गुजरात BJP सचिव से लेकर देश के पीएम बनने तक, ऐसा रहा पीएम मोदी का राजनीतिक सफर
पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन: नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उन्होंने वडनगर में ही स्कूली शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से पोलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की।
साल 1987 में नरेंद्र मोदी गुजरात BJP के सचिव बने। यह उनकी संगठनात्मक यात्रा की पहली बड़ी जिम्मेदारी थी। यहीं से उनकी पहचान एक स्किलफुल ऑर्गेनाइजर के रूप में बनी।
इसके बाद साल 1988-89 में मोदी गुजरात BJP के महासचिव बनाए गए। पार्टी में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती गईं। उन्होंने स्टेट लेवल पर कंपनी मजबूत करने का काम किया। इसी दौरान उनकी छवि एक भरोसेमंद नेता की बनी।
साल 1995 में मोदी को BJP का नेशनल सेक्रेटरी बनाया गया। उन्हें दिल्ली में काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। ये उनके राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश की शुरुआत थी। कई राज्यों में पार्टी संगठन का काम उन्हें मिला।
इसके बाद साल 1998 में मोदी BJP के नेशनल जनरल सेक्रेटरी (Organization) बने। यह पार्टी में उनका सबसे बड़ा संगठनात्मक पद था। उन्होंने कई राज्यों में इलेक्टोरल स्ट्रेटेजी पर काम किया। इसी एक्सपीरियंस ने उन्हें आगे की रोल के लिए तैयार किया।
7 अक्टूबर 2001 को मोदी पहली बार मुख्यमंत्री बने। उन्होंने केशुभाई पटेल की जगह यह पद संभाला। यह उनका पहला बड़ा इलेक्टोरल और एडमिनिस्ट्रेटिव पद था। यहीं से उनकी राष्ट्रीय पहचान बननी शुरू हुई।
साल 2002, 2007 और 2012 में नरेंद्र मोदी लगातार सीएम चुने गए। वे लगभग 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान गुजरात मॉडल ऑफ डेवलपमेंट चर्चा में आया। 2002 के दंगे भी इसी कार्यकाल का विवादित पहलू रहे।
सितंबर 2013 में नरेंद्र मोदी को PM उम्मीदवार घोषित किया गया। उन्होंने वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। साल 2014 में BJP को अकेले दम पर पूर्ण बहुमत मिला। ये 1984 के बाद पहली बार हुआ था।
26 मई 2014 को मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने। फिर 30 मई 2019 को उन्होंने दूसरी बार शपथ ली। उसके बाद 9 जून 2024 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। तो इस तरह नरेंद्र मोदी अब तक तीन बार पीएम पद संभाल चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में UPI, डिजिलॉकर और जन-धन योजना जैसी बड़ी पहलों ने भारत में डिजिटल क्रांति ला दी। उमंग ऐप, डिजिटल हेल्थ मिशन और DBT से सरकारी सेवाएं, इलाज और सब्सिडी का पैसा अब बिना किसी कागजी कतार के सीधे नागरिक के मोबाइल व बैंक खाते तक पहुंच रहा है।