कचरा बनेगा कमाई का जरिया: अब कचरे से बनेगी गैस, चमकेंगे प्रदेश के 8 बड़े शहर
Manya Jain | Jun 19, 2026, 15:16 IST
madhya pradesh cbg plant 8 cities 282 crore
मध्यप्रदेश के 8 शहरों में 282.44 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगेंगे। रोज 1055 टन कचरे से 40 टन गैस बनेगी। पीपीपी मोड पर काम होगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश सरकार अब आठ बड़े शहरों में कचरे से गैस बनाने वाले प्लांट लगाएगी।
- इस पूरे नए प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 282.44 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।
- इन प्लांट में हर दिन 1055 टन कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा।
- इस घरेलू कचरे से रोजाना 40 टन कंप्रेस्ड बायोगैस तैयार की जाएगी।
- नगरीय विकास विभाग ने पांच शहरों में काम के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।
कचरे से गैस- क्या है यह योजना
स्वच्छ भारतमिशन-शहरी के तहत प्रदेश में आठ सीबीजीयानी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाएजाएंगे। इनमें से पांच प्लांट के लिए कामशुरू हो चुका है और तीन के टेंडर मेंसंशोधन जारी है।
किस शहर में कितनी क्षमता का प्लांट
ग्वालियर मेंसबसे बड़ा प्लांट बनेगा जो 350 टनप्रतिदिन कचरे को प्रोसेस करेगा। इसमेंआसपास के नगरीय निकायों का कचरा भी लियाजाएगा।
क्लस्टर और स्वतंत्र-दो तरह के प्रोजेक्ट
बाकी चारशहर देवास, रतलाम, उज्जैन और ग्वालियरमें स्वतंत्र प्रोजेक्ट चलेंगे। इनमेंसिर्फ उसी शहर का कचरा इस्तेमाल होगा।
कैसे होगा काम-PPP मॉडल क्या है
कचरे के संग्रहण और परिवहन कीजिम्मेदारी नगरीय निकायों की होगी।प्लांट बनाने और चलाने की जिम्मेदारीनिजी कंपनी की होगी।
क्या होगा फायदा
नगरीयकचरे के आधार पर सर्कुलर इकोनॉमी(Circular Economy – चक्रीयअर्थव्यवस्था) को बढ़ावा मिलेगा। साथ हीकंपोस्ट और आरडीएफ (RDF – Refuse DerivedFuel) के व्यावसायिक इस्तेमाल से राजस्वभी मिलेगा।
प्लांट से निकलने वाली गैसको नगरीय निकायों के साथ बेचा भी जाएगा।
तीन शहरों में टेंडर प्रक्रिया जारी
टेंडर के बाद कितने समय में शुरू होगा काम
उज्जैन, ग्वालियर और सागर केटेंडर में कुछ संशोधन के बाद प्रक्रियाजारी है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती- कचरा निपटान में देरी नहीं चलेगी
इसमें केंद्रीय आवास,पर्यावरण, वन, पेयजल और ग्रामीण विकाससहित अन्य विभागों के अफसर शामिल हैं।कोर्ट ने साफ कहा है कि किसी भी राज्य कोतय समय-सीमा से ज्यादा वक्त नहीं मिलेगा।उल्लंघन पर जवाबदेही तय होगी और कार्रवाईहोगी।
कलेक्टरों को सॉलिड वेस्ट प्रबंधनऔर निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।उन्हें कचरा परिवहन और डंपिंग के अवैधस्रोतों की पहचान करने के निर्देश भी दिएगए हैं।
FAQ
- CBG प्लांट क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
CBG यानी कम्प्रेस्ड बायोगैस, कचरे के जैविक अपघटन से बनती है। इसे CNG की तरह वाहनों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रक्रिया कचरे को ऊर्जा में बदलती है और लैंडफिल की जरूरत कम करती है। - मध्यप्रदेश के किन 8 शहरों में CBG प्लांट लगेंगे?
देवास, रतलाम, मुरैना, बुरहानपुर, खंडवा, उज्जैन, ग्वालियर और सागर में ये प्लांट लगाए जाएंगे। इनकी कुल लागत 282.44 करोड़ रुपए है। ग्वालियर में सबसे बड़ा 350 टन क्षमता का प्लांट होगा। - PPP मोड पर बनने वाले इन प्लांट्स में सरकार और कंपनी की क्या भूमिका होगी?
निजी कंपनियां डिजाइन, निर्माण, वित्त और संचालन की जिम्मेदारी उठाएंगी। नगरीय निकाय कचरा संग्रहण और परिवहन सुनिश्चित करेंगे। इससे सरकार पर एकमुश्त खर्च का बोझ नहीं पड़ेगा।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में ढिलाई, अधर में लटके 12 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स
घर बैठे हैं बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस नेता, बस एक को मिली सांसदी
इंदौर में नाटी फूड्स के मालिक संजय अग्रवाल पर दो करोड़ अर्थदंड का केस, अवैध खनन का है मामला
इंदौर में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की चौथी मंजिल से गिरकर मौत
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari