जगन्नाथ रथ यात्रा उत्सव आज से शुरू, जानें किस दिन होगी कौन सी रस्म

Kaushiki | Jul 16, 2026, 08:28 IST
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा आज (16 जुलाई) से शुरू होने जा रही है। 27 जुलाई तक चलने वाले इस भव्य उत्सव के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और पूरे शहर को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया है।
1 9 पुरी रथ यात्रा 2026 की शुरुआत
Puri Rath Yatra 2026

Jagannath Rath Yatra: ओडिशा के पुरी में हर साल की तरह इस बार भी भव्य रथ यात्रा का आयोजन होने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जो भी भक्त इस रथ यात्रा में सच्चे मन से शामिल होता है, उसके जीवन के सभी कष्ट और दुख हमेशा के लिए मिट जाते हैं। इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत आज (16 जुलाई) से होने जा रही है। ऐसे में आइए जानें रथ यात्रा का पूरा शेड्यूल क्या है।

2 9 नबजौबन दर्शन
Puri Rath Yatra 2026

इस विशेष दिन 15 जुलाई (बुधवार) भगवान जगन्नाथ अपने चौदह दिनों के एकांतवास से बाहर आते हैं। रथ यात्रा से पहले पहली बार आम जनता को उनके दिव्य दर्शन करने का मौका मिलता है।

3 9 भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ
Puri Rath Yatra 2026

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि आज (16 जुलाई (गुरुवार)) इस महान रथ यात्रा का मुख्य शुभारंभ होता है। तीनों भाई-बहन के विशाल और भव्य रथों को खींचकर गुंडिचा मंदिर ले जाने का काम शुरू किया जाता है।

4 9 हेरा पंचमी रस्म
Puri Rath Yatra 2026

जब भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर में विश्राम करते हैं, तब माता लक्ष्मी उनसे मिलने आती हैं। इस खास दिन (20 जुलाई (सोमवार)) को हेरा पंचमी के नाम से धूमधाम से मनाया जाता है।

5 9 संध्या दर्शन
Puri Rath Yatra 2026

इस दिन (23 जुलाई (गुरुवार)) संध्या के समय गुंडिचा मंदिर में तीनों देवी-देवताओं के विशेष दर्शन होते हैं। इस समय भगवान के दर्शन करना बहुत ही पुण्यदायी और कल्याणकारी माना जाता है।

6 9 बहुदा यात्रा
Puri Rath Yatra 2026

इस पावन दिन (24 जुलाई (शुक्रवार)) पर भगवान की वापसी यानी उल्टी रथ यात्रा की शुरुआत होती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के रथों को दोबारा मुख्य मंदिर की तरफ खींचा जाता है।

7 9 सुना बेषा रस्म
Puri Rath Yatra 2026

जब तीनों रथ जगन्नाथ मंदिर के सामने पहुंच जाते हैं, तब यह अद्भुत रस्म (25 जुलाई (शनिवार)) होती है। इसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी को सोने के भारी आभूषणों से सजाया जाता है।

8 9 अधर पना रस्म
Puri Rath Yatra 2026

सुना बेषा के अगले दिन (26 जुलाई (रविवार)) भगवान को एक बहुत ही स्वादिष्ट और मीठा पेय पिलाया जाता है। इस पारंपरिक पेय को अधर पना कहते हैं, जिसे घड़ों में भरकर भगवान को अर्पित करते हैं।

9 9 नीलाद्री बीजे
Puri Rath Yatra 2026

यह पुरी रथ यात्रा का सबसे अंतिम (27 जुलाई (सोमवार)) और महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इस दिन तीनों देवी-देवताओं को दोबारा मुख्य मंदिर के गर्भगृह में रत्न सिंहासन पर विराजमान कराया जाता है।डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।