मार्च में कब है भूतड़ी अमावस्या, नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए करें ये उपाय

Kaushiki | Mar 10, 2026, 12:59 IST
Chaitra Amavasya 2026
Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या 2026 की सही तिथि 19 मार्च है। इसे भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन पितृ तर्पण और दान करने से सभी कष्टों का नाश होता है।

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या हिंदू धर्म में बहुत खास और पावन दिन मानी जाती है। साल 2026 में ये 19 मार्च को मनाई जाएगी। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन पितरों का तर्पण करने से शांति मिलती है।



इसे भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं क्योंकि नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं। बुरी ऊर्जा से बचने के लिए इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना शुभ होता है। इस दिन किए गए दान और तर्पण से परिवार में अटकी खुशहाली वापस आती है।



चैत्र अमावस्या 2026 का शुभ मुहूर्त

क्यों कहते हैं इसे भूतड़ी अमावस्या

लोक मान्यताओं में चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन ब्रह्मांड में नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय रहती हैं।



अतृप्त आत्माएं इस समय पृथ्वी पर अपनी शांति के लिए भटकती महसूस की जाती हैं। विद्वान कहते हैं कि इनसे बचने के लिए ईश्वर की भक्ति करना जरूरी होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से शरीर की शुद्धि सुनिश्चित होती है।



हनुमान चालीसा का पाठ करें

अगर आपको जीवन में डर या अज्ञात बाधा महसूस होती है तो ये उपाय करें। अमावस्या के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना संकटों से मुक्ति दिलाता है।



भगवान शिव पर जल और दूध अर्पित करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाने से आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।



पितृ दोष शांति और दान का महत्व

भूतड़ी अमावस्यातिथि पितरों के ईष्ट भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है। काले तिल और जल से पितरों को अर्घ्य देना बहुत जरूरी होता है।



भूखे जीवों जैसे गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन कराना पुण्य का काम है। चींटियों को आटा और चीनी खिलाने से संचित पापों का नाश होता है। इस दिन घर की सफाई करके कबाड़ निकालना नई ऊर्जा का प्रतीक है।



चैत्र अमावस्या पर शत्रुओं पर विजय का मार्ग

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, पितृ मोक्ष अमावस्या के दिन काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाना फलदायी होता है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से असाध्य रोगों और भय से मुक्ति मिलती है। गायत्री मंत्र का पाठ करने से बुद्धि निर्मल और विचार पवित्र हो जाते हैं। शुद्ध मन से की गई पूजा ही ईश्वर तक शीघ्र पहुंचती है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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