सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया, पत्नी ने इलाज पर उठाए सवाल
सोनम वांगचुक को शनिवारसुबह जंतर मंतर सेहटाकर सफदरजंग अस्पतालभेजा गया। उनकीपत्नी गीतांजलि जेअंगमो ने साफ कहा किबिना उनकी सहमति कोईइलाज शुरू किया गया।उन्होंने अस्पताल केपोटैशियम स्तर वालेआंकड़ों पर सवाल उठाए।पत्नी ने कहा किशुक्रवार तक वांगचुकबिल्कुल ठीक थे।उन्होंने सरकार का आभारजताया लेकिन आगेकिसी सरकारी दखलकी जरूरत नहीं बताई।
पत्नी ने रखी सख्त शर्त
गीतांजलि जेअंगमो ने न्यूज एजेंसी PTI(Press Trust of India)से बातचीत में कहा किसफदरजंग अस्पताल कोउनकी मंजूरी के बिना कुछ भीनहीं देना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर कुछ भीगलत हुआ तो वे सबकोजिम्मेदार ठहराएंगी। उनका कहनाथा कि यह उनका अनुच्छेद 32(Article 32) के तहतअधिकार है। उन्होंने दोहराया किउनकी और उनके डॉक्टरकी सहमति के बिना कोई दवानहीं दी जा सकती।
अस्पताल भेजने के फैसले पर सवाल
पत्नी ने वांगचुकको अस्पताल भेजने की जरूरतपर ही सवाल उठाया। उनकाकहना था कि शुक्रवार कोवांगचुक बिल्कुल ठीक थे। उनकेमुताबिक अस्पताल ले जाने की कोईजरूरत नहीं थी। उन्होंने दिल्लीपुलिस के तर्क को भी चुनौती दी।
दिल्ली पुलिस ने कहा था किहाईकोर्ट के आदेश और डॉक्टरों कीसलाह पर यह जरूरी चिकित्सादेखभाल के लिए किया गया।लेकिन पत्नी ने इससेअसहमति जताई। उनका कहना थाकि हाईकोर्ट के आदेशमें अस्पताल भेजने कीबात नहीं थी।उन्होंने कहा कि आदेश मेंसिर्फ इतना कहा गया थाकि सेहत की नियमितनिगरानी जरूरी है।
पोटैशियम आंकड़ों पर सीधा सवाल
गीतांजलि अंगमो नेकहा कि फिलहाल कोईइलाज शुरू नहीं हुआ है,सिर्फ जांच और निगरानीहो रही है। उन्होंनेबताया कि रिपोर्ट बाहरी लैबसे भी करानी हैक्योंकि अस्पताल रिपोर्ट नहींदे रहा। उन्होंनेपोटैशियम स्तर 2.9 बताए जानेपर सवाल उठाया। उनकेमुताबिक शुक्रवार को यहस्तर 4.3 था, जो इतनीजल्दी नहीं गिर सकता।
सरकार से दूरी, पर आभार भी
पत्नी ने कहा कि इसमामले में सरकारी दखल कीकोई जरूरत नहीं है।उन्होंने स्वीकार किया किवांगचुक कमजोर हो चुके हैंऔर उनकी मांसपेशियां घटरही हैं। उनके मुताबिक यहकिसी भी लंबे उपवास में होताहै। उन्होंने कहा कि वांगचुकअब भी मानसिक रूप से सतर्कऔर मजबूत हैं।
उन्होंनेआगे कहा कि वांगचुक अब भीउपवास पर हैं क्योंकि वेचीनी नहीं ले रहे। वेसिर्फ नमक वाला पानी पीरहे हैं, जो वे पहले सेलेते आ रहे थे। पत्नी नेकहा कि सरकार का ध्यान देनेके लिए वे आभारी हैं।लेकिन आगे की प्रक्रिया वेखुद संभालेंगी।
डॉक्टर की भी असहमति
वांगचुक के निजी चिकित्सकडॉ. नितिन दिघे ने भीसफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट परसवाल उठाए। उन्होंनेइलाज में पारदर्शिता की कमीका आरोप लगाया। यह बयानपत्नी के रुख से भी मेलखाता है।
दिपके का नया ऐलान
वांगचुक को हटाए जाने के बाद अभिजीत दिपके ने खुद भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने रात में जंतर मंतर पर जागरण की अपील की। डिप्के ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी कर दी। इससे पहले वे सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांग रहे थे।
इसी दौरान एक महिला ने डिप्के पर स्याही फेंक दी, जिससे मंच पर कुछ देर हंगामा हुआ। डिप्के ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उन्हें पीटा और हिरासत में लिया।
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