JNU प्रोफेसर छात्राओं को अकेले बुलाता था घर, यौन उत्पीड़न के लगे आरोप

Amresh Kushwaha | Sept 06, 2026, 14:00 IST
JNU प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न आरोप
JNU के एक प्रोफेसर पर 10 से ज्यादा छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शिकायत यूनिवर्सिटी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के पास है। आरोप है कि प्रोफेसर छात्राओं को घर बुलाते थे और क्लास में आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • JNU के एक प्रोफेसर पर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • कम से कम 10 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दी है।
  • मामला यूनिवर्सिटी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के पास है।
  • प्रोफेसर पर छात्राओं को घर बुलाने का आरोप लगा है।
  • अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी JNU (Jawaharlal Nehru University) में एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगे हैं। कम से कम 10 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी है। यह मामला अब यूनिवर्सिटी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी यानी ICC (Internal Complaints Committee) के पास है।



आरोप है कि कैंपस में रहने वाले प्रोफेसर छात्राओं को अपने घर बुलाते थे। वहां होने वाली बैठकों या गेट टुगेदर में शामिल होने को कहा जाता था। कुछ छात्राओं ने उनके व्यवहार को लेकर गंभीर बातें बताई हैं।



कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया है कि क्लास के दौरान प्रोफेसर अश्लील टिप्पणियां करते थे। छात्राओं का कहना है कि ये टिप्पणियां आपत्तिजनक थीं। करीब एक महीने पहले ये शिकायतें सामने आई थीं।



अब यूनिवर्सिटी के भीतर जांच आगे बढ़ रही है। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



वरिष्ठ छात्राओं ने भी लगाए आरोप

मामला उस वक्त और चर्चा में आया, जब कुछ वरिष्ठ छात्राएं भी सामने आईं। उन्होंने भी प्रोफेसर पर इसी तरह के आरोप दोहराए। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।



सूत्रों के मुताबिक, शिकायतें मिलने के बाद ICC पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान मौजूदा छात्रों के साथ-साथ पूर्व छात्राओं से भी बात हो सकती है। यह जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।



माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर शिकायतों की संख्या बढ़ सकती है। कुछ पुराने मामले भी सामने आ सकते हैं। हालांकि अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



JNU की शिकायत समिति ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। समिति ने कहा कि उन्होंने मामले को गोपनीय रखने की शपथ ली है। इसी वजह से वे विस्तार से जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।



किन छात्राओं ने लगाए आरोप

सूत्रों के मुताबिक, शिकायतें करीब एक महीने पहले ICC को दी गई थीं। यह समिति यूनिवर्सिटी में यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की जांच करती है। यह इसका मुख्य काम है।



आरोप लगाने वाली छात्राओं ने प्रोफेसर के घर बुलाए जाने की बात कही है। कुछ ने कथित तौर पर अनुचित व्यवहार का भी जिक्र किया है। कुछ शिकायतों में कक्षा के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी उल्लेख है।



जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा, कुछ वरिष्ठ छात्राएं भी सामने आईं। इससे शिकायतों को और बल मिला। सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ सकता है।



ICC पुराने मामलों और पूर्व छात्रों से जुड़े आरोपों को भी देख सकती है। इस वजह से आने वाले दिनों में और शिकायतें सामने आने की संभावना है। अभी इस पर कोई अंतिम बात नहीं कही जा सकती।



ICC कर रही मामले की जांच

JNU की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी फिलहाल सभी शिकायतों की जांच कर रही है। समिति छात्रों से बातचीत कर आरोपों की जानकारी जुटा रही है। यह प्रक्रिया अभी जारी है।



ICC से जुड़े प्रतिनिधियों ने गोपनीयता की शपथ का हवाला दिया है। इस वजह से उन्होंने मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।



यह मामला संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। ICC पर पूरे मामले को सही तरीके से सुलझाने की जिम्मेदारी है। छात्राओं को न्याय मिलना जरूरी है।



VC ने टिप्पणी से किया इनकार

मामले को लेकर JNU के कुलपति यानी VC (Vice Chancellor) की ओर से फिलहाल कोई बयान नहीं आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी जल्द बयान जारी कर सकती है।



प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। अभी तक इस पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। छात्र प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।



अभी तक पुलिस में शिकायत नहीं

इस मामले में फिलहाल पुलिस शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है। दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी यानी DCP (Deputy Commissioner of Police) ने भी इसकी पुष्टि की।



उनके मुताबिक, इस घटना को लेकर अब तक कोई पुलिस शिकायत नहीं मिली है। फिलहाल यह मामला यूनिवर्सिटी की आंतरिक प्रक्रिया के तहत ही जांच के दायरे में है।



जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति साफ होगी। छात्राओं और प्रशासन दोनों की तरफ से आगे कोई कदम उठाया जा सकता है। फिलहाल सबकी नजर ICC की जांच पर टिकी है।



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