अधिक मास 2026: शुरू हुआ पुरुषोत्तम मास, इस बार 12 नहीं, 13 महीनों का होगा साल 2026

Kaushiki | Nov 27, 2025, 14:18 IST
adhik mass
वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास पड़ रहा है। इस कारण विक्रम संवत 2083 में 13 महीने होंगे। यह समय आध्यात्मिक साधना और भगवान विष्णु की पूजा के लिए पवित्र है।

Latest Religious News:अंग्रेजी कैलेंडर में साल की शुरुआत एक जनवरी से मानी जाती है। हिंदू परंपरा में हम समय की गणना विक्रम संवत के मुताबिक करते हैं। हिंदू पंचांग में नया साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है। आने वाला साल 2026 विक्रम संवत 2083 के रूप में कई मायनों में बहुत खास होगा।



इस वर्ष अधिक मास पड़ रहा है, जो इस बार ज्येष्ठ (जेठ) माह में आएगा। इसका सीधा अर्थ है कि साल 2026 में एक की जगह दो-दो ज्येष्ठ महीने रहेंगे। एक सामान्य ज्येष्ठ महीना होगा और दूसरा अधिक ज्येष्ठ कहलाएगा।



अधिक मास जुड़ने के कारण इस बार ज्येष्ठ का समय लगभग 58 से 59 दिनों तक रहेगा। इसी अतिरिक्त महीने को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक इस कारण विक्रम संवत 2083 में कुल 13 महीने होंगे जो एक दुर्लभ संयोग है।



कब से कब तक रहेगा अधिक मास 2026

पंचांग के मुताबिक, सामान्य ज्येष्ठ माह की शुरुआत 22 मई से होगी। इस बीच अधिक मास 17 मई 2026 से शुरू हो रहा है। यह पवित्र महीना 15 जून 2026 को समाप्त होगा। जब पंचांग में किसी एक महीने की अवधि दो बार आ जाती है, तो उस अतिरिक्त महीने को ही पुरुषोत्तम मास या अधिक मास कहते हैं।



जानें क्यों होता है अधिकमास - MyPandit Fresh WP1


क्यों हर तीसरे साल आता है अधिक मास

हमारे हिंदू पंचांग (Adhik Maas 2026) में लगभग हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। इसकी वजह ये है कि सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच करीब 11 दिनों का अंतर होता है। चंद्रमा का मासिक चक्र सूर्य की गणना से थोड़ा छोटा होता है। यह अंतर हर साल बढ़ता जाता है।



इसी बढ़ते हुए अंतर को ठीक करने और समय-चक्र को संतुलित करने के लिए हर 32 महीने, 16 दिन और कुछ घंटों के अंतराल पर यह पूरा महीना अतिरिक्त जोड़ दिया जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह अतिरिक्त समय अत्यंत पवित्र माना गया है। यह समय आध्यात्मिक साधना, जप-तप और दान के लिए उत्तम होता है।



Malmas 2023 : जानें अधिक मास में किन नियमों का विशेष ध्यान रखने से होगी भगवान की विशेष कृपा


अधिक मास में क्या करें और क्या न करें

ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, अधिक मास 2026 को भगवान विष्णु की उपासना का महीना माना गया है। इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। भगवान विष्णु की पूजा..



क्या करें:



  • भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करें।
  • दान-पुण्य करें, जैसे अन्न, वस्त्र और दीपक का दान बहुत शुभ माना जाता है।
  • मंत्र-जप, विशेषकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
  • नित्य श्रीमद्भागवत कथा या गीता का पाठ करें।
  • आत्मचिंतन और मन की शुद्धि पर ध्यान दें।
Adhik Maas 2020 में 15 तिथियां शुभ, खरीदारी व धार्मिक अनुष्ठान करना फलदायी - Adhik Maas 2020: 15 Au


क्या न करें:



  • विवाह, सगाई या गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।
  • बड़े पैसे का लेन-देन या प्रॉपर्टी खरीदना जैसे भौतिक विस्तार वाले कार्य वर्जित हैं।
  • धार्मिक कर्मों में लापरवाही या अनियमितता नहीं करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। dharm news today



ये खबर भी पढ़ें...



शनि जयंती 2026: साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने के लिए करें ये अचूक उपाय, जानें पूजा विधि



वट सावित्री व्रत 2026: बरगद की पूजा में न करें ये गलती, वरना अधूरी रहेगी पूजा, जानें व्रत के नियम



पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे



चारधाम यात्रा में क्या है केदारनाथ मंदिर का महत्व, भगवान शिव से जुड़ी है मान्यताएं



Tags:
  • भगवान विष्णु की पूजा
  • ज्योतिषशास्त्र
  • भगवान विष्णु
  • Latest Religious News
  • dharm news today
  • अधिक मास