अमेरिका-ईरान तनाव अब कूटनीतिक स्तर से बढ़कर सैन्य और समुद्री मोर्चे पर भी आ गया है। ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बावजूद ईरान ने होर्मुज में आक्रामक कार्रवाई करके यह स्पष्ट कर दिया कि वह दबाव में झुकने को तैयार नहीं है। अमेरिका भी पहले ईरानी जहाजों पर कार्रवाई कर चुका है। दोनों देशों के बीच यह समुद्री टकराव वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए एक बड़े संकट का रूप ले सकता है।


ये खबरें भी पढ़ें...



होर्मुज स्ट्रेट पर गोलीबारी के बाद दिल्ली ने दी चेतावनी, ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं होगी



स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की दादागीरी, भारतीय जहाजों पर की गोलीबारी



जापान ने हथियार निर्यात प्रतिबंध हटाया, बदली शांतिवादी नीति, चीन नाराज, भारत को होगा फायदा



नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने दिया इस्तीफा, मनी लॉन्ड्रिंग विवाद के बाद छोड़ा पद



Tags:
  • डोनाल्ड ट्रंप
  • सीजफायर
  • IRGC
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
  • ईरान-अमेरिका तनाव
  • भारतीय जहाज