ईरान-इजराइल युद्ध का 27वां दिन: होर्मुज से भारत के लिए खुशखबरी! ईरान का ऐलान- 5 देशों के जहाजों को नहीं रोक रहे
Iran Israel War: ईरान इजराइल के बीच जंग अब और भी गंभीर हो गई है। युद्ध के 27वें दिन हालात काफी बदल चुके हैं। ईरान ने भारत समेत पांच मित्र देशों को बड़ी राहत दी है। अब भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर सकेंगे।
वहीं, भारत ने 5 साल बाद ईरान से LPG खरीदना शुरू किया है। इधर अमेरिका ने शांति के लिए 15 सूत्रीय प्लान भेजा है। पाकिस्तान इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि ईरान ने अभी समझौते से साफ इनकार कर दिया है। इजराइल ने भी ईरान के हथियार ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम पर टिकी हैं।
अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा
अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया है। NYT की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ इस बातचीत में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
अमेरिका की शर्तें:
- न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक: ईरान को परमाणु हथियार विकसित न करने की गारंटी देनी होगी।
- यूरेनियम संवर्धन पर रोक: यूरेनियम संवर्धन को सीमित करना या पूरी तरह बंद करना और IAEA को स्टॉक सौंपना।
- बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर नियंत्रण: बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त नियंत्रण या कटौती करना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित रास्ता देना।
- न्यूक्लियर साइट्स तक पहुंच: अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सभी न्यूक्लियर साइट्स तक बिना शर्त पहुंच देना।
- परमाणु ठिकानों को सीमित करना: प्रमुख परमाणु ठिकानों जैसे नतांज, फोर्डो और इस्फहान को सीमित या खत्म करना।
- हिजबुल्लाह को समर्थन कम करना: हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी मिलिशिया को समर्थन कम या बंद करना।
- सैन्य गतिविधियों को कम करना: क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों को कम करना और तनाव घटाना।
- सीजफायर लागू करना: एक तय समय के लिए सीजफायर लागू करना ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।
- भविष्य में युद्ध न होने की गारंटी: भविष्य में युद्ध न होने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना।
- समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा: समुद्री और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- मिसाइल रेंज को सीमित करना: ईरान की मिसाइल रेंज और इस्तेमाल को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करना।
- आर्थिक प्रतिबंध हटाना: बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह या चरणबद्ध तरीके से हटाना।
- न्यूक्लियर और ऊर्जा सहयोग: सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम और ऊर्जा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग देना।
- मिडिल ईस्ट में स्थिरता: मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति के लिए लंबी अवधि का रोडमैप लागू करना।
इजराइल ईरान युद्ध: 25 - 26 मार्च 2026 के बड़े अपडेट्स
1. ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी
ईरान ने भारत सहित 5 देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की इजाजत दी है। इन देशों में चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान भी शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह छूट 'मित्र देशों' के लिए है। ईरान ने स्पष्ट किया कि यह रास्ता केवल उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं। अराघची ने बताया कि ईरान की सेना ने मित्र देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया है।
2. भारत ने 5 साल बाद ईरान से LPG खरीदी
भारत ने 2019 के बाद पहली बार ईरान से LPG (रसोई गैस) की खरीद शुरू की है। यह निर्णय तब लिया गया जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई थी। अमेरिका द्वारा कुछ प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद भारत ने यह डील की है। LPG का पहला कार्गो भारत के पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला है।
3. UN ने मिडिल ईस्ट शांति के लिए विशेष दूत नियुक्त किया
UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने जीन अर्नो को मिडिल ईस्ट शांति के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। अर्नो का काम युद्ध में शामिल देशों से बातचीत करना और युद्ध के प्रभाव को समझना है। उनका उद्देश्य संघर्ष को शांतिपूर्वक समाप्त करना है। गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट बढ़ा, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
4. अमेरिका की धमकी: ईरान हार माने, नहीं तो बड़ा हमला करेंगे
अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने हार नहीं मानी, तो उस पर पहले से ज्यादा हमले होंगे। व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान ने अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करने की बात की है, जिनमें मुआवजा और होर्मुज पर अधिकार की मान्यता शामिल है।
5. इजरायल ने ईरान पर मिसाइलों से हमला किया
इजरायल ने ईरान के इस्फहान शहर में हथियार निर्माण उद्योगों पर हमला किया। इजरायली सेना ने ईरान के उस ठिकाने को निशाना बनाया, जहां पनडुब्बियों और प्रणालियों का डिजाइन तैयार किया जाता था। यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था।
6. ट्रम्प बोले- ईरान के नेता समझौता करना चाहते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के नेता समझौता करना चाहते हैं, लेकिन डर के कारण वे खुलकर नहीं बोल पा रहे हैं। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान का नेतृत्व करना इस समय सबसे कठिन काम है, क्योंकि उन्हें दोनों, अपने लोगों और अमेरिका से खतरा है।
7. ईरान ने कहा- अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा भेजे गए संदेशों को बातचीत नहीं माना जा सकता। ईरान युद्ध नहीं चाहता, बल्कि स्थायी शांति चाहता है और इसके लिए मुआवजा जरूरी है।
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