नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: दिसंबर तक बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम देश भर में लागू
भारत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम की घोषणा की। गडकरी ने कहा कि दिसंबर तक देश भर के कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह नया सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। इससे वाहनों को टोल प्लाजा पर बिना रुके टोल चुकाने की सुविधा मिलेगी। यह कदम देश में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और यात्रा को तेज बनाने के लिए उठाया गया है।
कैसे काम करेगा नया टोलिंग सिस्टम?
नया बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम AI एनालिटिक्स और ANPR तकनीक का इस्तेमाल करेगा। इसमें FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन होगा। वाहनों को टोल प्लाजा पर रुके बिना ANPR कैमरे और FASTag रीडर से पहचाना जाएगा। फिर उनसे शुल्क लिया जाएगा।
इस सिस्टम के तहत अगर कोई वाहन नियमों का पालन नहीं करता, तो उसे ई-नोटिस भेजा जाएगा। अगर शुल्क का भुगतान नहीं किया जाता, तो FASTag निलंबित किया जा सकता है। वाहन मालिक पर अन्य दंड भी लगाए जा सकते हैं।
लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने की आवश्यकता
गडकरी ने कहा कि भारत को वैश्विक शक्ति बनने के लिए अपनी लॉजिस्टिक्स लागत को एक अंक तक लाना होगा। हाल ही में IIT चेन्नई, IIT कानपुर और IIM बैंगलोर की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों के निर्माण से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर 10% हो गई है।
गडकरी ने बताया कि अमेरिका और यूरोपीय देशों में यह लागत 12% है, जबकि चीन में यह 8-10% के बीच है। यह भारत के लिए एक चुनौती है, खासकर जब देश अपनी तेल की 87% आवश्यकता आयात से पूरी करता है।
...और क्या बोले केंद्रीय मंत्री
गडकरी ने बायो-फ्यूल और हाइड्रोजन फ्यूल के महत्व को उजागर किया। उन्होंने कहा कि भारत को प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन का उत्पादन बढ़ाना होगा।
गडकरी ने यह भी कहा कि हाइड्रोजन फ्यूल भविष्य में ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगा, लेकिन इसके उत्पादन की लागत को कम करना जरूरी है। इससे यह आर्थिक रूप से सस्ता हो सकेगा।
गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसके लिए भारत को बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ ऊर्जा की आवश्यकता को नए तरीकों से पूरा करना होगा।
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