मोहन भागवत का बड़ा बयान: हिंदू समाज में एकता की कमी, गुलामी की यही वजह

Sandeep Kumar | Apr 12, 2026, 19:17 IST
mohan bhagwat
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ की स्थापना का उद्देश्य भारत को विदेशी शासन से मुक्त करना था। उन्होंने कहा कि हेडगेवार ने हिंदू समाज में एकता की कमी को गुलामी की वजह माना।

News in Short

  • RSS की स्थापना हेडगेवार ने समाज में एकता और शक्ति लाने के लिए की थी।
  • हेडगेवार का मानना था कि गुलामी के कारण समाज में एकता की कमी थी।
  • संघ की प्रार्थना समाज में एकता, शक्ति और सद्गुण को बढ़ावा देती है।
  • हेडगेवार ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई रास्तों पर काम किया था।
  • RSS का उद्देश्य किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि मातृभूमि को स्वतंत्र बनाना था।

News in Detail

मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने RSS की स्थापना देश को विदेशी शासन से मुक्त करने के लिए की थी। उन्होंने बताया कि हेडगेवार का मानना था कि समाज में एकता की कमी गुलामी की मुख्य वजह थी। संघ प्रमुख ने कहा कि हेडगेवार ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई रास्तों पर काम किया।



भागवत ने कहा कि आजादी के लिए काम करते हुए हेडगेवार को यह एहसास हुआ कि अंग्रेज भारतीयों को गुलाम बनाने वाले पहले बाहरी शासक नहीं थे। उनके अनुसार, समस्या सिर्फ बाहरी ताकतों से नहीं थी, बल्कि समाज के भीतर भी एक कमी थी।



हेडगेवार का योगदान

मोहन भागवत ने कहा कि हेडगेवार ने स्वतंत्रता संग्राम में कई रास्तों का अनुसरण किया। इसमें राजनीतिक और सशस्त्र संघर्ष शामिल थे। हेडगेवार ने महसूस किया कि ब्रिटिश शासन बाहरी ताकतों के अलावा समाज की कमजोरियों के कारण था। उन्होंने कहा, हमारे समाज में एकता की कमी थी, जिसे दूर करना जरूरी था।



हिंदू समाज में एकता की जरुरत

भागवत ने बताया कि हेडगेवार का मानना था कि हिंदू समाज विविधताओं का सम्मान करता है। लेकिन उसमें सामूहिक शक्ति की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि हेडगेवार चाहते थे कि हिंदू समाज न सिर्फ मजबूत और निडर हो, बल्कि सद्गुणी भी बने। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए RSS की स्थापना की गई थी।



संघ की प्रार्थना और हेडगेवार की सोच

RSS प्रमुख ने कहा कि संघ की प्रार्थना में यह विचार निहित है कि समाज में एकता, शक्ति और सद्गुण होना चाहिए। भागवत ने कहा कि हेडगेवार का मानना था कि समाज की अंदरूनी कमजोरियों को दूर करना जरूरी था। ऐसा करने से बार-बार स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।



RSS की स्थापना का उद्देश्य

मोहन भागवत ने कहा कि RSS की स्थापना किसी के खिलाफ नहीं की गई थी। यह संगठन सबके काम को पूरा करने के लिए बनाया गया था। यह मातृभूमि को गुलामी से आजाद करने के लिए स्थापित किया गया था।



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