ईरान-इजराइल युद्ध का 30वां दिन: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर पीएम मोदी ने सऊदी प्रिंस से की बात, एक और LPG जहाज भारत पहुंचा
Iran Israel War Update: ईरान-इजराइल के बीच छिड़ी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर है। युद्ध के 30वें दिन हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। पीएम मोदी ने सऊदी प्रिंस से समुद्री सुरक्षा पर बात की। दोनों ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की कड़ी निंदा की।
इस्लामाबाद में तीन देशों के विदेश मंत्री बड़ी बैठक करेंगे। उधर भारत में रसोई गैस की सुरक्षित खेप पहुंच गई है। खाड़ी में अमेरिका ने हजारों घातक कमांडो तैनात कर दिए हैं। अमेरिकी सेना ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी में है।
इजराइल ने ईरान के नागरिक ठिकानों पर बमबारी की है। ईरान ने भी अमेरिकी यूनिवर्सिटीज पर हमले की धमकी दी। दुनिया भर में ट्रंप की नीतियों का विरोध हो रहा है।
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1. जग वसंत जहाज भारत में LPG लेकर पहुंचा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत को राहत मिली है। 47,000 मीट्रिक टन LPG लेकर 'जग वसंत' जहाज जामनगर के वाडिनार टर्मिनल पर पहुंचा है। ये गैस जल्द ही DPA कांडला के टर्मिनल पर उतारी जाएगी। इसे शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर के जरिए लोड किया जाएगा। सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना के जहाज भी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में और जहाज भी भेजे जा सकते हैं, ताकि गैस की कोई कमी न हो।
2. खाड़ी में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ी
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने खाड़ी में अपनी ताकत बढ़ा दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, युद्धपोत USS त्रिपोली के साथ 3,500 से ज्यादा अमेरिकी नौसैनिक खाड़ी क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। इसमें करीब 2,500 मरीन कमांडोज शामिल हैं। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अमेरिका इन सैनिकों का इस्तेमाल समुद्री रास्तों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर बड़े ऑपरेशन्स के लिए कर सकता है।
3. तीन देशों के विदेश मंत्रियों की इस्लामाबाद में मुलाकात
वेस्ट एशिया के बिगड़ते हालातों पर चर्चा के लिए कल से इस्लामाबाद में बड़ी कूटनीतिक हलचल होने वाली है। सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्री रविवार और सोमवार को पाकिस्तान के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान तीनों देशों के दिग्गज नेता वेस्ट एशिया संकट और इलाके में शांति बहाली के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करेंगे। यह बैठक युद्ध को रोकने और मुस्लिम देशों की एकजुटता पर बड़ा फैसला ले सकती है।
4. मोदी सरकार का एक्शन, मिडिल ईस्ट संकट पर बैठक
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शनिवार को वरिष्ठ मंत्रियों का एक अनौपचारिक समूह ने हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में ऊर्जा सप्लाई, जरूरी चीजों की उपलब्धता और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई। सरकार ने कहा कि वह स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और आम जनता को संकट से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में देश के बुनियादी ढांचे की मजबूती और समुद्री व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
5. पीएम मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस की चर्चा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने बताया कि चर्चा का मुख्य मुद्दा क्षेत्र में जारी संघर्ष और ऊर्जा सुरक्षा था। मोदी ने तेल और ऊर्जा के ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना और जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रखना जरूरी है। पीएम ने सऊदी में भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया।
6. अमेरिका ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी में
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर नहीं होगा, लेकिन इसमें स्पेशल फोर्स के छापे और सामान्य पैदल सैनिकों की कार्रवाई शामिल हो सकती है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प पेंटागन की इन योजनाओं को पूरी तरह मंजूरी देंगे या नहीं।
7. ईरान की धमकी, अमेरिकी यूनिवर्सिटी को निशाना बना सकता है
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज को निशाना बना सकता है। यह चेतावनी उस दावे के बाद दी गई है जिसमें कहा गया कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान की दो यूनिवर्सिटीज को नुकसान हुआ है। ईरानी मीडिया ने कहा है कि अगर अमेरिका चाहता है कि उसकी यूनिवर्सिटीज पर हमला न हो, तो उसे इन हमलों की निंदा करनी होगी।
8. अमेरिका-इजराइल ने ईरान के शहरों पर हमला किया
अमेरिका और इजराइल ने पिछले कुछ घंटों में ईरान के कई शहरों पर हमले किए हैं। सबसे बड़ा हमला पानी की एक अहम सुविधा पर हुआ, जिसकी क्षमता 1 करोड़ लीटर थी। यह आम नागरिकों के लिए जरूरी सेवा थी। तेहरान में भी भारी बमबारी हुई है। अमेरिकी और इजराइली विमानों ने दो यूनिवर्सिटीज पर हमला किया। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
9. ट्रम्प के खिलाफ अमेरिका-यूरोप में 'नो किंग्स' रैली
ईरान युद्ध और ट्रम्प के कार्यों के खिलाफ विरोध करते हुए अमेरिका और यूरोप के 50 शहरों में 'नो किंग्स' रैलियां निकाली गईं। इन रैलियों में लोग उल्टे अमेरिकी झंडे लिए हुए थे, जो संकट का संकेत माना जाता है। आयोजनकर्ताओं के मुताबिक, 3,100 से ज्यादा कार्यक्रम रजिस्टर्ड किए गए थे, जो अक्टूबर के मुकाबले 500 ज्यादा थे।
10. इराकी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति के आवास पर हमला
इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने शनिवार को दुहोक में राष्ट्रपति नेचिरवान बरजानी के आवास पर हुए ड्रोन हमले की पुष्टि की। प्रधानमंत्री मसरूर बरजानी ने इसे कायरतापूर्ण ड्रोन हमल बताया और हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस हमले ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
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