ओल्ड मॉन्क, एंटीक्विटी, रॉयल चैलेंज और बैगपाइपर समेत कई शराब ब्रांड्स पर लगी रोक
Sourabh Bhatnagar | Aug 04, 2026, 09:34 IST
fssai bans old monk royal challengers antiquity bagpiper whisky
FSSAI ने Old Monk, बैगपाइपर डीलक्स, रॉयल चैलेंज और एंटिक्विटी ब्लू की कुछ वैरायटी पर रोक लगाई है। जांच में नकली फ्लेवर और उम्र से जुड़े गलत दावे मिले हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कुछ यूनिट पर सीधी कार्रवाई हुई है।
- FSSAI ने Old Monk, बैगपाइपर डीलक्स की कुछ वैरायटी पर रोक लगाई।
- रॉयल चैलेंज और एंटिक्विटी ब्लू व्हिस्की भी इस सूची में शामिल हैं।
- नकली फ्लेवर मिलाकर असली स्वाद की नकल करने का आरोप है।
- ओल्ड मोंक के एक वेरिएंट पर उम्र का गलत दावा भी मिला।
- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र की कुछ फैक्ट्री यूनिट पर सीधी कार्रवाई हुई।
सवाल सिर्फ सप्लाई रुकने का नहीं है, बल्कि उस दावे का भी है जिसमें कई शराबों को सालों पुरानी और खास स्वाद वाली बताया जाता है। FSSAI की जांच में कुछ उत्पादों में फ्लेवर और लेबलिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। कार्रवाई के बाद कई राज्यों में इन ब्रांड्स की उपलब्धता प्रभावित हुई है
Position of FSSAI on the use of identical flavours in Alcoholic Beverages pic.twitter.com/Uex8wYv9AL
— FSSAI (@fssaiindia) August 2, 2026
क्या है पूरा विवाद
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ऐसे उत्पाद घटिया क्वालिटी के होते हैं। साथ ही स्टैंडर्ड कैटेगरी के नाम का गलत इस्तेमाल करके ग्राहकों को गुमराह किया जाता है। पैकेजिंग के अगले हिस्से पर भी सही जानकारी नहीं दी गई थी। इससे ग्राहक असली प्रोडक्ट की पहचान नहीं कर पाते थे।
13883b8a-e71
किन ब्रांड्स पर रोक
मध्य प्रदेश में यूनाइटेड स्पिरिट्स की एक यूनिट में एंटिक्विटी ब्लू और रॉयल चैलेंज व्हिस्की बनती है। इनब्रू बेवरेजेज की मध्य प्रदेश यूनिट में बैगपाइपर डीलक्स और ओल्ड कास्क डीलक्स रम बनता है। महाराष्ट्र की मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर कंपनी की खोपोली यूनिट में ओल्ड मोंक के तीन वेरिएंट बनते हैं। एफएसएसएआई ने इन तीनों यूनिट पर सीधी कार्रवाई की है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश में एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज पर भी रोक लगाई गई। यूनाइटेड स्पिरिट्स की बारामती फैसिलिटी भी इस सूची में शामिल है। गोवा में मैंडेक्सी डिस्टिलरीज और ब्रुअरीज में जांच और सैंपलिंग हुई। महाराष्ट्र में छह अन्य निर्माताओं को भी नोटिस भेजे गए हैं।
fssai bans select old monk bagpiper royal challenge
क्यों हुई कार्रवाई
एफएसएसएआई का कहना है कि रम में रम जैसा फ्लेवर और व्हिस्की में व्हिस्की जैसा फ्लेवर मिलाना सामान्य तरीका नहीं है। लैब टेस्टिंग में कई सैंपल में आर्टिफिशियल या नेचर आइडेंटिकल फ्लेवर मिले। इससे प्रोडक्ट का असली स्वाद छिप जाता है। नियामक के मुताबिक इससे प्रोडक्ट की क्वालिटी तय मानकों से कम हो जाती है।
एक और बड़ा मामला ओल्ड मोंक ट्रिपल एक्स रम से जुड़ा है। इसके एक वेरिएंट पर सात साल पुराना ब्लेंड होने का दावा किया गया था। मंत्रालय ने इस दावे को गलत और गुमराह करने वाला बताया। नियमों के मुताबिक ब्लेंड की उम्र सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर तय होती है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह मामला पूरी शराब इंडस्ट्री से जुड़ा नहीं है। कई निर्माता तय मानकों के अनुसार ही शराब बना रहे हैं। कॉफी और वैनिला जैसे फ्लेवर की अनुमति तब मिलती है जब वे कानूनी रूप से तय हों। मौजूदा मामला सिर्फ नकली फ्लेवर वाले उत्पादों से जुड़ा है।
184b8b70-e8f
कंपनियों ने क्या कदम उठाए
- कार्रवाई के बाद कुछ कंपनियां राहत के लिए अदालत पहुंची हैं।
- दो कंपनियों की अपील पर FSSAI ने सशर्त राहत दी है।
- इसके तहत मौजूदा स्टॉक की बिक्री को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है।
- इंडस्ट्री संगठन CIABC (Confederation of Indian Alcoholic Beverage Companies) और ISWAI (International Spirits and Wines Association of India) ने भी FSSAI के सामने कंपनियों का पक्ष रखा है।
- कंपनियों का कहना है कि वह नियमों का पालन कर रही हैं।
बाजार पर क्या असर पड़ा
- इस कार्रवाई का असर शराब बाजार में दिखाई दे रहा है।
- कुछ राज्यों में ग्राहकों को पसंदीदा ब्रांड आसानी से नहीं मिल रहे हैं।
- हालांकि यह पूरी तरह सप्लाई रुकने का मामला नहीं है।
- कई उत्पादों पर जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
- आने वाले दिनों में FSSAI के अगले फैसलों से स्थिति साफ होगी।
शराब की उम्र को लेकर बहस
- इस मामले के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या हर पुरानी शराब वास्तव में उतनी पुरानी होती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार शराब की उम्र और उसकी ब्लेंडिंग प्रक्रिया के नियम तय हैं।
- अगर किसी उत्पाद में अलग उम्र की स्पिरिट मिलती है तो उसकी उम्र का दावा नियमों के अनुसार होना चाहिए।
- यही वजह है कि FSSAI ने लेबलिंग और दावों की जांच शुरू की है।
एफएसएसएआई की सख्ती बढ़ी
आने वाले दिनों में एफएसएसएआई की तरफ से और जानकारी सामने आ सकती है। तब यह साफ होगा कि रोक का दायरा कितना बड़ा है और आम ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ता है।
आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर काफी अहम मानी जा रही है। बाजार में मौजूद बोतल खरीदने से पहले लेबल जरूर पढ़ना चाहिए। अगर कोई शक हो तो दुकानदार से बैच नंबर जरूर पूछें। सरकार का मकसद है कि ग्राहकों को असली और सुरक्षित प्रोडक्ट मिले। आने वाले समय में एफएसएसएआई और राज्यों के फूड सेफ्टी विभाग मिलकर निगरानी बढ़ा सकते हैं। इससे नकली फ्लेवर वाले उत्पादों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
FAQ
- प्रश्न 1: FSSAI ने किन शराब ब्रांड्स पर रोक लगाई है?
उत्तर: FSSAI ने ओल्ड मोंक रम, बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की, रॉयल चैलेंज व्हिस्की, एंटिक्विटी ब्लू व्हिस्की, मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम और ओल्ड कास्क डीलक्स ट्रिपल एक्स रम की कुछ वैरायटी पर रोक लगाई है। यह रोक इन ब्रांड्स की हर बोतल पर नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा फैक्ट्री यूनिट में बने उत्पादों पर लागू है।
ये खबरें भी पढ़ें...
इंदौर शराब दुकान विवाद में जिलाबदर बदमाश पर FIR, केस से सिपाही गायब
शराब के लिए हंगामा करने वाला सिपाही, कभी अफसरों का था लाडला, हिस्ट्रीशीटर से है कनेक्शन
त्रिशूल, सांप्रदायिक नारे और शराब पर बैन, राजस्थान में कांवड़ियों के लिए नियम
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava