फिल्म द वान से चर्चा में आया बिहार का वन देवी मंदिर, जानें इस रहस्यमयी मंदिर का पूरा सच

Kaushiki | Sept 18, 2026, 13:27 IST
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Maa Van Devi Temple
Maa Van Devi Temple

बिहार के बिहटा में स्थित 400 साल पुराना वन देवी मंदिर इन दिनों काफी चर्चा में है। सूर्यास्त के बाद यहां जंगल में जाना सख्त मना है। सिद्धार्थ मल्होत्रा की नई फिल्म आने के बाद इस मंदिर से जुड़े रहस्य और लोककथाएं फिर से सामने आ रही हैं।

Maa Van Devi Temple Bihar: बिहार की राजधानी पटना से कुछ ही दूरी पर एक ऐसा घना जंगल है, जहां सूरज ढलते ही सन्नाटा छा जाता है। दिन के उजाले में जहां भक्तों की भीड़ दिखाई देती है। वहीं शाम होते ही वहां का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। लोगों का मानना है कि रात के अंधेरे में इस जंगल में कोई अलौकिक शक्ति घूमती है।

यहां स्थित 400 साल पुराने मंदिर के दरवाजे शाम होते ही बंद कर दिए जाते हैं। पुजारी भी शाम के बाद वहां रुकने की हिम्मत नहीं दिखाते हैं। जो भी रात में वहां ठहरने की कोशिश करता है, उसे केवल दहशत ही मिलती है। आखिर इस जंगल और मंदिर में ऐसा क्या छिपा है, जिससे लोग सदियों से डरते आ रहे हैं?

हाल ही में आई एक बड़ी बॉलीवुड फिल्म ने इस जगह के रहस्यों पर से पर्दा उठाने की कोशिश की है। इसके बाद से लोग इस मंदिर के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं। आइए इस रहस्यमयी मंदिर के पीछे की सच्ची कहानी और इसकी पुरानी मान्यताएं जानें।

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पिंड रूप में होती है पूजा

मंदिर में कोई सामान्य मूर्ति स्थापित नहीं की गई है। यहां माता की पूजा पवित्र पिंड के रूप में होती है। पुराने समय में यहां बहुत ही घना जंगल था और आस-पास कोई भी आबादी उस समय नहीं रहती थी, इसी कारण से माता को वन देवी कहा गया।

शाम होते ही मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद पुजारी भी वहां से तुरंत चले जाते हैं। रात में जंगल के अंदर जाना पूरी तरह मना है। लोग मानते हैं कि शाम को देवी घूमती हैं, इसी वजह से लोग रात में वहां नहीं जाते।

ना मूर्ति, ना पुजारी... सूर्यास्त होते ही बंद हो जाते हैं कपाट, 'The Vvaan'  वाले वन देवी मंदिर का क्या है रहस्य? - no idol no priest the mystery behind  bihar s
ना मूर्ति, ना पुजारी... सूर्यास्त होते ही बंद हो जाते हैं कपाट, 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का क्या है रहस्य? - no idol no priest the mystery behind bihar s


वन देवी मंदिर का सच

एक प्रसिद्ध लोककथा विद्यानंद मिश्रा से जुड़ी हुई है। वे मां विंध्यवासिनी के बहुत बड़े भक्त माने जाते थे और दर्शन करने हमेशा मिर्जापुर धाम जाया करते थे। उम्र बढ़ने पर उनका वहां जाना बहुत कठिन हो गया, फिर भी उनकी भक्ति कभी कम नहीं हुई थी।

माता ने भक्त को सपने में दर्शन दिया था और उन्होंने अपनी पिंड का हिस्सा स्थापित करने को कहा। इसके बाद भक्त ने पवित्र पिंड की स्थापना की। यह स्थापना जंगल की सीमा के पास की गई, तभी से इस स्थान को वन देवी कहा जाने लगा।

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धार्मिक आस्था और पुरानी परंपरा

रात में जंगल का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। अंधेरा होते ही सन्नाटा बहुत ज्यादा गहरा हो जाता है। स्थानीय लोग कई तरह की घटनाएं भी बताते हैं। संकट के समय देवी रक्षा भी करती रहती हैं, इसलिए लोग नियमों का पालन हमेशा करते हैं।

यह स्थान केवल डर का केंद्र बिल्कुल नहीं है। यह जगह सदियों पुरानी गहरी आस्था का प्रतीक है। लोग अपनी मनोकामना लेकर यहां हर दिन आते हैं। माता अपने भक्तों की हर पुकार सुनती हैं और परंपराएं आज भी उसी तरह निभाई जाती हैं।

बिहार का 16वीं सदी का रहस्यमयी मंदिर, जिस पर बनी है सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'द  वन', डायरेक्टर ने बताई कहानी - India TV Hindi
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फिल्म के कारण बढ़ा अट्रैक्शन

बता दें कि, फिल्म द वान के कारण यह मंदिर चर्चा में है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया काम कर रहे हैं। फिल्म की कहानी इसी लोककथा से इंस्पायर्ड बताई गई है। अब यहां पहले से ज्यादा लोग दर्शन करने आ रहे हैं और यह मंदिर अब आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है।

फिल्म बनाने से पहले मेकर्स यहां आए थे। उन्होंने माता के दर्शन करके आशीर्वाद भी लिया था। उन्होंने पुजारी और संतों से पूरी बात समझी और स्थानीय लोगों से पुरानी कहानियां भी सुनीं। इसके बाद ही फिल्म की स्क्रीनप्ले तैयार हुई।

फिल्म की कहानी और सच में थोड़ा अंतर होता है, इसलिए केवल फिल्म देखकर राय बनाना सही नहीं है। मंदिर के नियमों का सम्मान करना बहुत जरूरी है। दिन में दर्शन करना हमेशा सुरक्षित माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। मां विंध्यवासिनी मंदिर

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