नशे से बचाव पढ़ाई का हिस्सा बनेगा, UGC शुरू करेगा कोर्स, मिलेंगे दो एक्स्ट्रा क्रेडिट अंक
समझें क्या है पूरा मामला
- यूजीसी नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ा है।
- छात्रों के लिए नया दो क्रेडिट का कोर्स आएगा।
- यह कोर्स स्नातक और परास्नातक में पढ़ाया जाएगा।
- कोर्स किसी भी विषय के साथ चुना जा सकेगा।
- मसौदे पर 26 अगस्त तक सुझाव मांगे गए हैं।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए UGC ने नई पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अब नशे के दुरुपयोग की रोकथाम और प्रबंधन पर कोर्स शुरू करेगा। यह कोर्स स्नातक और परास्नातक छात्रों के लिए उपलब्ध होगा।
इसे पूरा करने वाले छात्रों को दो अतिरिक्त क्रेडिट अंक मिलेंगे। यह पहल नशा मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में कदम मानी जा रही है।
किस लिए शुरू हो रहा है यह कोर्स
नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए केंद्र सरकार लगातार अभियान चला रही है। इसी मुहिम में अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी – University Grants Commission) भी शामिल हो गया है। आयोग ने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर के छात्रों के लिए एक नया कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है।
इस कोर्स का नाम रखा गया है नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम व प्रबंधन। यह किसी भी विषय के छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ चुन सकेंगे। कोर्स में नशे से बचाव के साथ-साथ इलाज से जुड़े उपाय भी सिखाए जाएंगे।
कब तक मांगे गए सुझाव
यूजीसी ने इस कोर्स का एक मॉडल मसौदा तैयार कर सार्वजनिक किया है। यूनिवर्सिटीज, उच्च शिक्षण संस्थानों, विषय विशेषज्ञों और छात्रों से 26 अगस्त तक सुझाव मांगे गए हैं।
यह कोर्स किसी भी छात्र के लिए अनिवार्य नहीं रखा गया है। लेकिन जो छात्र इसे पढ़ेंगे, उन्हें दो अतिरिक्त क्रेडिट अंक मिलेंगे। यह अंक उनकी डिग्री में दर्ज होंगे और भविष्य में नौकरी पाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
कोर्स में क्या-क्या पढ़ाया जाएगा
इस कोर्स को कुल पांच चैप्टर में बांटा गया है। पहले चैप्टर में बताया जाएगा कि नशा और उसकी लत आखिर होती क्या है। इसके बाद बताया जाएगा कि नशे से कैसे बचा जा सकता है।
एक चैप्टर में यह भी सिखाया जाएगा कि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है या नहीं, इसकी पहचान कैसे करें। साथ ही ऐसे व्यक्ति की देखरेख कैसे की जानी चाहिए, यह भी बताया जाएगा।
बाकी चैप्टरों में देश में नशे से जुड़े कानूनों और सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि युवा इस मुहिम से किस तरह जुड़ सकते हैं।
सौ हफ्तों के अभियान से जुड़ी पहल
यूजीसी ने यह पहल ऐसे समय पर की है, जब देश में नशे के खिलाफ सौ हफ्तों का एक बड़ा अभियान पहले से चल रहा है। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए नशे के बढ़ते संकट का जिक्र किया था। उन्होंने इससे निपटने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया था। यूजीसी के अनुसार, यह कोर्स मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही शुरू करने की योजना है।
क्रेडिट अंक से कैसे मिलेगा फायदा
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी – National Education Policy) के तहत छात्र नियमित पढ़ाई के साथ अतिरिक्त क्रेडिट अंक भी हासिल कर सकते हैं। यह अंक छात्र के क्रेडिट बैंक में जमा रहते हैं।
अगर कोई छात्र ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान किसी विषय में फेल हो जाता है, तो डिग्री के लिए तय क्रेडिट अंक पूरे नहीं हो पाते। ऐसे में यह अतिरिक्त क्रेडिट अंक काम आ सकते हैं और डिग्री पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा नौकरी के दौरान भी विषय से जुड़े क्रेडिट अंकों का फायदा मिल सकता है। सामान्य स्नातक डिग्री के लिए कुल 120 क्रेडिट अंक जरूरी होते हैं। एक क्रेडिट अंक पाने के लिए क्लासरूम में 15 घंटे पढ़ाई या लैब में 30 घंटे काम करना जरूरी होता है।
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