ईरान-इजराइल युद्ध का 25वां दिन: ट्रंप- ईरान शांति चाहता है! ईरान ने किया इनकार, कहा- पीछे नहीं हटेंगे, जंग जारी रखेंगे
Iran Israel War: इजराइल और ईरान के बीच जंग जारी है। आज युद्ध का 25वां दिन है। ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है। उसने आर्थिक प्रतिबंध हटाने की शर्त रखी है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप शांति समझौते की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप ने ईरान से बातचीत शुरू कर दी है। इधर ईरान के गैस ग्रिड पर हमले हुए हैं। ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की। तेल की कीमतों से दुनिया पर दबाव बढ़ा है। अब सबकी नजरें ट्रंप के अगले कदम पर हैं।
ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं
ईरान ने कहा है कि वह संघर्ष में पीछे नहीं हटेगा। यह तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान को हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती। ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने साफ कहा है कि ईरान की शर्तें बहुत स्पष्ट हैं। सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका से भविष्य में किसी तरह की दखलंदाजी न हो।
रजाई ने कहा कि ईरान की सेना पूरी ताकत से ऑपरेशन चला रही है। ईरान का नेतृत्व नए सुप्रीम लीडर के तहत मजबूती से स्थिति संभाल रहा है। इससे पहले ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी आरोप लगाया था कि देश के लोग हमलावरों को पूरी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
ट्रंप की उम्मीद: ईरान से शांति समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। ट्रंप के मुताबिक, इस बातचीत की शुरुआत हाल के दिनों में हुई है। उनका मानना है कि ईरान शांति चाहता है और परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमत है। ट्रंप ने यह भी कहा कि एक ऐसा समझौता हो सकता है जो सभी के लिए फायदेमंद हो, जिसमें मिडल ईस्ट के सहयोगी देश और इजराइल भी शामिल हों।
इजराइल ईरान युद्ध: 23 - 24 मार्च 2026 के बड़े अपडेट्स
1. जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बात की। इस दौरान वेस्ट एशिया के संघर्ष और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा हुई। खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। जयशंकर ने अपने ट्वीट में बताया कि वेस्ट एशिया के हालात और उसके अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर असर पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के राजदूतों से भी मुलाकात की।
2. ट्रंप और युद्ध के मास्टरमाइंड
ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि ईरान युद्ध की शुरुआत के लिए उन्होंने वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने कहा, "हेगसेथ, आपने ही सबसे पहले कहा था, चलो इसे करते हैं।" ट्रंप का यह बयान ईरान से जुड़ी युद्ध की स्थिति को लेकर हो रहा था।
3. ईरान के गैस ग्रिड पर हमला
ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले फिर से हो रहे हैं। खुर्रमशहर और इस्फ़हान में हुए हमलों ने ईरान के पावर ग्रिड और गैस सप्लाई नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है। पाइपलाइन फटने से खुर्रमशहर के पावर स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता ठप हो गई। विस्फोट के बाद इलाके में आग की लपटें देखी गईं।
4. ट्रंप का बड़ा खुलासा
ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की मौत नहीं चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं जानते कि खामेनेई जिंदा हैं या नहीं। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ईरान में सत्ता परिवर्तन की दिशा में काम कर रहा है। वह इसे लेकर खास शख्सों से बातचीत कर रहे हैं।
5. ट्रंप की योजना: होर्मुज का साझा संचालन
ट्रंप ने कहा कि एक डील के बाद, अमेरिका और ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य का साझा संचालन करेंगे। वह मुजतबा खामेनेई को साथ लाने की बात कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि ईरान के एक अधिकारी से बातचीत चल रही है।
6. क्या ट्रंप अब जंग से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं?
व्हाइट हाउस मामलों के जानकार नायल स्टेनेज का कहना है कि ट्रंप अब जंग से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती तेल और ईंधन की कीमतों ने आम लोगों पर दबाव बढ़ा दिया है। ट्रंप को इस दबाव को झेलने के लिए तैयार नहीं हैं और शायद जल्द कोई नया फैसला ले सकते हैं।
ये खबर भी पढ़िए...