ईरान-इजराइल युद्ध: तेल की बढ़ती कीमतों पर लगेगा लगाम, ट्रंप सरकार ने किया बड़ा फैसाल
Iran Israel War Update: ईरान-इजराइल युद्ध के 74वें दिन तनाव फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान को अब झुकना ही होगा। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अमेरिका बड़ा कदम उठा रहा है।
ट्रंप सरकार अपने इमरजेंसी कोटे से करोड़ों बैरल कच्चा तेल बाजार में उतारेगी। उधर, पाकिस्तान की मध्यस्थता को ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया है। परमाणु प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से शांति वार्ता टूट चुकी है। ओमान ने भी समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। अमेरिका अब ईरान पर सीधे सैन्य हमले की तैयारी में दिख रहा है।
झुकेंगे ईरान के नेता- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरे तेवर में हैं। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के कट्टरपंथी नेताओं को आखिरकार घुटने टेकने ही पड़ेंगे। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कर दिया कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक वह ईरान पर सख्ती कम नहीं करेंगे। उनका सीधा फंडा है- जब तक बात नहीं बनती, तब तक सख्ती जारी रहेगी।
तेल की बढ़ती कीमतों पर लगेगा लगाम
ईरान और इजराइल के बीच चल रही जंग ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे निपटने के लिए ट्रंप सरकार अपने इमरजेंसी कोटे (SPR) से 5.33 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में उतारने वाली है। यह तेल कंपनियों को लोन के तौर पर दिया जाएगा ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे और कीमतें काबू में रहें। ब्रेंट क्रूड पहले ही 104 डॉलर के पार जा चुका है, इसलिए अमेरिका कुल 17.2 करोड़ बैरल तेल निकालने की तैयारी में है।
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ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग और समुद्र में बढ़ती हलचल को आप इस आसान रिपोर्ट से समझ सकते हैं:
1. बातचीत या हमला? ट्रंप के मन में क्या है?
ईरान जिस तरह से बातचीत को खींच रहा है और होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए हुए है, उससे ट्रंप काफी नाराज हैं। खबरें हैं कि वह फिर से बड़े सैन्य हमले के बारे में सोच रहे हैं। पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) के कुछ बड़े अधिकारी तो चाहते हैं कि ईरान पर सीधे बमबारी की जाए ताकि वो कमजोर पड़ जाए। हालांकि, कुछ लोग अभी भी कूटनीति को एक मौका देना चाहते हैं।
2. पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का गुस्सा
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अपना एक शांति प्रस्ताव अमेरिका भेजा था, लेकिन ट्रंप ने उसे कूड़ा कहकर रिजेक्ट कर दिया। ट्रंप का मानना है कि ईरान खेल खेल रहा है और पाकिस्तान उसकी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। ट्रंप को लगता है कि ईरान सोच रहा है कि अमेरिका थक जाएगा, पर उन्होंने साफ कह दिया कि हमें सिर्फ और सिर्फ पूरी जीत चाहिए।
3. वेंटिलेटर पर पहुंचा युद्धविराम
अमेरिका और ईरान के बीच जो थोड़ी-बहुत शांति (सीजफायर) चल रही थी, वह अब आखिरी सांसें ले रही है। ट्रंप के कड़े बयानों के बाद ऐसा लग रहा है कि शांति वार्ता पूरी तरह पटरी से उतर गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्हें ईरान का जवाब बिल्कुल पसंद नहीं आया और यह किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।
4. परमाणु प्रोग्राम पर फंसा पेच
अमेरिका ने ईरान के सामने 14 शर्तें रखी हैं। इसमें सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान 12 साल तक यूरेनियम साफ करना (Enrichment) बंद करे और अपना सारा स्टॉक अमेरिका को सौंप दे। इसके बदले में अमेरिका पाबंदियां हटाने और ईरान के फंसे हुए पैसे वापस करने को तैयार है। लेकिन ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह झुकने को राजी नहीं है, जिससे मामला अटक गया है।
5. समंदर के रास्ते को लेकर ओमान की चिंता
इस पूरे तनाव के बीच ओमान के विदेश मंत्री ने इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के साथ बैठक की है। उनका कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का रास्ता रोकना खतरनाक है। ओमान चाहता है कि सभी देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों को मानें और बातचीत से रास्ता निकालें ताकि समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
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