स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती का बड़ा बयान: आतंक का सिर्फ एक ही मजहब
Lucknow. यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित जानकीपुरम विस्तार के सूर्या अकादमी में पत्रकार परिषद आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती ने देश और धर्म के मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले और बरेली हिंसा की घटनाओं को लेकर दुख जताया।
अब समय आ गया है कि हिन्दू समाज स्वार्थ से ऊपर उठकर एकजुट हो। आतंकवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं और इसके निशाने पर हमारा अस्तित्व है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के पुराने बयान को लेकर भी जमकर निशाना साधा।
पहलगाम में धर्म पूछकर मारा गया
सरस्वती ने कहा, पहलगाम में धर्म पूछकर मारा गया, यह केवल सरकारों के लिए नहीं बल्कि हिन्दू समाज के लिए चेतावनी थी। संदेश साफ है, हम तुम्हें तुम्हारे धर्म से पहचानकर मार देंगे, अब तुम क्या कर लोगे? लेकिन अब भारत बदल चुका है। पहले की तरह आतंकियों को छोड़ा नहीं जाता, बल्कि जवाब उसी भाषा में दिया जाता है। यह मोदी और योगी सरकार की दृढ़ नीति का परिणाम है।
आतंक का एक ही मजहब
चिदम्बरानंद सरस्वती ने आगे कहा कि, आज दुनिया का एकमात्र धर्म हिन्दू धर्म है जो 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की बात करता है। फिर भी हमें असहिष्णु कह दिया जाता है। जबकि सच्चाई यह है कि पूरे विश्व में आतंक के रुप में एक ही मजहब दिखाई देता है। यह समय है कि हिन्दू समाज ऐसे विभाजनकारी तत्वों को पहचानें और उनका विरोध करें।
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हम गाय पर बहस कर रहे हैं, यह शर्म की बात
आई लव मोहम्मद विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए चिदम्बरानंद सरस्वती ने कहा, यह सब सुनियोजित षड्यंत्र है। जिनके मजहब में पोस्टर और चित्र हराम हैं, वही अब सार्वजनिक प्रदर्शन कर रहे हैं। यह किसी षड्यंत्र का हिस्सा है। इसका उचित जवाब हमारी योगी सरकार ने दिया है।
ऐसे अनुशासन की आवश्यकता पूरे देश में है। उन्होंने कहा, हमने भगवान को भी जातियों में बांट दिया, यही हमारी कमजोरी है। अब परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिका और यूरोप में गो-वीगन का ट्रेंड चल रहा है, पर हम अपने देश में गाय पर बहस कर रहे हैं, यह शर्म की बात है।
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अविमुक्तेश्वरानंद पर जमकर बरसे
सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर भी तंज कसते हुए कहा कि ये वही अविमुक्तेश्वरानंद हैं जो CAA के विरोध में यह कहते हैं कि पाकिस्तानी मुसलमानों को भी भारत की नागरिकता दी जानी चाहिए। आप धर्माचार्य होकर भी पाकिस्तान के मुसलमान जो सबसे बड़े गौ हत्यारे हैं, जिनकी दिनचर्या में गौ मांस खाना है। आप उन्हें भारतीय नागरिकता देने की बात कर रहे हैं।
बिहार चुनाव पर भी अविमुक्तेश्वरानंद को घेरते हुए कहा कि, बिहार में गौ रक्षा के नाम पर खुद को शंकराचार्य बुलाने वाले अविमुक्तेश्वरानंद लोगों को भ्रमित करके पाखंडवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है लोगों को ऐसे पाखंडियों से बच कर रहना चाहिए।
भारत अपनी संस्कृति की ओर लौट रहा
स्वामी चिदम्बरानंद ने धर्म और राजनीति के बदलते समीकरणों पर कहा कि, 2014 के बाद पहली बार देश ने आस्था का ध्रुवीकरण देखा है। जहां एक ओर केदारनाथ में घोड़े-खच्चर वाले करोड़ों कमा रहे हैं, वहीं कुम्भ में करोड़ों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। यह बताता है कि भारत की आत्मा फिर से अपने धर्म और संस्कृति की ओर लौट रही है।