शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में क्या है अंतर? जानें इनके अद्भुत तथ्य और रहस्य

Kaushiki | Jun 28, 2025, 17:30 IST
difference between Shivling and Jyotirling
शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग दोनों ही भगवान शिव के प्रतीक हैं, लेकिन इन दोनों में महत्वपूर्ण अंतर है। जानें इनके बीच का फर्क और भारत के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के बारे में।

भगवान शिव त्रिदेवों में एक महत्वपूर्ण देवता हैं, जिन्हें आशुतोष जिसका अर्थ है जल्दी प्रसन्न होने वाले भगवान। उनके भक्त उन्हें विभिन्न रूपों में पूजते हैं, जिनमें शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग प्रमुख हैं।



पुराणों के मुताबिक, शिवलिंग भगवान शिव का निराकार रूप है, जबकि ज्योतिर्लिंग वह रूप है जिसमें भगवान शिव स्वयं प्रकाश रूप में प्रकट हुए।



ज्योतिर्लिंग का मतलब है ‘ज्योति’ (प्रकाश) और ‘लिंग’ (चिन्ह)। भारत में 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, जिन्हें तीर्थ स्थलों पर पूजा जाता है और इनकी पूजा एक विशेष विधि से की जाती है



ये खबर भी पढ़ें... सर्वश्रेष्ठ शुभ योग के साथ शुरू हो रहा देवशयनी एकादशी 2025, भगवान विष्णु और शिव की पूजा का है महत्व



ज्योतिर्लिंग क्या है

ज्योतिर्लिंग शब्द का अर्थ है ‘ज्योति’ (प्रकाश) और ‘लिंग’ (चिन्ह)। इसका मतलब है भगवान शिव का वह स्वरूप, जो प्रकाश रूप में प्रकट हुआ। जब भगवान शिव स्वयं ज्योति के रूप में पृथ्वी पर प्रकट हुए, तो उसे ज्योतिर्लिंग कहा जाता है।



इसका उल्लेख शिव पुराण और लिंग पुराण में विस्तार से किया गया है। ज्योतिर्लिंग की पूजा एक विशेष समय और विधि से की जाती है। यह पवित्र और प्राचीन माने जाते हैं।



देश में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जिन्हें विशेष तीर्थ स्थलों पर पूजा जाता है। इनकी पूजा एक विशेष विधि से की जाती है। इनकी धार्मिक मान्यता बहुत अधिक है।



भारत में कुल 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं

  • सोमनाथ (Somanath)
  • मल्लिकार्जुन (Mallikarjuna)
  • महाकालेश्वर (Mahakaleshwar)
  • ओंकारेश्वर (Omkareshwar)
  • केदारनाथ (Kedarnath)
  • भीमाशंकर (Bhimasankar)
  • काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath)
  • त्र्यंबकेश्वर (Trimbakeshwar)
  • बैद्यनाथ (Baijnath)
  • नागेश्वर (Nageshwar)
  • रामेश्वरम (Rameshwar)
  • घृष्णेश्वर (Grishneshwar)

ये खबर भी पढ़ें... आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से है, ग्रह दोष निवारण के लिए ऐसे करें माता की पूजा



शिवलिंग क्या है

शिवलिंग भगवान शिव का प्रतीकात्मक रूप है, जो उनके निराकार स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है। यह प्रतीक मानव द्वारा स्थापित किया जाता है, हालांकि कुछ शिवलिंग स्वयंभू होते हैं, जो स्वयं पृथ्वी पर प्रकट होते हैं। शिवलिंग की पूजा में नियमित रूप से दूध, जल, बेलपत्र आदि चढ़ाए जाते हैं। यह मानव द्वारा स्थापित किया गया हो सकता है, लेकिन कुछ शिवलिंग स्वयंभू होते हैं, जैसे ज्योतिर्लिंग।



शिवलिंग के भी विभिन्न प्रकार

  • अंडाकार शिवलिंग - यह मनुष्य द्वारा निर्मित शिवलिंग होता है।
  • पारद शिवलिंग - यह पारे धातु से बना शिवलिंग है, जो मनुष्य द्वारा निर्मित होता है।
  • स्वयंभू शिवलिंग - यह वह शिवलिंग है जो स्वयं प्रकट हुआ हो, जैसे ज्योतिर्लिंग।
  • देव शिवलिंग - देवताओं द्वारा स्थापित शिवलिंग को देव शिवलिंग कहा जाता है।
  • असुर शिवलिंग - असुरों द्वारा स्थापित शिवलिंग को असुर शिवलिंग कहते हैं।
  • पुराणिक शिवलिंग - यह पुराणिक काल के व्यक्तियों द्वारा स्थापित शिवलिंग होते हैं।
  • मनुष्य शिवलिंग - यह मनुष्य द्वारा बनाए गए शिवलिंग होते हैं, जो पत्थर, धातु, मिट्टी, गोबर आदि से बने होते हैं।

ये खबर भी पढ़ें... कौन सा समय पूजा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जानें पूजा से जुड़ी कुछ जरूरी बातें?



thesootr links

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



shivling | ओंकारेशेवर ज्योतिर्लिंग | भगवान शिव ज्योतिर्लिंग न्यूज | देश के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंग | महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन | Mahakaleshwar Jyotirlinga | Mahakaleshwar Jyotirlinga Ujjain | धर्म ज्योतिष न्यूज



Tags:
  • भगवान शिव ज्योतिर्लिंग न्यूज
  • ओंकारेशेवर ज्योतिर्लिंग
  • महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन
  • jyotirlinga
  • Mahakaleshwar Jyotirlinga
  • देश के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंग
  • 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
  • 12 Jyotirlinga
  • Mahakaleshwar Jyotirlinga Ujjain
  • shivling
  • धर्म ज्योतिष न्यूज