मराठी फिल्म गोंधल को मिली ऑस्कर 2027 में एंट्री, रणवीर सिंह की धुरंधर रेस से बाहर

Kaushiki | Sept 19, 2026, 09:00 IST
Oscar Awards
मराठी फिल्म गोंधल को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्म ने रणवीर सिंह की धुरंधर समेत 33 फिल्मों को पछाड़कर यह जगह बनाई है। निर्देशक संतोष डावखर ने लॉस एंजिल्स से फिनलैंड तक का प्रमोशन प्लान शेयर किया।

Oscar Awards: मराठी सिनेमा के लिए यह बहुत बड़े जश्न का मौका है। संतोष डावखर की फिल्म गोंधल को ऑस्कर 2027 के लिए चुना गया है। यह 99वें अकादमी अवॉर्ड्स में भारत का रिप्रजेंटेशन करेगी। ऑस्कर की इस रेस में कुल 33 फिल्में शामिल थीं।



फिल्म ने रणवीर सिंह की धुरंधर को पीछे छोड़ दिया है। गोंधल महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कला पर बनी एक बेहतरीन फिल्म है। इसमें आस्था, संस्कृति और समाज की सच्चाई को खूबसूरती से दिखाया गया है।



ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए चुने जाने के बाद डायरेक्टर काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम पहले से तैयारी कर रही थी। पूरी टीम इस बड़े मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए तैयार है।



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लॉस एंजिल्स से फिनलैंड तक का मास्टरप्लान

डायरेक्टर संतोष डावखर ने ऑस्कर कैंपेन के लिए खास तैयारी की है। उन्हें मीडिया के जरिए फिल्म के चयन की खबर मिली थी। खबर मिलने तक उनकी टीम अमेरिका जाने का प्लान बना चुकी थी।



टीम ने लॉस एंजिल्स में एक अनुभवी पीआर एजेंसी हायर की है। इस एजेंसी ने पिछले 20 सालों में 27 ऑस्कर नॉमिनेशन संभाले हैं। इससे फिल्म को ऑस्कर रेस में बड़ा फायदा मिल सकता है।



सोशल मीडिया के लिए फिनलैंड की टीम को जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम गोंधल को ग्लोबल लेवल पर प्रमोट करेगी। टीम का मकसद फिल्म को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना है।



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मराठी संस्कृति को दुनिया तक ले जाने का मौका

संतोष डावखर के मुताबिक यह सिर्फ एक फिल्म की जीत नहीं है। यह पूरी मराठी संस्कृति और सिनेमा के लिए बड़ा मौका है। अपनी संस्कृति को दुनिया के सामने ले जाना गर्व की बात है।



उन्होंने इस मौके की तुलना ओलंपिक खेलों से की है। भारत विविधता और समृद्ध परंपराओं से भरा हुआ देश है। दुनिया के सामने भारत की सही पहचान सामने आनी चाहिए। Marathi



गरीबी और सामाजिक मुद्दों से अलग भारत की संस्कृति बहुत समृद्ध है। अच्छे सिनेमा के जरिए दुनिया को सही भारत दिखाया जा सकता है। फिल्म गोंधल इसी सोच के साथ बनाई गई है।



अगले महीने से शुरू होगा प्रमोशन कैंपेन

संतोष डावखर का मानना है कि ऑस्कर तक पहुंचना ही बड़ा मुकाम है। हालांकि उनकी टीम अंतिम चरण तक पहुंचने की पूरी कोशिश करेगी। ऑस्कर प्रमोशन का असली काम अगले महीने से शुरू हो जाएगा।



आने वाले दिनों में इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोशन बहुत तेज होगा। टीम फिल्म के कंटेंट को सही तरीके से पेश करेगी। हर एक प्लेटफॉर्म पर फिल्म की सही ब्रांडिंग की जाएगी।



इंटरनेशनल दर्शकों को ध्यान में रखकर हर कदम उठाया जा रहा है। संतोष को साल 2016 में कान्स में जाने का अनुभव रहा है। उस अनुभव का फायदा वे इस ऑस्कर कैंपेन में उठाएंगे।



क्यों रेस से बाहर हुई रणवीर की धुरंधर

इस साल ऑस्कर की रेस में रणवीर सिंह की धुरंधर भी शामिल थी। धुरंधर और उसका सीक्वल दोनों ही काफी चर्चा में रहे थे। लेकिन ज्यूरी ने अंतिम दौर में गोंधल को चुना।



ज्यूरी सदस्य विवेक वासवानी ने इस फैसले की वजह बताई है। 14 सदस्यों वाली ज्यूरी में धुरंधर को सिर्फ 4 वोट मिले। ज्यूरी के मुताबिक धुरंधर ऑस्कर के मानकों पर खरी नहीं उतरी।



फैसला फिल्म की कमाई या स्टार पावर पर आधारित नहीं था। ज्यूरी यह देखना चाहती थी कि फिल्म देश की पहचान कैसे दिखाती है। इस मामले में गोंधल बाजी मार गई।



33 फिल्मों के बीच हुआ कड़ा मुकाबला

इस साल भारत से 33 फिल्मों ने ऑस्कर रेस में हिस्सा लिया था। इनमें 14 हिंदी और चार मराठी फिल्में शामिल थीं। इनके अलावा तेलुगु, गुजराती, तमिल और नागामीज फिल्में भी थीं। ज्यूरी की आखिरी पसंद में तीन फिल्में बची थीं।



इनमें गोंधल, अंघ और मैं वापस आऊंगा शामिल थीं। आखिर में गोंधल के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। गोंधल महाराष्ट्र के ग्रामीण माहौल पर बनी एक थ्रिलर फिल्म है। इसमें स्थानीय परंपरा और मानवीय संवेदनाओं का बेहतरीन मेल है। यही सांस्कृतिक जुड़ाव इसकी सबसे बड़ी ताकत बना।



शानदार स्टारकास्ट और अवॉर्ड्स का सफर

फिल्म में किशोर कदम और इशिता देशमुख ने काम किया है। उनके साथ योगेश सोहोनी और निशाद भोईर भी अहम रोल में हैं। कलाकारों की एक्टिंग की काफी तारीफ हो रही है।



फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल में तारीफ मिल चुकी है। संतोष डावखर ने IFFI 2025 में सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड जीता था। उनका निर्देशन दर्शकों को काफी पसंद आया है।



मराठी सिनेमा पहले भी ऑस्कर में अपनी छाप छोड़ चुका है। श्वास, हरिश्चंद्राची फैक्टरी और कोर्ट जैसी फिल्में पहले भेजी जा चुकी हैं। अब गोंधल से भी देश को काफी उम्मीदें हैं।



स्वतंत्र रूप से भी आवेदन कर सकती हैं फिल्में

ऑफिशियल एंट्री न बनने पर भी रास्ते बंद नहीं होते। धुरंधर जैसी फिल्में अलग से ऑस्कर के लिए आवेदन कर सकती हैं। ऑफिशियल एंट्री और डायरेक्ट एप्लीकेशन की प्रक्रिया अलग होती है।



फिल्म RRR इसका सबसे बड़ा और सफल उदाहरण रही है। RRR भारत की ऑफिशियल एंट्री नहीं थी, फिर भी उसने ऑस्कर जीता। इसलिए धुरंधर के पास भी अभी रास्ते खुले हुए हैं।



फिलहाल पूरा ध्यान गोंधल के ऑस्कर कैंपेन पर टिका हुआ है। पूरी टीम दुनिया के सामने भारत का नाम रोशन करने में लगी है। आने वाले महीने फिल्म के लिए बेहद खास होंगे।



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