मोदी-ट्रंप की मुलाकात: F-35 जेट की डील पक्की, मुंबई हमले के आरोपी राणा की वापसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात व्हाइट हाउस में हुई। भारतीय समय के अनुसार यह बैठक शुक्रवार सुबह 3 बजे हुई, जहां दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने मोदी को एक सख्त और प्रभावी वार्ताकार (टफ नेगोशिएटर) बताते हुए उनकी कूटनीतिक क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने पीएम मोदी को अपना दोस्त कहा और उनके नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि वे भारत को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
भारत को मिलेगा F-35 फाइटर जेट
इस बैठक के दौरान ट्रंप ने भारत को F-35 फाइटर जेट देने की घोषणा की, जिससे भारत की सैन्य ताकत को और अधिक मजबूती मिलेगी। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में पहले से ही कई समझौते हुए हैं, लेकिन यह डील भारत की वायुसेना के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है। दोनों देशों ने भविष्य में रक्षा व्यापार को और बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे भारत की रणनीतिक क्षमताएं और विकसित होंगी।
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मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मिली मंजूरी
बैठक में आतंकवाद पर भी चर्चा हुई और ट्रंप ने 2008 के मुंबई हमलों के दोषी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की घोषणा की। यह फैसला भारत के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि मुंबई हमले के दोषियों को न्याय दिलाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। ट्रंप ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मिलकर लड़ने का संकल्प भी दोहराया।
कौन है तहव्वुर राणा ?
भारत लंबे समय से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था, जिसे आखिरकार मंजूरी मिल गई। तहव्वुर राणा ने 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली को आर्थिक सहायता दी थी। हेडली ने मुंबई में हमले के लिए उन स्थानों की रेकी की थी, जहां आतंकियों ने तबाही मचाई थी। तहव्वुर राणा को अमेरिकी फेडरल पुलिस ने 2009 में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से उसके प्रत्यर्पण को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी थी।
तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जिसका जन्म पाकिस्तान में हुआ था। उसने पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के रूप में सेवा दी थी। उसकी पहचान डेविड कोलमैन हेडली के बेहद करीबी व्यक्ति के रूप में होती है, जिसने मुंबई हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसके प्रत्यर्पण से भारत को इस हमले से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जिससे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में होगा बड़ा निवेश
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों नेताओं ने कई अहम फैसले लिए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत को तेल, गैस और LNG की आपूर्ति बढ़ाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा कम होगा। भारत और अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
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रूस-यूक्रेन युद्ध पर मोदी की शांति की अपील
यूक्रेन-रूस युद्ध पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत न्यूट्रल नहीं है, बल्कि वह शांति के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत से निकाला जाना चाहिए। मोदी ने ट्रंप द्वारा शांति स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया और वैश्विक स्थिरता के लिए भारत की भूमिका पर जोर दिया।
दोनों नेताओं के बीच की जरूरी बातें
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को लेकर कई अहम घोषणाएं की, जिसमें मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी देना शामिल था।
- उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि एशिया पैसेफिक क्षेत्र में भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की मंशा जाहिर करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस बिजनेस को और आगे बढ़ाएगा, जिससे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
- भारत को तेल और ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति बनी, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने में अमेरिका एक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे, जिससे तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों की इनोवेशन क्षमताएं मजबूत होंगी।
- अमेरिका और भारत के बीच व्यापार असंतुलन को कम करने पर सहमति बनी, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में और स्थिरता आएगी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के दृष्टिकोण से विकसित भारत का मतलब "मेक इंडिया ग्रेट अगेन" है, जो भारत की प्रगति को दर्शाता है।
- एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक और औद्योगिक संबंध और अधिक गहरे होंगे।
- भारत और अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक साथ काम करेंगे, जिससे उन्नत तकनीक के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- न्यूक्लियर स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर बनाने की दिशा में सहयोग पर चर्चा हुई, जिससे परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी और ऊर्जा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
- लॉस एंजिलिस और बॉस्टन में नए भारतीय कॉन्सुलेट खोलने की योजना पर सहमति बनी, जिससे अमेरिका में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
- जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने टैरिफ मुद्दे पर बातचीत करते हुए कहा कि भारत 70% टैरिफ लगाता है, और इस पर भारत के साथ चर्चा जारी रहेगी ताकि व्यापार संबंधों को संतुलित किया जा सके।
- उन्होंने खालिस्तान मुद्दे पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और बाइडेन प्रशासन के संबंध अच्छे थे और कुछ ऐसी चीजें हुईं जो सही नहीं थीं।
- अपराध नियंत्रण को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेगा और दोनों देशों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।
- उन्होंने चीन को मात देने के सवाल पर कहा कि अमेरिका किसी को भी हरा सकता है, लेकिन उनका उद्देश्य किसी को हराना नहीं, बल्कि सहयोग बढ़ाना है।
- भारत और अमेरिका के बीच व्यापार घाटे को कम करने के लिए तेल, गैस और LNG की बिक्री को बढ़ावा देने पर सहमति बनी और इस संबंध में एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
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