क्या आप जानते हैं फाल्गुन नहीं, इस महीने में हुआ था शिव और पार्वती का विवाह

महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह नहीं, बल्कि दिव्य लिंग प्राकट्य का उत्सव है। शिव पुराण और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जानिए व्रत का रहस्य और शुभ मुहूर्त।

author-image
Kaushiki
New Update
mahashivratri
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

Mahashivratri 2026: भारतीय संस्कृति में महाशिवरात्रि का त्योहार सबसे बड़ा और पवित्र माना जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि बहुत शुभ होती है। 

बहुत से लोग समझते हैं कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। लेकिन शिव पुराण की रुद्र संहिता कुछ अलग ही कहानी बताती है। वास्तव में, पुराने समय में इसी तिथि को महादेव प्रथम बार अग्नि स्तंभ रूप में आए थे। 

ब्रह्मा जी और विष्णु जी के बीच श्रेष्ठता को लेकर एक बार भारी विवाद हुआ। तब महादेव ने एक अनंत दिव्य लिंग का रूप धारण कर सत्य का बोध कराया।

ब्रह्मा और विष्णु जी के बीच श्रेष्ठता के विवाद को सुलझाने के लिए शिव जी ने यह अनंत रूप लिया था। इसीलिए इस रात को ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है।

Mahashivratri 2020: When Goddess Parvati was scared after seeing ghosts in  Shivaji's barat महाशिवरात्रि 2020: जब शिवजी की बारात में भूत-प्रेत देखकर डर गई  थीं माता पार्वती - India TV Hindi

महाशिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त की तिथि को लेकर भक्तों में गहरा उत्साह बना हुआ है। पंचांग गणना के मुताबिक चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम से शुरू हो जाएगी। 

फाल्गुन चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे होगा। इस तिथि का समापन अगले दिन 16 फरवरी को शाम 5:34 बजे होगा।

शास्त्रों में महाशिवरात्रि पर्व की पूजा निशिता काल यानी मध्य रात्रि में प्रधान मानी गई है। इसलिए महाशिवरात्रि का मुख्य व्रत और पूजन 15 फरवरी को ही किया जाएगा। इसी रात भक्त महादेव का अभिषेक कर अपनी समस्त मनोकामनाएं पूरी कर सकेंगे।

Mahashivratri 2025: शिव-पार्वती जी का कैसे हुआ विवाह? जानें कार्तिकेय के  जन्म और ताड़कासुर के अंत से क्या है संबंध? - Mahashivratri 2025 shiv  parvati vivah katha kartikey ka ...

शिव-पार्वती विवाह का शास्त्र सम्मत सत्य

लोक कथाओं में महाशिवरात्रि को शिव विवाह का दिन माना जाता रहा है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र और शिव पुराण के अध्याय कुछ अलग ही प्रमाण देते हैं। शिव पुराण के मुताबिक, माता सती से शिव का विवाह चैत्र मास में हुआ था।

वहीं देवी पार्वती के साथ महादेव का विवाह मार्गशीर्ष मास में संपन्न हुआ था। उज्जैन के प्रकांड विद्वानों के मुताबिक महादेव का विवाह मार्गशीर्ष कृष्ण द्वितीया को हुआ था। 

फाल्गुन चतुर्दशी तो वास्तव में महादेव के निराकार से साकार होने की महान रात्रि है। इस रात शिव के अनन्त ज्योति स्वरूप की पूजा करने का विशेष विधान बताया गया है। इसलिए, शास्त्रों में विवाह उत्सव और महाशिवरात्रि दो अलग-अलग आध्यात्मिक घटनाएं हैं।

Falgun Month 2024: फाल्गुन माह में क्या करें और क्या न करें? महीना शुरू होने  से पहले जान लें ये जरूरी बातें | Falgun month 2024 Do and Donts Falgun  Mahina Starting Date

शिवलिंग पूजन व्रत का आध्यात्मिक फल

भारतीय संस्कृति में महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का शुद्ध जल और पंचामृत से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी जन्मों के पाप नष्ट होते हैं।

महादेव के आशीर्वाद से साधक को सुख, समृद्धि, धन और आरोग्य की प्राप्ति होती है। गृहस्थ जीवन में सुख और शांति के लिए यह व्रत संजीवनी के समान है।

भगवान शिव अपने भक्तों के मानसिक संताप और शारीरिक रोगों का नाश करते हैं। निशिता काल में की गई साधना साधक को अमोघ शक्ति और विजय प्रदान करती है।

महादेव ने माता पार्वती को बताए थे 5 रहस्य, खुशहाल जीवन के छिपे हैं मंत्र -  Religion AajTak

महाशिवरात्रि पर रात्री जागरण 

महाशिवरात्रि के अवसर पर रात्री जागरण का आध्यात्मिक महत्व भी अत्यंत गहरा माना गया है। शास्त्रों के मुताबिक, इस विशेष रात्रि में ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रवाह बहुत शक्तिशाली होता है।

पूरी रात जागकर महादेव का भजन-कीर्तन करने से साधक की चेतना जागृत होती है और चक्रों का संतुलन बना रहता है। ये केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि स्वयं को ईश्वर के करीब ले जाने का एक वैज्ञानिक मार्ग भी है। इस पवित्र रात्रि में किया गया ध्यान सीधे मोक्ष के मार्ग को श्रेष्ठ करता है।

ये खबरें भी पढ़ें...

माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि और एकादशी तक, देखें फरवरी 2026 के व्रत और त्योहार

Narmada Jayanti: शिव के पसीने की एक बूंद से कैसे हुआ इस मोक्षदायिनी नदी का जन्म

क्या है उज्जैन के 84 महादेव शिवलिंग का अद्भुत रहस्य, जानें महाकाल के इन सेवकों का राज्य

पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे

भगवान शिव महाशिवरात्रि पर्व महाशिवरात्रि Mahashivratri भारतीय संस्कृति मां पार्वती शुभ मुहूर्त महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त
Advertisment