FSSAI का बड़ा फैसला: पान मसाला पैकेजिंग में प्लास्टिक पर बैन, बढ़ सकते हैं रेट
Manya Jain | Aug 13, 2026, 14:57 IST
pan masala plastic packaging ban fssai
FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। 10 अगस्त 2026 से लागू नियम के तहत अब सिर्फ पेपर, टिन या कांच का इस्तेमाल होगा। कीमतें बढ़ने के आसार हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक बैन कर दिया है।
- यह नियम 10 अगस्त 2026 से लागू हो गया है।
- अब कंपनियां पॉलीथिन, पीवीसी या एल्युमिनियम फॉयल इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी।
- पैकिंग के लिए पेपर, टिन और कांच जैसे विकल्प सुझाए गए हैं।
- इससे पान मसाला की कीमतें बढ़ने की आशंका है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने पैकेजिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। नए नियम के तहत कंपनियां अपने प्रोडक्ट में प्लास्टिक या किसी भी सिंथेटिक चीज का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। इसका असर सीधे ग्राहकों तक पहुंचेगा।
प्लास्टिक पैकेजिंग को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। इस्तेमाल के बाद फेंके गए प्लास्टिक पाउच सड़कों और नालियों में जमा होते रहे हैं। FSSAI का यह कदम पैकेजिंग को पर्यावरण के लिहाज से सुरक्षित बनाने की दिशा में देखा जा रहा है।
कब से लागू होगा नियम
नए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपिलीन और पॉलीएस्टर पर रोक लगा दी गई है। पीवीसी (PVC – Polyvinyl Chloride) जैसे सिंथेटिक पॉलिमर और लैमिनेट का इस्तेमाल भी अब नहीं होगा। इसके साथ ही एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर पर भी बैन लगाया गया है।
यह कदम सीधे पैकेजिंग इंडस्ट्री को प्रभावित करेगा। कंपनियों को अपने पुराने प्रोसेस में बड़ा बदलाव करना होगा। यह बदलाव जल्दी लागू करना भी उनके लिए चुनौती बनेगा।
छोटी और मझोली कंपनियों के लिए यह बदलाव और मुश्किल हो सकता है। बड़ी कंपनियों के पास नई मशीनरी लगाने के लिए पूंजी ज्यादा होती है। वहीं छोटे उत्पादकों को समय पर तालमेल बिठाना कठिन साबित हो सकता है।
नई पैकिंग कैसी होगी
NEW PAAN MASALA PACKAGING
इसका मतलब है कि अगली बार जब आप पान मसाला खरीदने जाएं, तो दुकान पर पैकिंग बदली हुई मिल सकती है। छोटे पाउच की जगह डिब्बों या टिन के पैक ज्यादा दिखाई दे सकते हैं। शुरुआत में यह बदलाव ग्राहकों को अटपटा भी लग सकता है।
क्या बदलेगा दुकानों पर
NEW PAAN MASALA RULES
पान की दुकानों और छोटे किराना स्टोर पर अभी तक ज्यादातर पान मसाला पाउच के रूप में बिकता रहा है। नई पैकिंग आने पर दुकानदारों को ग्राहकों को नए फॉर्मेट के बारे में भी बताना होगा। शुरुआती महीनों में यह बदलाव थोड़ा असामान्य लग सकता है।
ग्राहकों पर कैसे पड़ेगा असर
इससे पान मसाला बनाने की लागत बढ़ सकती है। जाहिर है इसका सीधा असर प्रोडक्ट की कीमत पर भी पड़ सकता है। ग्राहकों को आने वाले समय में ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं।
नई पैकिंग से एक और चुनौती सामने आ सकती है, वह है शेल्फ लाइफ। प्लास्टिक हटने से प्रोडक्ट की सुरक्षा को लेकर नई सावधानी बरतनी होगी। सामान की ढुलाई के दौरान नुकसान का खतरा भी पहले से बढ़ सकता है।
कंपनियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि नई पैकिंग में नमी और खराब होने से बचाव हो सके। यह तकनीकी चुनौती भी उनके सामने खड़ी है। आने वाले महीनों में इसका असर बाजार में साफ दिखने लगेगा।
मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पान मसाला की खपत बड़ी संख्या में होती है। इन राज्यों के छोटे दुकानदारों और वितरकों को भी नए नियम के हिसाब से खुद को ढालना होगा। शुरुआती दौर में सप्लाई चेन में हल्की अड़चनें आ सकती हैं।
फिलहाल कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है समय पर नई पैकेजिंग व्यवस्था खड़ी करना। जो कंपनियां जल्दी बदलाव अपनाएंगी, उन्हें बाजार में बढ़त मिल सकती है। वहीं देरी करने वाली कंपनियों को नियम तोड़ने का खतरा झेलना पड़ सकता है।
लोकल कनेक्शन
FAQ
- FSSAI का नया पैकेजिंग नियम कब से लागू होगा?
यह नियम 10 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। सभी पान मसाला कंपनियों को इसका पालन करना होगा। - पान मसाला पैकेजिंग में अब क्या इस्तेमाल नहीं होगा?
अब प्लास्टिक, पीवीसी, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल नहीं होगा। इनकी जगह पेपर, टिन या कांच जैसी सामग्री अपनानी होगी। - क्या इस नियम से पान मसाला महंगा होगा?
कागज और टिन जैसी सामग्री महंगी होने से लागत बढ़ सकती है। इससे पान मसाला की कीमत में इजाफा होने की आशंका है।
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