छात्रों को ड्रग्स प्लांट की धमकी देने वाला कांस्टेबल सस्पेंड, वीडियो वायरल
समझें क्या है पूरा मामला
- मुंबई पुलिस के एक कांस्टेबल को गुरुवार को सस्पेंड कर दिया गया।
- एक वीडियो में वह छात्र प्रदर्शनकारियों को ड्रग्स प्लांट करने की धमकी देते नजर आया।
- यह घटना बुधवार को पुलिस वाहन के अंदर हुई थी।
- छात्र ने खुद यह बातचीत मोबाइल पर रिकॉर्ड की थी।
- मामले की जांच के लिए एसीपी रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया गया है।
वीडियो में क्या दिखा
अहमद अली की रिपोर्ट के अनुसार, सायन पुलिस थाने के कांस्टेबल पवन सांगले का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह ड्राइविंग सीट पर बैठे नजर आते हैं। आरोप है कि वे छात्रों को धमकी देते हुए कह रहे हैं कि अगर वे दोबारा वहां दिखे तो उनकी जेब में 50 ग्राम पाउडर रख दिया जाएगा। इससे उन्हें जमानत नहीं मिलेगी और उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।
यह धमकी छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए दी गई बताई जा रही है। पुलिसकर्मी ने कहा कि छात्रों की वजह से पुलिस को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
छात्र ने खुद किया वीडियो रिकॉर्ड
18 साल के हर्षवर्धन कदम इस वीडियो में नजर आने वाले प्रदर्शनकारियों में से एक हैं। उन्होंने ही यह बातचीत गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड की थी। कदम ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पुलिस ने उन्हें और उनके दोस्तों को शिवाजी पार्क के पास पकड़ा था। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी उन्हें गाली दे रहा था और धमका रहा था, इसलिए उन्होंने चुपचाप वीडियो बना लिया।
कदम बारहवीं पास करने के बाद पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम काम भी करते हैं। उनके अनुसार धमकी देने के बाद कांस्टेबल ने उन्हें और उनके दोस्तों को वहां से जाने को कहा था। साथ ही दोबारा न आने की चेतावनी भी दी गई थी।
कदम ने यह भी बताया कि वीडियो बनाने का मकसद सिर्फ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उनका कहना है कि वे मशहूर होने के लिए यह नहीं किया। वे चाहते हैं कि युवा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना जारी रखें और हिंसा से दूर रहें।
जबलपुर के छात्र को लगी पैलेट गन
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में जबलपुर के रहने वाले इरशाद शेख भी घायल हुए। 25 साल के इरशाद अभी गुरुग्राम में काम करते हैं। उनके मुताबिक पैलेट गन उनके चेहरे पर लगी, जिसके बाद वे जमीन पर गिर गए थे। उन्हें स्कूटर से अस्पताल ले जाया गया। इरशाद ने कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए था। उनके अनुसार यह एक शांतिपूर्ण जमावड़ा था, जिसमें कोई परेशानी खड़ी करने का इरादा नहीं था।
सरकार और पुलिस की कार्रवाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो गृह विभाग भी संभालते हैं, ने पुष्टि की कि कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। महा विकास अघाड़ी के विपक्षी नेताओं ने इस वीडियो को गंभीर बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के अनुसार कांस्टेबल पवन सांगले को जांच पूरी होने तक सेंट्रल कंट्रोल रूम से अटैच किया गया है। एक एसीपी रैंक के अधिकारी को जांच सौंपी गई है, जो पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो क्लिप्स की सच्चाई जांचने के लिए उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
प्रदर्शनकारियों के अन्य आरोप
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें रात तीन बजे मैसेजिंग ऐप पर नोटिस भेजे गए। कई घंटों तक थाने में रोका गया और फोन लौटाते समय उनमें निगरानी के निशान मिले। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR – First Information Report) की कॉपी नहीं दी गई।
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