Karwa Chauth 2025: अखंड सौभाग्य के लिए करवाचौथ पर जरूर करें ये 5 काम, प्रेम से भर जाएगा वैवाहिक जीवन

Kaushiki | Oct 06, 2025, 13:32 IST
Karwa Chauth 2025
करवाचौथ 2025 (10 अक्टूबर) पर अखंड सौभाग्य और वैवाहिक प्रेम बढ़ाने के लिए पत्नी को सोलह श्रृंगार और लाल वस्त्र धारण करने चाहिए। पति-पत्नी के बीच की अनबन दूर करने के लिए हल्दी मिश्रित दीपक से गणेश पूजा करें

Karva Chauth 2025:करवा चौथ का त्योहार सभी शादीशुदा जोड़े के लिए केवल एक व्रत नहीं बल्कि समर्पण, त्याग और अटूट प्रेम की एक दिव्य गाथा है। यह वो दिन है जब पत्नी अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती है।



साल 2025 में ये पावन व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा। यह पर्व पति-पत्नी के बीच के रिश्ते में मिठास को बढ़ाने और किसी भी तरह की अनबन या मनमुटाव को दूर करने का एक सुनहरा अवसर भी माना जाता है।



भारतीय धर्म शास्त्रों और लोक मान्यताओं के मुताबिक, इस विशेष तिथि पर किए गए कुछ सरल काम वैवाहिक संबंधों को नई ऊर्जा और प्रेम से भर देते हैं। ये न केवल पति-पत्नी के बीच के मतभेदों को मिटाते हैं बल्कि जीवन में सुख, शांति और प्रेम भी लाते हैं। यहां जानें करवा चौथ के दिन आपको क्या करना चाहिए...



सोलह श्रृंगार चढ़ाना

करवा चौथ के दिन सोलह श्रृंगार करना केवल एक परंपरा नहीं बल्कि वैवाहिक जीवन को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। मान्यता है कि इस दिन सोलह श्रृंगार करके व्रत करने वाली स्त्री में देवी पार्वती और मां लक्ष्मी का स्वरूप आता है।



  • क्या करें: मान्यताओं के मुताबिक, व्रत के दिन सोलह श्रृंगार पूरी श्रद्धा से करें। इसके बाद मां पार्वती जिन्हें अखंड सौभाग्य की देवी माना जाता है और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें।
  • लाभ: इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम और आपसी समझ बढ़ती है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। यह उपाय अखंड सौभाग्य प्रदान करता है।

लाल रंग के वस्त्र

Karwa Chauth 2025 में पहनावे और रंग का धार्मिक महत्व बहुत गहरा होता है। लाल रंग को पारंपरिक रूप से प्रेम, शक्ति और सुहाग की निशानी माना गया है। यह रंग ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है।



  • क्या करें: मान्यताओं के मुताबिक, करवा चौथ की पूजा के समय और चंद्र दर्शन के दौरान लाल रंग की साड़ी या लाल रंग के वस्त्र ही धारण करें। यदि लाल रंग संभव न हो तो गुलाबी या गहरा रानी रंग भी शुभ माना जाता है।
  • लाभ: लाल रंग के वस्त्र पहनने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

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हल्दी मिश्रित दीपक से गणेश पूजा

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है। यदि किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार बहस या तनाव रहता है तो उनकी पूजा अत्यंत शुभ फल देती है।



  • क्या करें: मान्यताओं के मुताबिक, करवा चौथ की पूजा के समय, विशेष रूप से भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने, एक दीपक लें और उसमें थोड़ा हल्दी मिलाकर आरती करें। पूजा के बाद यह दीपक गणेश जी के चरणों में अर्पित कर दें।
  • लाभ: ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह के मतभेद या अलगाव दूर होते हैं और रिश्तों में मिठास आती है।

दूध मिश्रित जल से चंद्रमा को अर्घ्य

चंद्रमा को शांति, मानसिक संतुलन और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष में चंद्र को मन का कारक ग्रह भी कहा गया है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से शीतलता और मानसिक शांति मिलती है।



  • क्या करें: मान्यताओं के मुताबिक, रात में चंद्र दर्शन के बाद एक साफ बर्तन लें और उसमें सादे जल के साथ कच्चे दूध की कुछ बूंदें डालें। इस दूध वाले पानी से चंद्रमा को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय “ऊं नम: शिवाय” या “ॐ सों सोमाय नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • लाभ: इस उपाय से पति-पत्नी के बीच स्नेह और समझदारी बढ़ती है और मनमुटाव दूर होते हैं।

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संबंध को करें मजबूत

यह उपाय धार्मिक अनुष्ठान से अधिक मानवीय और भावनात्मक है। करवा चौथ पर पत्नी द्वारा किए गए त्याग के प्रति पति को अपना प्रेम और आभार व्यक्त करना चाहिए।



  • क्या करें: मान्यताओं के मुताबिक, चंद्र पूजा संपन्न होने के बाद, पति को अपनी पत्नी को प्रेमपूर्वक कोई उपहार भेंट करना चाहिए। यह उपहार लाल रंग का वस्त्र, कोई आभूषण या श्रृंगार का सामान हो सकता है। उपहार देते समय पत्नी को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर व्रत खोलवाएं।
  • लाभ: यह क्रिया विश्वास और सम्मान को मजबूत करती है, जिससे रिश्ता भावनात्मक रूप से सशक्त होता है और रिश्ते में मिठास कायम रहती है।

करवाचौथ 2025 शुभ मुहूर्त

  • Karwa Chauth 2025 की तिथि: साल 2025 में करवाचौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा।
  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: कार्तिक माह (करवा चौथ की कथा)के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होगी।
  • चतुर्थी तिथि समापन: यह तिथि 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे समाप्त होगी।
  • करवाचौथ व्रत शुभ मुहूर्त: (करवा चौथ की पूजन विधि) करवाचौथ की पूजा करने का सबसे अच्छा समय (शुभ मुहूर्त) सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक रहेगा।
  • चंद्रोदय का समय: इस दिन चंद्रमा का उदय शाम 7 बजकर 42 मिनट पर होगा।

(नोट: कुछ अन्य पंचांगों के मुताबिक, चंद्रमा निकलने का समय 8:12 मिनट भी बताया जा रहा है। स्थानीय समय के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग की पुष्टि करें।)



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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