मानसून की कमजोर शुरुआत से बढ़ी चिंता: अल-नीनो के साये में भारत, कम बारिश का अनुमान

Manya Jain | Jun 19, 2026, 17:53 IST
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IMD ने मानसून 2026 में औसत से कम बारिश का अनुमान लगाया है। अल-नीनो जुलाई-सितंबर में मजबूत होगा। MP, राजस्थान समेत 6 राज्यों में सूखे का खतरा, खाद्यान्न उत्पादन 10-15% घट सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • साल 2026 में भारत में मानसून की शुरुआत उम्मीद से काफी कमजोर रही है।
  • मौसम विभाग के अनुसार आने वाले महीने देश के लिए और मुश्किल हो सकते हैं।
  • इस साल देश भर में सामान्य या औसत से कम बारिश होने का अनुमान है।
  • जुलाई से सितंबर के दौरान प्रशांत महासागर में अल-नीनो का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा।
  • कम बारिश से अनाज उत्पादन घटने और बाजार में महंगाई बढ़ने का बड़ा खतरा है।

मानसून2026 कीशुरुआत कमजोर रहीहै और आने वालेमहीने और मुश्किल होसकते हैं।IMD यानीभारतीय मौसम विज्ञानविभाग (IndiaMeteorological Department) नेइस साल औसत से कमबारिश का अनुमानलगाया है। अल-नीनोजुलाई से सितंबर के बीचअपने चरम पर होगा।मध्यप्रदेश, राजस्थान,महाराष्ट्र समेत कईराज्यों में सूखे जैसीस्थिति बन सकती है।खाद्यान्न उत्पादन 10 से 15फीसदी तक घट सकताहै जिससे महंगाई बढ़नेका खतरा है।



मानसून 2026 की कमजोर शुरुआत

दक्षिण-पश्चिम मानसून इससाल केरल में सामान्यसे थोड़ी देरी सेपहुंचा। जून केपहले दो हफ्तों मेंकई राज्यों मेंबारिश सामान्य सेकाफी कम रही।महाराष्ट्र में 70 से 80फीसदी तक की कमीदर्ज हुई। मध्य भारत औरउत्तरी हिस्सों में भीयही हाल रहा।



IMDके अनुसार इस पूरेमानसून सीजन मेंबारिश LPA (LongPeriod Average)यानी दीर्घकालीनऔसत का सिर्फ 90 से92 फीसदीरह सकती है।यानी देश के बड़ेहिस्से में इस सालपानी कम पड़ेगा।



क्या होता है अल-नीनो

अल-नीनो एकजलवायु घटना है।इसमें प्रशांतमहासागर के मध्य औरपूर्वी हिस्सेका पानीअसामान्य रूप सेगर्म हो जाताहै। इससेहवाओं की दिशा बदलजाती है। भारतकी ओर आनेवाली नमी वालीहवाएं कमजोर पड़जाती हैं।



नतीजा यह होता हैकिदक्षिण-पश्चिम मानसूनकमजोर पड़ जाताहै। भारत कीकुल सालानाबारिश का करीब70 फीसदीहिस्सा मानसूनसे आता है।अगर यह कमहुआ तो खेती,पानी और बिजली -सब पर असरपड़ता है।



जुलाई से होगा असली इम्तिहान

वैज्ञानिकोंका कहना हैकि अभीअल नीनो का पूराअसर नहीं दिखाहै। जून में यहअभी विकसित होरहा है। NOAA(National OceanicandAtmosphericAdministration) और IMDदोनों केअनुसारजुलाई-अगस्त मेंअल-नीनो के मजबूतहोने कीसंभावना 80 से 90फीसदी से ज्यादाहै।



2009 मेंकमजोर अल-नीनो केबावजूद देश मेंबारिश सिर्फ 78फीसदी रही थी। यह37 साल का सबसेकम स्तर था।2015 में मजबूतअल-नीनो ने भारीसूखे की स्थितिबनाई थी। 2026 मेंसुपर अल-नीनो कीआशंका है जोअक्टूबर-फरवरी तक बना रहसकता है।



किसानों पर सबसे बड़ा खतरा

खरीफ सीजन यानी जून सेसितंबर में धान,मक्का, सोयाबीन,कपास और दालेंबोई जाती हैं।कम बारिश सेइन फसलों कीपैदावार घट सकतीहै। अगर बारिश90 फीसदी याउससे कम रही तोखाद्यान्न उत्पादन में10 से 15 फीसदीकी कमी आसकती है।



पिछलेअल-नीनो वर्षों मेंसूखे से किसानोंकी आय घटी औरकर्ज बढ़ा। जिनकिसानों के पाससिंचाई की सुविधानहीं है वे सबसेज्यादा परेशानहोंगे। पशुपालनभी प्रभावितहोगा क्योंकिचारे की कमी होसकती है।



MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर क्या होगा असर

मध्यप्रदेश,राजस्थान,महाराष्ट्र, कर्नाटक,आंध्र प्रदेश औरतेलंगाना - ये छहराज्य सबसेज्यादा प्रभावित होसकते हैं। इनइलाकों में वर्षाआधारित खेतीज्यादा है। सिंचाईके साधन कमहैं।



मध्यप्रदेशऔर राजस्थानमें सोयाबीनऔर दलहन कीखेती बड़ेपैमाने पर होती है।कम बारिश सेयहां का किसानसीधे मार खाएगा।छत्तीसगढ़ में धान कीखेती पर खतराहै।



महंगाई और अर्थव्यवस्था पर असर

फसल उत्पादनघटने से सब्जी,अनाज और दालोंकी कीमतेंबढ़ सकती हैं।खाद्य महंगाईबढ़ने से RBI(Reserve Bank ofIndia) की मौद्रिकनीति प्रभावितहोगी। GDP ग्रोथपर भी दबावपड़ेगा। अगर यह 7फीसदी केलक्ष्य से नीचे गईतो रोजगार परअसर होगा।



सरकार को अनाजआयात बढ़ाना पड़सकता है जिससेविदेशी मुद्राभंडार पर दबावपड़ेगा।



सरकार की तैयारियां और उम्मीद

सरकार ने200 से ज्यादाजिलों में सूखाराहत कार्योंकी योजना बनाईहै। फसल बीमायोजना PMFBY(Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) को मजबूतकिया जा रहाहै। बेहतर मौसमपूर्वानुमान औरसैटेलाइट मॉनिटरिंगसे किसानोंको समय परसलाह देने कीकोशिश है।



वैज्ञानिकों काकहना है कि अगरपॉजिटिव IOD(Indian OceanDipole) यानी हिंदमहासागर द्विध्रुवविकसित हुआ तो यहअल-नीनो का कुछ असरकम कर सकताहै। अभी IODन्यूट्रल है लेकिनबाद मेंपॉजिटिव होने कीउम्मीद है।



जल संकट और बिजली पर भी खतरा

कम बारिशका मतलब है जलसंकट गहराना। कईशहरों और गांवोंमें पहले सेपानी की समस्याहै। हाइड्रोपावर प्लांट पानीपर निर्भर हैंइसलिए बिजलीउत्पादन भीप्रभावित हो सकताहै। गर्मी पहलेसे रिकॉर्डतोड़ रही है।अल-नीनो से लू कीलहरें और लंबी होसकती हैं।



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