भूलकर भी फोन से न निकालें सिम, नहीं तो बंद हो जाएगा WhatsApp; नए नियम से करोड़ों यूजर्स की बढ़ेगी परेशानी
Amresh Kushwaha | Oct 22, 2026, 22:18 IST
WhatsApp से लेकर Telegram तक बदलेंगे नियम।
Don't remove the SIM card from your phone not even by mistake or your WhatsApp will stop working; new rules set to cause trouble for millions of users.
अगर आप WhatsApp इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। अब फोन से सिम कार्ड निकालना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। सरकार के नए SIM Binding नियम के तहत WhatsApp को रजिस्टर्ड सिम से जोड़कर रखना होगा। यानी जिस सिम से WhatsApp अकाउंट बनाया है, वह फोन में एक्टिव रहनी जरूरी होगी।
सिम निकालने या बंद होने पर WhatsApp चलाने में दिक्कत आ सकती है। कंपनियों को 31 दिसंबर तक नियम लागू करने का समय दिया गया है। नए नियम 1 जनवरी से लागू होने की उम्मीद है।
अभी WhatsApp इस्तेमाल करने के लिए शुरुआत में मोबाइल नंबर वेरिफाई करना पड़ता है। इसके लिए SMS पर एक OTP आता है। OTP डालने के बाद WhatsApp अकाउंट चालू हो जाता है।
इसके बाद फोन से सिम निकाल देने पर भी WhatsApp आमतौर पर चलता रहता है। कई लोग एक फोन में सिम लगाकर WhatsApp चालू करते हैं। फिर सिम निकालकर दूसरे फोन में लगा देते हैं।
वहीं, नए नियम के तहत ऐसा करना मुश्किल हो सकता है। WhatsApp को उसी सिम से जुड़ा रहना होगा जिससे अकाउंट बनाया गया है। यदि फोन में वह सिम मौजूद नहीं है या बंद हो गई है तो ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।
केंद्र सरकार ने मैसेजिंग कंपनियों को नए नियम लागू करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया है। ऐसे में 1 जनवरी से SIM Binding नियम लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, फोन से सिम निकालते ही WhatsApp अपने आप बंद हो जाएगा या दोबारा वेरिफिकेशन मांगेगा, इसकी पूरी जानकारी अभी साफ नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp एंड्रॉयड फोन पर इस फीचर की बीटा टेस्टिंग भी कर रहा है।
सरकार ने 28 नवंबर 2025 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसके दायरे में WhatsApp के अलावा कई दूसरे मैसेजिंग ऐप भी शामिल हैं। इनमें Telegram, Signal, Snapchat, Arattai, ShareChat, Josh और JioChat शामिल हैं। भारत में अकेले WhatsApp के करीब 50 करोड़ यूजर्स बताए जाते हैं। ऐसे में नए नियम का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ सकता है।
दूरसंचार विभाग (DoT) का कहना है कि साइबर ठग मौजूदा व्यवस्था का गलत फायदा उठाते हैं। कई बार ठग किसी मोबाइल नंबर से WhatsApp अकाउंट बना लेते हैं। इसके बाद सिम बंद होने या निकालने पर भी अकाउंट चलता रहता है।
ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल लोगों से ठगी करने में किया जा सकता है। कई साइबर अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताते हैं। फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर पैसे मांगते हैं।
संचार मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल साइबर ठगी से 22 हजार 800 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ था। सरकार का कहना है कि नए नियमों से मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
नए नियम से उन लोगों को परेशानी हो सकती है जो बिना सिम वाले डिवाइस पर WhatsApp चलाते हैं। कुछ लोग एक ही WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कई डिवाइस पर करते हैं। वहीं, कई यूजर्स टैबलेट और दूसरे फोन पर भी अपना अकाउंट चलाते हैं।
ऐसे यूजर्स को अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, अलग-अलग डिवाइस पर नियम किस तरह लागू होगा, इसकी पूरी स्थिति अभी साफ नहीं है। विदेश यात्रा करने वालों को भी परेशानी हो सकती है। खासकर उन लोगों को जो विदेश पहुंचकर भारतीय सिम निकाल देते हैं और स्थानीय सिम इस्तेमाल करते हैं।
सरकार ने पहले WhatsApp Web जैसे वेब वर्जन को हर छह घंटे में लॉगआउट करने की शर्त रखी थी। इसका मतलब था कि कंप्यूटर पर WhatsApp चलाने वालों को बार-बार लॉगिन करना पड़ सकता था।
वहीं, अब इस नियम में राहत दी गई है। हर छह घंटे में लॉगआउट करने की जगह जोखिम के आधार पर लॉगआउट की व्यवस्था रखी गई है। जरूरत पड़ने पर यूजर्स को QR कोड से दोबारा डिवाइस लिंक करना पड़ सकता है।
नए नियम से आम यूजर्स के साथ छोटे कारोबारियों को भी परेशानी होने की आशंका है। थिंक टैंक CUTS International के सर्वे में 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने नए नियमों को लेकर चिंता जताई है।
वहीं, 60 प्रतिशत से ज्यादा छोटे कारोबारियों ने भी परेशानी होने की आशंका जताई है। सर्वे में करीब 86 प्रतिशत यूजर्स ने बताया कि वे परिवार के सदस्यों को मैसेजिंग के लिए अपना फोन या सिम इस्तेमाल करने देते हैं। ऐसे में नियम लागू होने पर इन लोगों के WhatsApp इस्तेमाल करने का तरीका प्रभावित हो सकता है।
सरकार ने मैसेजिंग ऐप चलाने वाली कंपनियों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इनका पालन नहीं करने पर दूरसंचार अधिनियम 2023 और टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी नियम 2024 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
सरकार मोबाइल नंबरों की जांच के लिए Mobile Number Verification प्लेटफॉर्म लाने की भी योजना बना रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मोबाइल नंबर सही यूजर से जुड़ा है या नहीं।
फिलहाल यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने WhatsApp अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर को एक्टिव रखें। यदि आप फोन से सिम निकालते हैं या दूसरे नंबर का इस्तेमाल करते हैं तो नए नियम लागू होने पर दिक्कत आ सकती है।
हालांकि, यह कहना अभी सही नहीं होगा कि सिम निकालते ही हर फोन में WhatsApp बंद हो जाएगा। इसका असर नियम लागू होने और ऐप की तकनीकी व्यवस्था साफ होने के बाद ही पता चलेगा।
फोन से सिम निकाली तो क्या होगा?
इसके बाद फोन से सिम निकाल देने पर भी WhatsApp आमतौर पर चलता रहता है। कई लोग एक फोन में सिम लगाकर WhatsApp चालू करते हैं। फिर सिम निकालकर दूसरे फोन में लगा देते हैं।
वहीं, नए नियम के तहत ऐसा करना मुश्किल हो सकता है। WhatsApp को उसी सिम से जुड़ा रहना होगा जिससे अकाउंट बनाया गया है। यदि फोन में वह सिम मौजूद नहीं है या बंद हो गई है तो ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।
1 जनवरी से क्या बदलने वाला है?
रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp एंड्रॉयड फोन पर इस फीचर की बीटा टेस्टिंग भी कर रहा है।
WhatsApp ही नहीं, इन ऐप्स पर भी असर
सरकार क्यों बदल रही है नियम?
ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल लोगों से ठगी करने में किया जा सकता है। कई साइबर अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताते हैं। फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर पैसे मांगते हैं।
संचार मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल साइबर ठगी से 22 हजार 800 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ था। सरकार का कहना है कि नए नियमों से मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बिना सिम वाले फोन और टैबलेट का क्या होगा?
ऐसे यूजर्स को अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, अलग-अलग डिवाइस पर नियम किस तरह लागू होगा, इसकी पूरी स्थिति अभी साफ नहीं है। विदेश यात्रा करने वालों को भी परेशानी हो सकती है। खासकर उन लोगों को जो विदेश पहुंचकर भारतीय सिम निकाल देते हैं और स्थानीय सिम इस्तेमाल करते हैं।
WhatsApp Web पर भी बदलेगा नियम
वहीं, अब इस नियम में राहत दी गई है। हर छह घंटे में लॉगआउट करने की जगह जोखिम के आधार पर लॉगआउट की व्यवस्था रखी गई है। जरूरत पड़ने पर यूजर्स को QR कोड से दोबारा डिवाइस लिंक करना पड़ सकता है।
छोटे कारोबारियों को क्यों हो रही चिंता?
वहीं, 60 प्रतिशत से ज्यादा छोटे कारोबारियों ने भी परेशानी होने की आशंका जताई है। सर्वे में करीब 86 प्रतिशत यूजर्स ने बताया कि वे परिवार के सदस्यों को मैसेजिंग के लिए अपना फोन या सिम इस्तेमाल करने देते हैं। ऐसे में नियम लागू होने पर इन लोगों के WhatsApp इस्तेमाल करने का तरीका प्रभावित हो सकता है।
नियम नहीं मानने वाली कंपनियों पर कार्रवाई
सरकार मोबाइल नंबरों की जांच के लिए Mobile Number Verification प्लेटफॉर्म लाने की भी योजना बना रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मोबाइल नंबर सही यूजर से जुड़ा है या नहीं।
WhatsApp यूजर्स को अब क्या करना चाहिए?
हालांकि, यह कहना अभी सही नहीं होगा कि सिम निकालते ही हर फोन में WhatsApp बंद हो जाएगा। इसका असर नियम लागू होने और ऐप की तकनीकी व्यवस्था साफ होने के बाद ही पता चलेगा।
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