धनतेरस 2025 पर शनि का साया, लक्ष्मी की कृपा चाहिए तो गलती से भी घर न लाएं ये 6 चीजें
Latest Religious News: त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। हम सब बेसब्री से धनतेरस का इंतजार कर रहे हैं। धनतेरस एक ऐसा पावन पर्व है, जब माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा पाने के लिए नई चीजें खरीदकर घर लाई जाती हैं।
यह खरीदारी समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस बार आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। इस साल धन त्रयोदशी यानी धनतेरस का त्योहार आज 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है।
धनतेरस 2025 पर शनि का साया
पंचांग के मुताबिक, सबसे खास बात यह है कि यह पावन दिन शनिवार को पड़ रहा है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को विशेष स्थान मिला हुआ है। ऐसे में धनतेरस और शनिवार का संयोग बन रहा है।
ज्योतिषविदों और पंडितों की सलाह है कि इस दिन खरीदारी करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए। ऐसा करने से शनि देव की नाराजगी से बचा जा सकेगा और माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी।
आइए, ज्योतिषविदों और पंडितों की सलाह के मुताबिक जानें कि वे कौन सी 6 चीजें हैं जिन्हें शनिवार के दिन पड़ने वाले धनतेरस पर भूलकर भी घर नहीं लाना चाहिए।
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लोहा और स्टील की चीजें
ज्योतिष शास्त्र में लोहे को सीधे तौर पर शनि देव से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, शनिवार के दिन लोहे की खरीदारी करना वर्जित माना जाता है। चूंकि इस बार धनतेरस भी शनिवार को है इसलिए इस दिन लोहे से बनी कोई भी वस्तु घर में नहीं लानी चाहिए।
अक्सर देखा जाता है कि लोग लोहे से बचने के लिए उसकी जगह स्टील के बर्तन खरीद लेते हैं। लेकिन आपको बता दें कि स्टील भी लोहे का ही एक मिश्र धातु होता है।
इसलिए ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, धनतेरस पर स्टील के बर्तन खरीदने से भी परहेज करना चाहिए। यह माना जाता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मकता आ सकती है और लक्ष्मी जी रूठ सकती हैं।
सरसों का तेल
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सरसों का तेल भी शनि देव को अति प्रिय है। हम सब जानते हैं कि हर शनिवार को लोग शनि मंदिरों में जाकर शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करते हैं। यह तेल शनिदेव से जुड़ा हुआ है। इसलिए शनिवार के दिन सरसों के तेल की खरीदारी को शुभ नहीं माना जाता है।
धनतेरस के दिन दीपक जलाना और पूजन करना होता है जिसके लिए तेल की आवश्यकता होती है। तो ज्योतिषविदों का मानना है कि यदि आपको सरसों के तेल की जरूरत है, तो आप इसे एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ही खरीदकर रख लें।
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चमड़े का सामान
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, चमड़े का सामान जैसे पर्स, बेल्ट, जूते, या बैग को भी धनतेरस के दिन घर लाना अशुभ माना जाता है। इसके पीछे धार्मिक कारण यह है कि चमड़े का निर्माण जानवरों की खाल से होता है।
इसे हिंदू धर्म में पवित्र त्योहार ों पर इस्तेमाल करना या घर लाना शुद्ध नहीं माना जाता। धनतेरस एक अत्यंत पवित्र और शुभ त्योहार है। इसलिए इस दिन ऐसी वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए जो अपवित्र मानी जाती हैं।
काले रंग की वस्तुएं
ज्योतिष में काले रंग को भी शनि से जोड़कर देखा जाता है और इसे अक्सर नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस का त्योहार सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर काले रंग की कोई भी वस्तु जैसे कपड़े, सजावटी सामान या कोई अन्य चीज घर लाने से परहेज करना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, ये माना जाता है कि काला रंग शुभ अवसरों पर घर में लाने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह अपशकुन हो सकता है।
खाली बर्तन
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा है। यदि आप कोई नया बर्तन जैसे कलश, सुराही या कोई अन्य पात्र खरीद रहे हैं तो एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि उसे कभी भी खाली घर न लाएं। इसे अशुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदा गया बर्तन समृद्धि और अन्नपूर्णा का प्रतीक होता है और खाली बर्तन घर लाना खालीपन को दर्शाता है। इसलिए, बर्तन को घर लाते समय उसमें कुछ शुभ सामग्री जैसे धनिया, चावल के दाने, जल या कोई मीठी वस्तु भरकर ही लाएं। ऐसा करना घर में बरकत लाता है और शुभ माना जाता है।
जानें धनतेरस का महत्व
धनतेरस माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का दिन है। इस दिन हमें खरीदारी करते समय इन धार्मिक मान्यताओं का ध्यान जरूर रखना चाहिए। जहां लोहा और स्टील शनि से जुड़े हैं वहीं चमड़ा, खाली बर्तन और काला रंग शुद्धता और समृद्धि के नजरिए से शुभ नहीं माने जाते।
ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, धनतेरस पूजाशुभ खरीदारी के लिए इस दिन आप सोने-चांदी के आभूषण, पीतल के बर्तन, धनिया, झाड़ू और गोमती चक्र जैसी वस्तुएं खरीद सकते हैं। ये सभी चीजें माता लक्ष्मी को प्रिय हैं और इन्हें खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। धार्मिक अपडेट Hindu News
FAQ
- इस बार धनतेरस पर लोहा क्यों नहीं खरीदना चाहिए?
इस वर्ष धनतेरस का त्यौहार शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को पड़ रहा है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र में लोहे को शनि देव की धातु माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शनिवार के दिन लोहे से बनी चीजों की खरीदारी करने से शनि देव नाराज हो सकते हैं। इसलिए, धनतेरस पर माता लक्ष्मी की कृपा और शनि देव की शांति बनाए रखने के लिए लोहे से बनी किसी भी वस्तु को घर न लाएं। - धनतेरस पर नए बर्तन को खाली घर लाना क्यों अशुभ माना जाता है?
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना धन और समृद्धि के आगमन का प्रतीक है। खाली बर्तन घर लाना 'खालीपन' या 'कमी' का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर की बरकत रुक जाती है। इसलिए यह परंपरा है कि जब भी आप कोई नया बर्तन खरीदें तो उसे घर लाते समय उसमें 'शुभ सामग्री' जैसे थोड़े से चावल, धनिया के बीज या जल भरकर लाएं। ऐसा करने से घर में अन्नपूर्णा और लक्ष्मी का वास होता है। - क्या शनिवार के दिन पड़ने वाले धनतेरस पर स्टील खरीदना भी वर्जित है?
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, शनिवार के दिन पड़ने वाले धनतेरस पर स्टील खरीदना भी वर्जित माना जाता है। हालांकि स्टील लोहे की तरह 'शुद्ध' लोहा नहीं है, लेकिन यह लोहे का एक मिश्र धातु है। लोहे की खरीदारी शनिवार को शुभ नहीं मानी जाती है, इसलिए उसी से संबंधित स्टील की वस्तुओं को खरीदने से भी बचना चाहिए। धनतेरस पर शुभ फल प्राप्त करने के लिए आप पीतल या तांबे के बर्तन खरीद सकते हैं।
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