SIP के लिए युवा तैयार, SBI की पूर्व चेयरपर्सन ने बैंकों को दी कड़ी नसीहत

Amresh Kushwaha | Sept 22, 2024, 11:19 IST
एसबीआई की पूर्व चीफ ने बैंकों को चेताया
भारतीय स्टेट बैंक - एसबीआई की पूर्व चेयरपर्सन ने बैंकों को नसीहत दी कि युवा अब SIP के जरिए निवेश में रुचि ले रहे हैं, बैंकों को अपनी रणनीति बदलनी होगी।

भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ( Arundhati Bhattacharya ) ने बैंकों को सख्त नसीहत देते हुए कहा कि बैंकों में पैसा रखने का दौर अब खत्म हो गया है। आज की युवा पीढ़ी निवेश पर अधिक रिस्क लेने के लिए तैयार है। इसमें SIP ( सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान ) का बड़ा योगदान है। भट्टाचार्य का मानना है कि बैंकिंग प्रणाली को समय के साथ बदलना होगा, क्योंकि आज का युवा बैंक डिपॉजिट की बजाय शेयर बाजार में निवेश को प्राथमिकता दे रहा है।



ये खबर भी पढ़िए...एनपीएस वात्सल्य : रिटायरमेंट तक बच्चों को बनाएं करोड़पति, समझें कैसे काम करती है यह योजना



डिपॉजिट पर बैंकों की निर्भरता खत्म

मीडिया साक्षात्कार में अरुंधति भट्टाचार्य ने बताया कि अब बैंकों की डिपॉजिट पर निर्भरता घटती जा रही है। अब लोग SIP ( Systematic Investment Plan ) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। इससे बैंकों को अपने ट्रेजरी ऑपरेशन को सुधारने की जरूरत है। हर विकसित अर्थव्यवस्था में यह ट्रेंड देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को डिपॉजिट और मार्केट डेट के बीच एक बेहतर संतुलन बनाना होगा।



ये खबर भी पढ़िए...काम की खबर : कब बढ़ाएं और कब रोकें SIP में निवेश, ताकि हो सके जमकर फायदा



SIP के माध्यम से निवेश कर रहा है आम आदमी

ये खबर भी पढ़िए...PPF Vs EPF: क्या कर्मचारी PPF और EPF दोनों में कर सकते हैं निवेश? जानें क्या कहता है कायदा!



बैंकों को करना होगा काम में सुधार

अरुंधति भट्टाचार्य ने बैंकों को आगाह करते हुए कहा कि SIP की बढ़ती लोकप्रियता के चलते बैंकों को अपने ट्रेजरी डिपार्टमेंट को अधिक सक्रिय करना होगा। इस डिपार्टमेंट को अब एसेट और लायबिलिटी के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभानी होगी। पहले इस विभाग को सुस्ती के आरोप झेलने पड़ते थे, लेकिन अब उन्हें निवेश के नए साधनों पर ध्यान देना होगा।



ये खबर भी पढ़िए...दिखावे के दौर में कैसे करें सेविंग, कहां करें निवेश, आइए जानिए सूत्र के साथ



आरबीआई गवर्नर की भी थी चेतावनी

अरुंधति भट्टाचार्य का यह बयान उस समय आया है, जब कुछ समय पहले भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) के गवर्नर शक्तिकांत दास ( Shaktikanta Das ) ने भी बैंकों में घटते डिपॉजिट पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि लोग अब बैंकों में डिपॉजिट करने की बजाय म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश कर रहे हैं। SIP के माध्यम से लोग हर महीने एक निश्चित राशि शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, जिससे बैंकों को अपनी डिपॉजिट रणनीति में बदलाव करना होगा।



thesootr links

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें



Tags:
  • shaktikanta das
  • शक्तिकांत दास
  • SIP
  • सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान
  • Systematic Investment Plan
  • म्यूचुअल फंड में निवेश
  • Investing Mutual Funds
  • बैंकों में डिपॉजिट घटने का कारण
  • Reason Declining Bank Deposits
  • शेयर बाजार में निवेश
  • Investing Stock Market
  • एसआईपी के फायदे
  • Benefits SIP
  • एसबीआई की पूर्व चेयरपर्सन
  • अरुंधति भट्टाचार्य
  • Arundhati Bhattacharya
  • आरबीआई के गवर्नर