TATA की कंपनी पर खनन विभाग का शिकंजा, इस मामले में थमाया 1755 करोड़ का नोटिस

Sandeep Kumar | Apr 04, 2026, 19:18 IST
tata company
टाटा स्टील को झारखंड के रामगढ़ खनन कार्यालय से 1755.11 करोड़ का नोटिस मिला है। यह नोटिस 2000-2007 के बीच पश्चिम बोकारो कोलियरी से ज्यादा कोयला निकालने के आरोप में भेजा गया है।

News in Short

  • टाटा स्टील को झारखंड के रामगढ़ खनन विभाग से 1755.11 करोड़ का नोटिस मिला।
  • आरोप है कि कंपनी ने 2000-2007 में तय सीमा से ज्यादा कोयला निकाला।
  • टाटा स्टील ने आरोप को अनुचित और बिना आधार का बताया।
  • कंपनी ने कानूनी कदम उठाने का इरादा जताया है।
  • इस घटनाक्रम से टाटा स्टील के शेयरों पर असर पड़ सकता है।

News in Detail

टाटा स्टील को झारखंड के रामगढ़ खनन विभाग से 1755.11 करोड़ का नोटिस मिला है। यह नोटिस कंपनी पर ज्यादा कोयला निकालने का आरोप है। यह नोटिस 30 मार्च, 2026 को जारी हुआ था। कंपनी को यह 3 अप्रैल, 2026 को प्राप्त हुआ।



क्या है आरोप?

झारखंड के रामगढ़ जिला खनन कार्यालय ने बड़ा आरोप लगाया है। आरोप है कि टाटा स्टील ने 2000-2007 के बीच पश्चिम बोकारो कोलियरी से 1करोड़ 62 लाख 40 हजार 399 मीट्रिक टन कोयला निकाला। यह तय सीमा से अधिक था। इस खनिज निष्कर्षण से झारखंड को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। नुकसान का अनुमान 1755.11 करोड़ के रूप में लगाया गया है।



कंपनी का जवाब

TATA स्टील ने इस आरोप को अनुचित और बिना ठोस आधार के बताया। कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि वह इस नोटिस को चुनौती देने के लिए कानूनी कदम उठाने का इरादा रखती है। कंपनी का कहना है कि यह मांग उचित नहीं है। उनका मानना है कि इसका कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है।



बाजार पर असर

टाटा स्टील के शेयरों पर इस घटनाक्रम का असर सोमवार को देखने को मिल सकता है। गुरुवार को कंपनी के शेयर 0.57% गिरकर 193.50 के स्तर पर बंद हुए थे। इस मामले में किए गए नियामक खुलासे के बाद, निवेशकों के बीच चिंता पैदा हो सकती है।



सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ

रामगढ़ जिला खनन कार्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के 'कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया' फैसले का हवाला दिया। इस फैसले में खनन के मामलों में अतिरिक्त उत्पादन के वित्तीय प्रभावों का आकलन किया गया था।



कानूनी उपायों की घोषणा

टाटा स्टील ने इस घटनाक्रम के जवाब में अपने इरादे की घोषणा की है कि वह उचित न्यायिक या अर्ध-न्यायिक मंचों के समक्ष उपयुक्त कानूनी उपायों का सहारा लेगी। कंपनी का कहना है कि वह इस नोटिस का विरोध करने के लिए पूरी तरह तैयार है।



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