डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी: होर्मुज नहीं खोला तो तेल कुओं और पावर प्लांट पर हमले
News in Short
- ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलने पर हमला करने की धमकी दी।
- ट्रंप ने इसे अमेरिकी सैनिकों के बदले का कदम बताया।
- ईरान ने अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को निशाना बनाने की धमकी दी।
- दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और युद्ध की संभावना बढ़ी है।
- ईरान ने कहा कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा है।
News in Detail
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को गंभीर धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों, तेल कुओं और खर्ग द्वीप को नष्ट कर देगा। यह बयान ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट 'ट्रूथ सोशल' पर दिया।
ट्रंप का आरोप
ट्रंप ने कहा कि यह हमला उनके सैनिकों और नागरिकों के बदले में होगा, जिन्हें ईरान ने पुराने शासन के दौरान मारा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम अमेरिकी सैनिकों के बलिदान का प्रतिशोध होगा।
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ईरान को निशाना बनाने की धमकी
उधर, ईरान ने भी अपने बयान में अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के आवासों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने कहा कि अब अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के आवासों को वैध निशाना माना जा सकता है। यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक है।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव
यह युद्ध 31वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन दोनों पक्षों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
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हम परमाणु हथियार नहीं बना रहे हैं: ईरान
ईरान ने कहा कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है। वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हिस्सा बनने पर विचार कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि ईरान न कभी परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है, न ही उसने कभी ऐसी कोशिश की है।
क्या होगा आगे?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्थिति और जटिल होती जा रही है। दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप का बयान इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है। ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना बढ़ी है।