UCO Bank के पूर्व चेयरमैन सुबोध गोयल को ED ने किया गिरफ्तार, लोन के बदले रिश्वत का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूको बैंक (UCO Bank) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुबोध कुमार गोयल को बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी कोलकाता स्थित उनके घर से की गई। कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) 2002 के तहत की गई।
सीएसपीएल को दिए गए लोन पर घोटाले का आरोप
यह मामला छत्तीसगढ़ की एक कंपनी सीएसपीएल (CSPL) से जुड़ा है, जिसे यूको बैंक (uco bank) ने 6 हजार 210 करोड़ का भारी-भरकम लोन दिया था। यह लोन सुबोध गोयल के चेयरमैन रहते हुए स्वीकृत हुआ था। जांच में सामने आया है कि यह राशि कंपनी ने अन्यत्र भेज दी और इसका इस्तेमाल गलत ढंग से किया गया। इस गड़बड़ी को लेकर पहले ही सीबीआई (CBI) द्वारा एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अब ईडी इस मामले में आर्थिक गड़बड़ियों और धनशोधन (money laundering) की परतें खोल रही है।
ईडी का आरोप: गोयल को मिला कैश और संपत्ती का लाभ
ईडी ने दावा किया है कि इस लोन की मंजूरी और उसके दुरुपयोग के बदले में सुबोध गोयल को निजी फायदे दिए गए। इसमें नकद राशि, जमीन-जायदाद, कीमती सामान और लग्जरी होटल बुकिंग तक शामिल है। ईडी की जांच में सामने आया कि ये सभी फायदे गोयल तक शेल कंपनियों, फ्रंट कंपनियों और उनके परिवार के नाम से पहुंचे ताकि असली लेन-देन छुपाया जा सके। इतना ही नहीं, जांच में कई संपत्तियां भी गोयल और उनके परिजनों के नाम पर या उनकी देखरेख में खरीदी गई हैं।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी, करोड़ों की संपत्ति जब्त
ईडी इस मामले में पहले भी एक बड़ी गिरफ्तारी कर चुकी है। दिसंबर 2024 में सीएसपीएल के प्रमोटर संजय सुरेका को गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2025 में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। साथ ही, सुरेका और उनकी कंपनी की 510 करोड़ रुपए की संपत्तियां भी ईडी द्वारा दो अलग-अलग आदेशों में जब्त की गई हैं। अब सुबोध गोयल की गिरफ्तारी इस केस की अगली बड़ी कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
यह भी पढ़ें...पारदर्शिता के लिए बने पोर्टल के जरिए 161 करोड़ का घोटाला
ईडी की जांच और आगे की कार्रवाई
ईडी अब गोयल से पूछताछ कर रही है कि आखिर उन्होंने कितनी संपत्तियां और अवैध लाभ इस घोटाले से प्राप्त किए। साथ ही, इसमें शामिल अन्य बैंक अधिकारियों, दलालों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सुबोध गोयल के कार्यकाल में लोन प्रक्रिया में कैसे अनियमितता हुई, इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार थे और कितने पैसों की हेराफेरी हुई – ये सभी सवाल अब ईडी की प्राथमिक जांच में शामिल हैं।
घोटाले की परतें और संभावित गिरफ्तारी की संभावना
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संभावना है कि आगे और भी कई बैंक अधिकारी और कारोबारी ईडी की जांच के घेरे में आ सकते हैं। ईडी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस लोन घोटाले के पीछे कौन-कौन प्रमुख राजनीतिक और वित्तीय चेहरे रहे हैं। फिलहाल इस केस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें...शराब घोटाला में आबकारी विभाग के 30 अधिकारियों के खिलाफ चलेगा केस, जानें उनके नाम
आसान भाषा में खबर को समझें
- यूको बैंक के पूर्व चेयरमैन सुबोध गोयल को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया।
- सीएसपीएल को 6 हजार 210 करोड़ रुपए का लोन मंजूर हुआ था, जिसे गलत तरीके से उपयोग किया गया।
- ईडी का दावा – लोन मंजूरी के बदले गोयल को नकद और संपत्तियों में रिश्वत मिली।
- इससे पहले प्रमोटर संजय सुरेका की गिरफ्तारी हो चुकी है और ₹510 करोड़ की संपत्तियां जब्त हुईं।
- मामले की जांच जारी, आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
uco bank privatisation | Loan | PMLA Court | बैंक अधिकारी की संपत्ति जब्त | पूर्व बैंक अधिकारी पर ईडी की कार्रवाई