सरोगेट ऐड पर शाहरुख, अजय और टाइगर को एफडीए का नोटिस, 15 दिनों में मांगा जवाब
Vimal Advertising Controversy: बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस दिया है। यह नोटिस विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर भेजा गया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह कार्रवाई 11 अगस्त को की गई है। एफडीए ने तीनों स्टार्स से 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा है। यह नोटिस विमल इलायची ब्रांड के प्रचार में उनकी भूमिका को लेकर है। एफडीए ने तीनों अभिनेताओं के आधिकारिक पतों पर यह नोटिस भेजा है।
क्या है पूरा मामला
शाहरुख खान को उनके बांद्रा वाले घर मन्नत पर नोटिस भेजा गया है। अजय देवगन को उनके जुहू वाले घर के पते पर नोटिस मिला है। टाइगर श्रॉफ को उनकी कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस के पते पर नोटिस मिला। अब तीनों अभिनेताओं को तय समय में अपना एक्सप्लनेशन देना होगा। अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह पूरा मामला सरोगेट एडवरटाइजिंग यानी अप्रत्यक्ष विज्ञापन से जुड़ा हुआ है। एफडीए का मानना है कि यह नियम का सीधा उल्लंघन है। महाराष्ट्र में किसी भी तरह के पान मसाले का प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसलिए इलायची के नाम पर पान मसाले के प्रचार पर सवाल उठे हैं। इस खबर के सामने आते ही बॉलीवुड और विज्ञापन जगत में खलबली मच गई है।
नोटिस में क्या आरोप लगाए गए
एफडीए का कहना है कि विज्ञापन में ब्रांड नेम विमल साफ दिखता है। इसमें इस्तेमाल किए गए डायलॉग भी सीधे इसी ब्रांड से जुड़े हैं। चूंकि विमल ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला बनाने के लिए जाना जाता है।
इसलिए इस ऐड से पान मसाले का ही इनडायरेक्ट प्रचार हो रहा है। विभाग का मानना है कि इससे आम जनता के बीच भ्रम फैलता है। लोग इलायची के बहाने प्रतिबंधित उत्पाद की तरफ आकर्षित होते हैं।
महाराष्ट्र में क्यों लगा है बैन
महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बेहद कड़े नियम लागू किए गए हैं। राज्य में गुटखा और पान मसाला पर 2012 से बैन है। यह प्रतिबंध हर साल एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है।
इस बार 13 जुलाई 2026 से बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। इसके तहत पान मसाला बनाने, बेचने और लाने-ले जाने पर पूरी रोक है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
गुटखा नेटवर्क पर मकोका की तैयारी
राज्य सरकार अब अवैध गुटखा नेटवर्क को जड़ से खत्म करना चाहती है। इसके लिए संगठित अपराध से जुड़े कड़े कानून का सहारा लिया जाएगा। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पुलिस को मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई करने को कहा है। इसका मतलब है कि गुटखा माफिया पर अब गैंगस्टरों जैसी कार्रवाई होगी। पुलिस और एफडीए मिलकर बड़े नेटवर्क पर छापेमारी कर रहे हैं।
सरोगेट ऐड क्या होता है
जब किसी बैन प्रोडक्ट का सीधे प्रचार नहीं हो पाता, तब सरोगेट ऐड बनता है। इसमें उसी ब्रांड नेम से किसी दूसरे प्रोडक्ट का प्रचार करते हैं। जैसे शराब या पान मसाला कंपनियां सोडा या इलायची का ऐड बनाती हैं।
कानून के मुताबिक इलायची का विज्ञापन अपने आप में गलत नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में पान मसाला पर पूरी तरह से बैन लगा हुआ है। इसलिए एफडीए का कहना है कि इनडायरेक्ट प्रचार भी गैरकानूनी है।
एफडीए की बड़ी कार्रवाई के आंकड़े
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा (पान मसाला एड)के खिलाफ अभियान बहुत तेज कर दिया गया है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। एफडीए ने राज्य भर के 658 ठिकानों पर जोरदार छापेमारी की। इस दौरान 15.11 करोड़ रुपए का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया।
मामले में कुल 519 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 701 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। इसके अलावा माल ढोने में इस्तेमाल 78 वाहन भी जब्त किए गए हैं। इन जब्त किए गए वाहनों की कुल कीमत 6.6 करोड़ रुपये है।
विमल इलायची ऐड का पुराना विवाद
विमल इलायची का यह विज्ञापन अभियान पहले भी विवादों में रह चुका है। साल 2018 में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने कंपनी को नोटिस दिया था। यह नोटिस सिगरेट(FDA) और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत भेजा गया था। तब कंपनी ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा था।
कंपनी ने कोर्ट में कहा कि वह देश में तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है। वे केवल बिना तंबाकू वाले उत्पादों का ही व्यापार करते हैं। जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने कंपनी को तंबाकू-रहित उत्पादों के ऐड की इजाजत दी थी।
कोर्ट ने कहा था कि बिना तंबाकू वाले पान मसाले का व्यापार मौलिक अधिकार है।
जब तक कानूनन बैन न हो, तब तक व्यापार किया जा सकता है। हालांकि महाराष्ट्र का मामला दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से थोड़ा अलग है। यहां राज्य सरकार ने पान मसाले पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसी वजह से एफडीए इस विज्ञापन को राज्य के नियमों का उल्लंघन मान रहा है। अब देखना होगा कि तीनों अभिनेता इस पर क्या सफाई देते हैं। maharashtra Pan Masala
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