क्या है उज्जैन के 84 महादेव शिवलिंग का अद्भुत रहस्य, जानें महाकाल के इन सेवकों का राज्य
Latest Religious News: उज्जैन नगरी भगवान शिव की अत्यंत प्रिय नगरी मानी जाती है। यहां के राजा स्वयं बाबा महाकाल हैं। इनके अलावा 84 अन्य महादेव शिवलिंग भी पूजे जाते हैं। सिंहस्थ कुंभ के दौरान इन 84 लिंगों की पूजा का विधान और महत्व बहुत खास है।
स्कंद पुराण के मुताबिक, उज्जैन के राजा महाकाल के ये 84 महादेव उनके प्रतिनिधि कहलाते हैं। ये सभी शिवलिंग मिलकर महाकाल के दिव्य राज्य की रक्षा करते हैं।
स्कंद पुराण के मुताबिक, ऐसी मान्यता है कि इन 84 शिवलिंगों के दर्शन जरूर करने चाहिए। इससे भक्त को चौरासी लाख योनियों के बंधन से मुक्ति मिलती है।
स्कंद पुराण के मुताबिक, सिंहस्थ कुंभ (उज्जैन सिंहस्थ 2028) में इन सभी 84 महादेव की परिक्रमा अनिवार्य मानी जाती है। मान्यता है कि इसके बिना कुंभ दर्शन और उसका पूरा फल नहीं मिलता है।
मान्यता है कि हर महादेव लिंग किसी विशेष इच्छा और कामना को पूरा करने वाला होता है। भक्तों की सभी जरूरतों को ये शिवलिंग पूरा करते हैं।
मान्यता है कि सच्चे मन से इन शिवलिंगों पर जल और बेलपत्र चढ़ाने चाहिए। इससे मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के सभी पाप पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं।
इन मंदिरों की तीर्थ यात्रा से मन को असीम सुख और शांति मिलती है। भक्त जीवन के सभी दुखों से दूर होकर परम आनंद को प्राप्त करता है।
ये 84 महादेव उज्जैन की प्राचीन धार्मिक विरासत का आधार हैं। वे शिव भक्तों की अटूट श्रद्धा और आस्था के महान प्रतीक हैं। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।