मौज-मस्ती के लिए बच्चे पैदा...लिव-इन रिलेशनशिप पर क्या बोल गए गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिक विवाह पर अपने विचार साझा करते हुए इन्हें समाज की परंपराओं और ढांचे के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रथाओं से पारंपरिक सामाजिक संरचना कमजोर हो सकती है। एक पॉडकास्ट के दौरान, गडकरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप एक गलत प्रवृत्ति है, जो समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
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'सामाजिक ढांचा खत्म हो जाएगा'
लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिक विवाह के प्रभावों पर चर्चा करते हुए गडकरी ने चेतावनी दी कि यदि यह प्रवृत्ति बढ़ती है, तो इसका सीधा असर समाज पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, "अगर लोग शादी नहीं करेंगे, तो बच्चे कैसे पैदा होंगे? और यदि बच्चे नहीं होंगे, तो उनकी परवरिश कौन करेगा? सामाजिक ढांचा समाप्त होने पर इसका प्रभाव पूरी मानवता पर पड़ेगा।"
बच्चों की परवरिश को बताया माता-पिता का कर्तव्य
गडकरी ने बच्चों के पालन-पोषण को माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा, "बच्चे पैदा करना और उनका सही ढंग से पालन-पोषण करना माता-पिता का धर्म है। अगर आप केवल अपने आनंद के लिए बच्चे पैदा करते हैं और उनकी जिम्मेदारी नहीं लेते, तो यह समाज के लिए हानिकारक होगा।"
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समलैंगिक विवाह पर कड़ी प्रतिक्रिया
गडकरी ने समलैंगिक विवाह को सामाजिक संरचना के लिए एक बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की प्रथाएं बढ़ती हैं, तो पारंपरिक मूल्यों और समाज के ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा।
तलाक पर अपनी राय
जब उनसे पूछा गया कि क्या आदर्श समाज में तलाक पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, तो उन्होंने इसे अव्यावहारिक बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप एक अच्छी प्रथा नहीं है। उनका मानना है कि समाज को संतुलित रखने के लिए पारंपरिक विवाह प्रणाली को महत्व देना चाहिए।
समाज और परिवार को जोड़ने का आह्वान
गडकरी ने पारंपरिक परिवार प्रणाली को भारतीय संस्कृति का मजबूत आधार बताते हुए लोगों से सामाजिक मूल्यों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समाज को सशक्त और संगठित रखना है, तो विवाह और परिवार की परंपरा को बढ़ावा देना होगा।
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