वर्ल्ड प्रेस फोटो ऑफ द ईयर-2025: युद्ध के शोर पर भारी पड़ती एक तस्वीर

Sandeep Kumar | Apr 18, 2025, 23:21 IST
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समर अबू एलौफ द्वारा खींची गई 9 वर्षीय फिलिस्तीनी लड़के महमूद अजजोर की तस्वीर को वर्ल्ड प्रेस फोटो ऑफ द ईयर 2025 चुना गया है। यह तस्वीर गाजा युद्ध की त्रासदी और मानवीय दर्द की गूंज है।

देश दुनिया न्यूज- वर्ल्ड प्रेस फोटो ऑफ द ईयर 2025 का सम्मान इस साल एक ऐसी तस्वीर को मिला है, जो किसी भी संवेदनशील दिल को झकझोर सकती है। यह फोटो 9 साल के फिलिस्तीनी लड़के महमूद अजजोर की है, जिसने गाजा में एक इजरायली हमले में अपने दोनों हाथ खो दिए। इस मार्मिक क्षण को कैमरे में कैद किया है समर अबू एलौफ ने, जो न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए काम करने वाली फिलिस्तीनी फोटोग्राफर हैं। तस्वीर में महमूद को उस अवस्था में दिखाया गया है जब उसके दोनों हाथ कंधे के नीचे से कट चुके थे, और मासूम आंखों में एक बड़ा प्रश्न था-मैं अब तुम्हें कैसे गले लगाऊंगा?"



एक मां की पीड़ा और बेटे की मासूमियत

फोटोग्राफर समर अबू एलौफ ने बताया कि महमूद की मां के शब्द सबसे ज्यादा दिल तोड़ने वाले थे। उन्होंने कहा कि जब महमूद को होश आया और उसने महसूस किया कि उसके हाथ नहीं रहे, तो उसने सबसे पहले मां से यही पूछा-"अब मैं तुम्हें कैसे गले लगाऊंगा?" यह मासूमियत उस युद्ध की क्रूरता को उजागर करती है, जो बच्चों के बचपन को निगल रही है। महमूद की यह पीड़ा सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों की कहानी है जो संघर्षों में अपनी मासूमियत और अंगों से हाथ धो बैठते हैं।



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महज एक फोटो नहीं, पीढ़ियों की दास्तान

वर्ल्ड प्रेस फोटो संगठन के कार्यकारी निदेशक जोमाना एल जैन खोरी ने कहा कि यह तस्वीर शांत है, लेकिन बोलती बहुत कुछ है। यह सिर्फ एक बच्चे की नहीं, बल्कि युद्ध की एक व्यापक कहानी है, जिसका असर आने वाली कई पीढ़ियों पर पड़ेगा। इस तस्वीर ने न सिर्फ जजों का दिल छुआ, बल्कि दुनियाभर के दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युद्ध किस हद तक निर्दोष जीवन को प्रभावित करता है।



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महान सपने और संघर्ष करता एक बच्चा

महमूद का सपना है कि उसे कृत्रिम हाथ मिलें और वह एक सामान्य बच्चे की तरह जीवन जी सके। वह अपने पैरों से मोबाइल चलाना, लिखना, दरवाजा खोलना सीख रहा है, लेकिन कपड़े पहनने और खाना खाने जैसे बुनियादी कार्यों के लिए अभी भी उसे विशेष मदद की जरूरत होती है। उसकी यह इच्छा, उसका यह संघर्ष और उम्मीद इस युद्ध की राख से जीवन की नयी लौ को प्रज्वलित करता है।



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एक फोटोग्राफर की जंग, कैमरे के जरिए

अबू एलौफ दिसंबर 2023 में गाजा से बाहर निकाली गई थीं और अब दोहा में रहकर गंभीर रूप से घायल फिलिस्तीनियों की तस्वीरें खींचती हैं। यह तस्वीर भी उसी मिशन का हिस्सा थी। उन्होंने यह तस्वीर न्यूयॉर्क टाइम्स (new York Times ) के लिए ली और वह अब उस पत्रकारिता का चेहरा बन गई है जो कैमरे के जरिए सच्चाई को उजागर करती है। इस तस्वीर ने 141 देशों के 3,778 फोटोग्राफरों की 59,320 प्रविष्टियों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।



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